महिलाएं हर क्षेत्र में पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर कर रही है काम

अर्ली मैथ एबिलिटी टेस्ट
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आज के समय में महिलाएं हर क्षेत्र में पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रहीं हैं। इस बात को लेकर कोई संदेह नहीं है, लेकिन यह बात भी कोई झुठला की जब कोई आपके साथ, आपकी बराबरी का काम कर रहा होता है तो उसके साथ आपकी तुलना भी होती ही है। यह तुलना सिर्फ नौकरी या कारोबार के क्षेत्र में ही नहीं बल्कि बच्चे के पैदा होते ही शुरू हो जाता है। जर्नल साइंस ऑफ लर्निंग ने करनेगी मेलों विश्वविद्यालय द्वारा किया गया एक ऐसा ही शोध प्रकाशित किया है। जिसमें तीन से आठ साल के लड़के और लड़कियों के दिमाग के विकास पर जांच की गई है। इस शोध में गणित को आधार बनाया गया है। इस शोध के बारे में अधिक जानने के लिए अगली स्लाइड पढ़ें।

शोध में गणित के सामान्य प्रशनों को हल करते समय, लड़के और लड़कियों दोनों के मस्तिष्क की गतिविधि के समान पैटर्न पाए गए है।

शोधकर्ता जेसिका कैंटन ने बताया कि हमने ब्रेन इमेजिंग के माध्यम से भी शोध किया जिसमें दोनों ही(लडके और लड़कियों) के मस्तिष्क कार्य या गणित की क्षमता में कोई अंतर नहीं मिला। इसलिए हमें दोबारा सोचने की जरुरत है कि बच्चें गणित में क्या हासिल कर सकते हैं।

उनकी टीम ने 104 युवा बच्चों में मस्तिष्क की गतिविधि को मापने के लिए उस समय फंक्शनल एमआरआई का उपयोग किया जब बच्चे गणित के विषयों पर एक एजुकेशनल वीडियो देख रहे थे। मस्तिष्क की परिपक्वता जांचने के लिए शोधकर्ताओं ने बच्चों के स्कैन की तुलना उन वयस्कों के स्कैन से की जिन्होंने गणित का वही वीडियो देखा था।

शोध के परिणामों में शोधकर्ताओं को लड़के और लड़कियों के मस्तिष्क विकास में कोई अंतर नहीं मिला। शोधकर्ताओं को जांच में यह भी पता चला कि दोनों के ही गणित कौशल या वीडियो देखते समय मस्तिष्क की गतिविधियों में कोई अंतर नहीं था।

शोधकर्ताओं ने बच्चों का ‘अर्ली मैथ एबिलिटी टेस्ट’ भी किया। जिसमें तीन से आठ साल के 97 बच्चे शामिल हुए। इस शोध में भी यही बात सामने आई की बच्चों के गणित क्षमता में कोई अंतर नहीं है।

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