भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं की गुंडागर्दी, स्वामी अग्निवेश को सरेआम पीटा

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पाकुड़। झारखंड के पाकुड़ जिले में भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं की गुंडा गर्दी देखने को मिली है। आरोप है कि विरोध कर रहे कार्यकर्ताओं ने 79 वर्षीय स्वामी अग्निवेश को पहले धक्का देकर जमीन पर गिरा दिया फिर उनकी पिटायी कर दी गयी। साथ ही उन पर पत्थर बाजी की कोशिश भी गयी। इस बाद उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ता स्वामी अग्निवेश का विरोध कर रहे थे। इस दौरान जब स्वामी उनसे बात करने आये तो उन पर हमला बोल दिया गया।

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स्वामी अग्निवेश के फाड़ दिए गए कपड़े

जानकारी के मुताबिक स्वामी अग्निवेश लिट्टीपाड़ा में आयोजित पहाडिय़ा समाज के 195 दामिन दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने मंगलवार सुबह पाकुड़ पहुंचे हुए थे। वह सुबह रांची ट्रेन से पाकुड़ पहुंचे मुस्कान पाकुड़ के मुस्कान होटल में ठहरे हुए थे। यहां पर उन्होंने मीडिया को करीब 10.30 बजे संबोधित किया। वहीं होटल के बाहर भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ता नारेबाजी करने लगे इस दौरान सड़क पर जाम लग गया।

वहीं स्वामी जब उन कार्यकर्ताओं से बातचीत करने बाहर आये तो काला झंड़ा दिखाने से शुरू हुआ। मामला साथ सिर्फ धक्का-मुक्की तक ही नहीं बल्कि लात जुत्तो तक पहुंच गया। स्वामी अग्निवेश को धकेल कर नीचे गिरा दिया। उनका कपड़ा फाड़ दिया गया, पगड़ी खोल दी गयी। इस दौरान बीजेपी युवा मोर्चा कार्यकर्ता स्वामी अग्निवेश के खिलाफ नारा लगाया, जय श्री राम, अग्निवेश भारत छोड़ो, अग्निवेश पाकुड़ में नहीं रहना होगा जैसे नारे लगाते रहे।

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पुलिस प्रशासन से नहीं मिली मदद

जिस वक्त ये कार्यकर्ता सड़क जाम करके हंगामा कर रहे थे उस वक्त पुलिस प्रशासन नदारद दिखा। घटना स्थल पर पहुँचने के बाद भी पुलिस 1 घंटे के बाद तक सडक़ जाम नहीं हटवाया सकी। हाडिय़ा समाज हिल असेम्बली के लोगों ने स्वामी अग्निवेश को ले जाने के लिए मौके पर मौजूद रहे। लेकिन इस घटना को रोकने के लिए वह भी कुछ नहीं कर सके। पहाडिय़ा समाज के लोग बेहद शांतिपूर्ण तरीके से स्वामी अग्निवेश को अपने साथ लिट्टीपाड़ा में आयोजित सम्मेलन में ले जाने के लिए पहुंचे हुए थे।

स्वामी अग्निवेश का इस मामले में बयान 

हमले के बाद स्वामी अग्निवेश ने अपने बयान में कहा कि वहां पर कोई पुलिस कर्मी मौजूद नहीं था। बल्कि एसपी और डीएम से बार-बार कहने के बावजूद वह नहीं आये। मुझे बताया गया कि एवीबीपी और भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ता विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मैंने उनसे कहा कि उन्हें विरोध प्रदर्शन करने की कोई जरुरत नहीं है। वह अंदर आकर उनसे बात कर सकते हैं लेकिन कोई भी बात करने के लिए नहीं आया।

स्वामी ने आगे बताया कि जब वह उनसे बात करने निकले तो उन पर हमला किया गया। उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया उन्हें मां-बहन की भद्दी गलियां दी गयी। उन्होंने कहा कि सीसीटीवी कैमरे और मीडिया के कैमरे में ये पूरी घटना कैद हो गयी है आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए।

भाजपा युवा मोर्चा का स्वामी अग्निवेश पर गंभीर आरोप

भाजपा युवा मोरचा के कार्यकर्ताओं का आरोप है कि अग्निवेश यहां आदिवासियों और ईसाई मिशनरियों को भडक़ाने आये हैं। अग्निवेश पर कार्यकर्ताओं ने ईशाई मिशनरी के इशारे पर काम करने का भी आरोप लगाया है। प्रदर्शन के दौरान ‘स्वामी अग्निवेश होश में आओ’ के नारे लगे. जानकारी के अनुसार स्वामी अग्निवेश के साथ मौजूद लोगों से भी हाथापाई की गयी। स्वामी अग्निवेश झारखंड की राजनीतिक स्थिति पर टिप्पणी करते रहे हैं। हाल में ही उन्होंने, सरकार की नीतियों को आदिवासी हित के कानूनों को बदलने की साजिश करार दिया था।

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सामाजिक कार्यकर्ता स्वामी अग्निवेश, आदिवासी बुद्धिजीवी मंच के सदस्य जॉनसन मसीह टूटी व अन्य ने खूंटी डीसी सूरज कुमार को उनके कार्यालय में अनुसूचित क्षेत्रों के प्रशासन के संवैधानिक प्रावधान व अन्य कानूनों की जरूरत बनाम शांति व स्वच्छ प्रशासन के विषय पर ज्ञापन सौंपा था।

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