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स्मार्टफोन में खास दिलचस्पी क्यों नहीं दिखा रहे कश्मीर के नागरिक ?

व्यापार डेस्क:  कश्मीर में रहने वाले लोगो को पिछले साल 5 अगस्त से इन्टरनेट की सुविधाएं नही मिल रही थी . इन्टरनेट की कटौती की वजह से वहाँ के नागरिको में स्मार्टफोन के प्रति कोई खास दिलचस्पी नही थी. क्योंकि सब मानेगे कि आज के दौर में बिना इन्टरनेट के महंगे से महंगे मोबाइल का कोई मतलब नही रह जाता है.और कश्मीर में इतने लम्बे समय से इन्टरनेट की सुविधाए बंद होने से स्मार्टफोन की बिक्री पर काफ़ी असर पड़ा है.

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एक फ़ोन स्टोर में काम करने वाले वसीम अहमद कहते हैं, “मेरे कई साथियों की नौकरी जा चुकी है. जल्द ही मैं भी नौकरी खोने वाले सैकड़ों लोगों में शामिल हो सकता हूं. मैं बहुत कम उम्र से इस उद्योग में काम कर रहा हूं, लेकिन अब इंटरनेट पाबंदी की वजह से मेरी नौकरी पर बन आई है.”

एक फ़ोन स्टोर में काम करने वाले वसीम अहमद कहते हैं, “मेरे कई साथियों की नौकरी जा चुकी है. जल्द ही मैं भी नौकरी खोने वाले सैकड़ों लोगों में शामिल हो सकता हूं. मैं बहुत कम उम्र से इस उद्योग में काम कर रहा हूं, लेकिन अब इंटरनेट पाबंदी की वजह से मेरी नौकरी पर बन आई है.”

कश्मीर चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ने हाल में एक सर्वे जारी किया है, जिसमें दावा किया गया है कि घाटी में 18 हज़ार करोड़ रुपए का आर्थिक नुकसान हुआ है.

सर्वे के मुताबिक पिछले साल 5 अगस्त से इंटरनेट बैन और दूसरी पाबंदियों की वजह से कम-से-कम पांच लाख लोगों की नौकरी चली गई है.

भारत के उद्योग और वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने अपनी कश्मीर यात्रा के दौरान कहा कि भारत सरकार कश्मीर के लिए जल्द ही एक औद्योगिक पैकेज की घोषणा करेगी.

इंटरनेट बैन की वजह से हुए नुक़सान से लोग इतने परेशान हैं कि इस घोषणा ने उनके अंदर कोई उम्मीद पैदा नहीं की.

कश्मीर के बिज़नेस हब श्रीनगर में एक स्मार्टफ़ोन डीलर मुनीर कुरैशी कहते हैं, “पांच अगस्त से पहले तक एक महीने में 40 हज़ार फोन बिक जाते थे, लेकिन अब मुश्किल से दो हज़ार फोन बिकते हैं. हमारे व्यापार में 95 प्रतिशत की कमी आई है.”

बिक्री में आई कमी से सिर्फ व्यापारियों को ही नुकसान नहीं हो रहा बल्कि इससे हज़ारों सेल्समैन और टेक्नीशियनों के काम पर भी असर पड़ा है.

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