• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

संसद का शीतकालीन सत्र रद्द होना, लोकतंत्र के लिए अच्छा नहीं: पृथ्वीराज चव्हाण

Desk by Desk
15/12/2020
in Main Slider, ख़ास खबर, नई दिल्ली, महाराष्ट्र, राजनीति, राष्ट्रीय
0
पृथ्वीराज चव्हाण Prithviraj Chavan

पृथ्वीराज चव्हाण

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

नई दिल्ली। संसद का शीतकालीन सत्र न बुलाने पर महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि यह लोकतंत्र के लिए अच्छे संकेत नहीं हैं।

पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा कि केंद्र ने शीतकालीन सत्र रद्द कर दिया है। उन्होंने कहा कि मैं इसकी कड़ी निंदा करता हूं। रूस और भारत केवल दो देश हैं जिन्होंने संसदीय सत्र को रद्द कर दिया है। यह डेमोक्रेसी के लिए अच्छा संकेत नहीं है। अगर विधानसभा चुनाव हो सकते हैं, अगर पॉलिटिकल रैलियां हो सकती हैं। तो विंटर सेशन भी बुलाना चाहिए था। यह तानाशाही है और कुछ नहीं।

पृथ्वीराज चव्हाण ने किसान आंदोलन के मसले पर केंद्र की मोदी सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि केंद्र ने इन कृषि कानूनों को इतनी जल्दीबाजी से क्यों पारित किया है? उन्हें इसे पारित करने के लिए समय निकालना चाहिए था। पंजाब और हरियाणा को इस हड़ताल के कारण नुकसान उठाना पड़ रहा है, लेकिन इस विरोध के लिए कौन जिम्मेदार है? किसान ऐसा क्यों कर रहे हैं? हड़ताल से अर्थव्यवस्था प्रभावित हो रही है।

बहरहाल, कोरोना संकट का हवाला देते हुए इस बार संसद का शीतकालीन सत्र आयोजित नहीं किया जा रहा है। यह काफी लंबे समय बाद हो रहा है जब संसद का कोई सत्र नहीं हो रहा है। इसी मसले पर बीते दिनों लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने संसदीय मंत्री को पत्र लिखा था।

भारतीय नौसेना को मिलेगी 38 ब्रह्मोस मिसाइल, बढ़ेगी ताकत

संसदीय मंत्री ने जवाब में अधीर रंजन को लिखा कि कोरोना संकट के कारण इस बार मॉनसून सत्र भी सितंबर में हो पाया था, जिसमें काफी सावधानी बरती गई थी। लेकिन इस बार सर्दी का मौसम कोरोना संकट के कारण काफी अहम है और दिल्ली में भी मामले बढ़े हैं। अभी दिसंबर आधा बीत गया है और हमें जल्द ही कोरोना वैक्सीन मिलने की उम्मीद है। ऐसे में मैंने कई फ्लोर लीडर्स से संपर्क किया है और शीतकालीन सत्र पर बात की है।

Tags: cancelledCenterMLA and former Maharashtra CMPrithviraj Chavanthe winter sessionपृथ्वीराज चव्हाण
Previous Post

पशुपालन घोटाले के आरोपी निलंबित DIG अरविंद सेन पर 25 हजार का इनाम घोषित

Next Post

बीजेपी से बड़ा कोई चोर नहीं है, वे चंबल के डकैत हैं : ममता बनर्जी

Desk

Desk

Related Posts

Ants
Main Slider

चीटियों को घर से भगाने के लिए करें ये समाधान

30/05/2026
Dark Neck
फैशन/शैली

काली गर्दन दूसरों के आगे करती है शर्मिंदा, तो ऐसे पाएं छुटकारा

30/05/2026
Nausena Shaurya Vatika
उत्तर प्रदेश

नौसेना शौर्य वाटिका का लोकार्पण 30 मई को, मुख्यमंत्री योगी व रक्षा मंत्री करेंगे लोकार्पण

29/05/2026
CM Yogi honored the beneficiaries of various schemes.
उत्तर प्रदेश

मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को किया सम्मानित

29/05/2026
CM Dhami and Nitin Nabin performed Ganga Aarti
राजनीति

ऋषिकेश में गंगा तट पर आध्यात्म और संस्कृति का संगम, सीएम धामी व नितिन नबीन ने की गंगा आरती

29/05/2026
Next Post
ममता बनर्जी Mamta Banerjee

बीजेपी से बड़ा कोई चोर नहीं है, वे चंबल के डकैत हैं : ममता बनर्जी

यह भी पढ़ें

72 साल पुरानी शराब खरीदने की होड़ 72 year old competition to buy liquor

72 साल पुरानी शराब खरीदने की लगी होड़, इतने लाख में बिकी एक बोतल

30/01/2021
Tulsi

तुलसी लगाते समय इन नियमों का करें पालन

13/09/2025
Swami Prasad Maurya

श्रमिकों के कल्याण के लिए भाजपा सरकार ने खोला खजाने का द्वार: स्वामी प्रसाद मौर्य

24/11/2021
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version