• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

कर्ज से छुटकारा पाने के लिये ऐसे करें भगवान शिव की पूजा

Writer D by Writer D
24/08/2021
in Main Slider, धर्म, फैशन/शैली
0
pradosh vrat in 2020

भगवान शिव

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

धर्म डेस्क। हर माह के दोनों पक्षों की त्रयोदशी को प्रदोष व्रत किया जाता है। आज त्रयोदशी तिथि है। त्रयोदशी तिथि रात 10 बजकर 34 मिनट तक रहेगी | हर माह के कृष्ण और शुक्ल, दोनों पक्षों की त्रयोदशी को प्रदोष व्रत होता है और सप्ताह के सातों दिनों में से जिस दिन प्रदोष व्रत पड़ता है, उसी के नाम पर उस प्रदोष का नाम रखा जाता है |

इस माह अधिक मास में प्रदोष व्रत पड़ रहा है जिससे इसका महत्व और अधिक बढ़ जाता है। कर्ज से छुटकारा पाने के लिये और अपनी आर्थिक स्थिति को बेहतर करने के लिये भौम प्रदोष विशेष महत्व रखता है। साथ ही अपने दाम्पत्य जीवन से उदासी को दूर करने के लिये और दाम्पत्य जीवन की ऊष्मा को बढ़ाने के लिये और बिजनेस में आर्थिक समस्याओं से मुक्ति के लिये भौम प्रदोष व्रत कैसे आपके लिये लाभदायक सिद्ध हो सकता है। जानिए शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और व्रत कथा।

भौम प्रदोष व्रत पूजा विधि

प्रदोष व्रत के दिन ब्रह्ममुहूर्त में उठ कर सभी कामों से निवृत्त होकर भगवान शिव का स्मरण करें। इसके साथ ही इस व्रत का संकल्प करें। इस दिन भूल कर भी कोई आहार न लें। शाम को सूर्यास्त होने के एक घंटें पहले स्नान करके सफेद कपडे पहनें। इसके बाद ईशान कोण में किसी एकांत जगह पूजा करने की जगह बनाएं। इसके लिए सबसे पहले गंगाजल से उस जगह को शुद्ध करें फिर इसे गाय के गोबर से लिपे। इसके बाद पद्म पुष्प की आकृति को पांच रंगों से मिलाकर चौक को तैयार करें।

इसके बाद आप कुश के आसन में उत्तर-पूर्व की दिशा में बैठकर भगवान शिव की पूजा करें। भगवान शिव का जलाभिषेक करें साथ में ऊं नम: शिवाय: का जाप भी करते रहें। इसके बाद विधि-विधान के साथ शिव की पूजा करें फिर इस कथा को सुन कर आरती करें और प्रसाद सभी को बाटें।

भौम प्रदोष व्रत कथा

स्कंद पुराण के अनुसार प्राचीन काल में एक विधवा ब्राह्मणी अपने पुत्र को लेकर भिक्षा लेने जाती और संध्या को लौटती थी। एक दिन जब वह भिक्षा लेकर लौट रही थी तो उसे नदी किनारे एक सुन्दर बालक दिखाई दिया जो विदर्भ देश का राजकुमार धर्मगुप्त था। शत्रुओं ने उसके पिता को मारकर उसका राज्य हड़प लिया था। उसकी माता की मृत्यु भी अकाल हुई थी। ब्राह्मणी ने उस बालक को अपना लिया और उसका पालन-पोषण किया।

कुछ समय पश्चात ब्राह्मणी दोनों बालकों के साथ देवयोग से देव मंदिर गई। वहां उनकी भेंट ऋषि शाण्डिल्य से हुई। ऋषि शाण्डिल्य ने ब्राह्मणी को बताया कि जो बालक उन्हें मिला है वह विदर्भदेश के राजा का पुत्र है जो युद्ध में मारे गए थे और उनकी माता को ग्राह ने अपना भोजन बना लिया था। ऋषि शाण्डिल्य ने ब्राह्मणी को प्रदोष व्रत करने की सलाह दी। ऋषि आज्ञा से दोनों बालकों ने भी प्रदोष व्रत करना शुरू किया।

