• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

क्यों मनाया जाता है धनतेरस, जानें पौराणिक कथा और महत्व

Writer D by Writer D
20/10/2022
in धर्म, फैशन/शैली
0
Dhanteras

Dhanteras

15
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

भगवान विष्णु के अंशावतार एवं देवताओं के वैद्य भगवान धन्वन्तरि का प्राकट्यपर्व धनतेरस (Dhanteras) कार्तिक कृष्णपक्ष त्रयोदशी को 22 अक्टूबर दिन शनिवार को मनाया जाएगा। ये पर्व प्रदोष व्यापिनी तिथि में मनाने का विधान है। इस दिन परिवार में आरोग्यता के लिए घर के मुख्य दरवाजे पर यमदेव का स्मरण करके दक्षिण मुख अन्न आदि रखकर उस पर दीपक स्थापित करना चाहिए। गृहस्थों को इसी अवधि के मध्य ‘ॐ नमो भगवते धन्वंतराय विष्णुरूपाय नमो नमः। मंत्र से षोडशोपचार विधि द्वारा पूजन अर्चन करना चाहिए जिसके फलस्वरूप परिवार में दीर्घआयु एवं आरोग्यता बनी रहती है।

पौराणिक कथा

धन्वन्तरी जयंती या धनतेरस (Dhanteras)  मनाये जाने के सन्दर्भ में ये घटना आती है कि, पूर्वकाल में देवराज इंद्र के अभद्र आचरण के परिणामस्वरूप महर्षि दुर्वासा ने तीनों लोकों को श्रीहीन होने का श्राप दे दिया था जिसके कारण अष्टलक्ष्मी पृथ्वी से अपने लोक चलीं गयीं। पुनः तीनो लोकों में श्री की स्थापना के लिए व्याकुल देवता त्रिदेवों के पास गए और इस संकट से उबरने का उपाय पूछा। महादेव ने देवों को समुद्रमंथन का सुझाव दिया जिसे देवताओं और दैत्यों ने सहर्ष स्वीकार कर लिया।

वास्तु के अनुसार करें मां लक्ष्मी के स्वागत की तैयारी, बरसेगी मां लक्ष्मी की कृपा समुद्र मंथन की भूमिका में मंदराचल पर्वत को मथानी और नागों के राजा वासुकी को मथानी के लिए रस्सी बनाया गया। वासुकी के मुख की ओर दैत्य और पूंछ की ओर देवताओं को किया गया और समुद्र मंथन आरम्भ हुआ।

समुद्रमंथन से चौदह प्रमुख रत्नों की उत्पत्ति हुई जिनमें चौदहवें रत्न के रूप में स्वयं भगवान धन्वन्तरि प्रकट हुए जो अपने हाथों में अमृतकलश लिए हुए थे। भगवान विष्णु ने इन्हें देवताओं का वैद्य और वनस्पतियों तथा औषधियों का स्वामी नियुक्त किया। इन्हीं के वरदान स्वरूप सभी वृक्षों-वनस्पतियों में रोगनाशक शक्ति का प्रादुर्भाव हुआ।

आजकल व्यापारियों ने ‘धनतेरस’ का भी बाजारीकरण कर दिया है और इसदिन को विलासिता पूर्ण वस्तुओं के क्रय का दिन घोषित कर रखा है जो सही नहीं है। इसका कोई भी सम्बन्ध भगवान् धन्वन्तरि से नहीं है। ये आरोग्य और औषधियों के देव हैं न कि हीरे-जवाहरात या अन्य भौतिक वस्तुओं के। अतः इस दिन इनकी पूजा-आराधना अपने और परिवार के स्वस्थ शरीर के लिए करें क्योंकि, संसार का सबसे बड़ा धन आरोग्य शरीर है। आयुर्वेद के अनुसार भी धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष की प्राप्ति स्वस्थ शरीर और दीर्घायु से ही संभव है।

Tags: Dhanterasdhanteras 2022dhanteras 2022 date and timedhanteras kab haiDhanteras puja vidhiधनतेरस
Previous Post

20 अक्टूबर राशिफल: आज इनको हो सकता है धनलाभ

Next Post

दिवाली पर ऐसे करें पूजा, लक्ष्मी-गणेश की बरसेगी कृपा

Writer D

Writer D

Related Posts

Glowing Skin
फैशन/शैली

चेहरे की खोई रंगत को वापस पाने के लिए आज़माएँ ये तरीके

20/02/2026
Hair
Main Slider

बेजान बालों में नई जान डालता है घी, जानें इसके फायदे

20/02/2026
lips
फैशन/शैली

पतले होंठों को भी दिखा सकते हैं आकर्षक, इन टिप्स की लें मदद

20/02/2026
coconut oil
फैशन/शैली

इससे बनाएं होममेड बॉडी लोशन, स्किन बनेगी सॉफ्ट

20/02/2026
Pimples
फैशन/शैली

फेस के दाग धब्बों से छुटकारा पाएं, बस करें ये घरेलू उपाय

20/02/2026
Next Post
diwali

दिवाली पर ऐसे करें पूजा, लक्ष्मी-गणेश की बरसेगी कृपा

यह भी पढ़ें

सीएम योगी

अचानक हुई बर्फबारी से केदारनाथ में फंसे के CM योगी और त्रिवेन्द्र सिंह

16/11/2020
Suicide

बेगम खैर स्कूल के पूर्व प्रबंधक ने की आत्महत्या

20/09/2023
Once again Virat missed his 71st century, fans were disappointed

एक बार फिर विराट अपनी 71वीं सेंचुरी लगाने से चूके, फैंस हुए निराश

20/06/2021
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version