एक दिन दोनों बालक वन में घूम रहे थे तभी उन्हें कुछ गंधर्व कन्याएं नजर आई। ब्राह्मण बालक तो घर लौट आया किंतु राजकुमार धर्मगुप्त “अंशुमती” नाम की गंधर्व कन्या से बात करने लगे। गंधर्व कन्या और राजकुमार एक दूसरे पर मोहित हो गए, कन्या ने विवाह करने के लिए राजकुमार को अपने पिता से मिलवाने के लिए बुलाया। दूसरे दिन जब वह दुबारा गंधर्व कन्या से मिलने आया तो गंधर्व कन्या के पिता ने बताया कि वह विदर्भ देश का राजकुमार है। भगवान शिव की आज्ञा से गंधर्वराज ने अपनी पुत्री का विवाह राजकुमार धर्मगुप्त से कराया।

इसके बाद राजकुमार धर्मगुप्त ने गंधर्व सेना की सहायता से विदर्भ देश पर पुनः आधिपत्य प्राप्त किया। यह सब ब्राह्मणी और राजकुमार धर्मगुप्त के प्रदोष व्रत करने का फल था। स्कंदपुराण के अनुसार जो भक्त प्रदोषव्रत के दिन शिवपूजा के बाद एक्राग होकर प्रदोष व्रत कथा सुनता या पढ़ता है उसे सौ जन्मों तक कभी दरिद्रता नहीं होती।

Tags: Adhik maas pradosh vratbhauma pradosh puja vidhibhauma pradosh shubh muhuratbhauma pradosh Vrat kathabhauma pradosh vrat September 2020bhom pradosh Vrat September 2020pradosh Vrat aartipradosh vrat kathaPradosh Vrat September 2020Shiv pradosh Vrat September 2020प्रदोष व्रतभगवान शिवभौम प्रदोष व्रत
Previous Post

आज है कजरी तीज व्रत, अखंड सौभाग्य के लिए ऐसे करें पूजा

Next Post

हेयर कलर को लम्बे समय तक बरकरार रखने के लिए लगाएं ये नेचुरल हेयर मास्क

Writer D

Writer D

Related Posts

Yamuna swells at Syanachatti
Main Slider

उत्तराखंड में बारिश का कहर! यमुनोत्री हाईवे पर भूस्खलन, स्यानाचट्टी में होटलों तक पहुंची यमुना

31/07/2026
shehzad poonawalla
Main Slider

भाजपा में सब ठीक नहीं? शहजाद पूनावाला के बायो ने बढ़ाई राजनीतिक हलचल

31/07/2026
Lucknow Nagar Nigam
Main Slider

भाजपा ने घोषित की नगर निगम की नई टीम, मुन्ना मिश्रा को मिली उपनेता की जिम्मेदारी

31/07/2026
CM Vishnudev Sai
Main Slider

प्रधानमंत्री मोदी से आज मुलाकात करेंगे छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री साय

31/07/2026
Share Market
Business

मामूली बढ़त के साथ खुला बाजार, सेंसेक्स-निफ्टी हरे निशान में

31/07/2026
Next Post
hair color

हेयर कलर को लम्बे समय तक बरकरार रखने के लिए लगाएं ये नेचुरल हेयर मास्क

यह भी पढ़ें

Dev Deepawali

गंगा घाट पर उतरे ‘आकाश गंगा के सितारे’, देखें अलौकिक और दिव्य देव दीपावली की झलक

07/11/2022
Dehradun

खूबसूरती का नायब हीरा है राज्य, प्राकृतिक सुन्दरता देख अचंभित होता है पर्यटक

03/05/2026
yogi

सोशल मीडिया पर सीएम योगी का राज

12/11/2022
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version