• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

गोरखपुर की होली: गोरक्षपीठाधीश्वर की अगुवाई में चटक होते हैं सामाजिक समरसता के रंग

Writer D by Writer D
22/03/2024
in उत्तर प्रदेश, गोरखपुर, राजनीति
0
CM Yogi

CM Yogi Adityanath

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

गोरखपुर। गुरु गोरखनाथ (Guru Gorakhnath) की साधना स्थली गोरखपुर में होली का उल्लास सामाजिक समरसता के चटक रंगों में उफान पर होता है। होलियाना माहौल में यहां निकलने वाली दो प्रमुख शोभायात्राएं खास संदेश देते हुए पूरे प्रदेश के लिए आकर्षण का केंद्र बनती हैं। इन दोनों शोभयात्राओं (होलिका दहन और होलिकोत्सव) में गोरक्षपीठ की सहभागिता होने से गोरखपुर का रंगपर्व दशकों से विशिष्ट बना हुआ है। इन शोभायात्राओं में सामाजिक समरसता और समतामूलक समाज का प्रतिबिंब नजर आता है। बतौर गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यना (Yogi Adityanath) थ, मुख्यमंत्री बनने के बाद भी तमाम व्यस्तताओं के बावजूद शोभायात्राओं में शामिल होते हैं। इस साल भी 24 मार्च की शाम को पांडेयहाता से निकलने वाली होलिका दहन शोभायात्रा तथा 26 मार्च की सुबह घंटाघर से निकलने वाली भगवान नृसिंह की रंगभरी शोभायात्रा में सीएम योगी (CM Yogi Adityanath)के सम्मिलित होने की उम्मीद है।

बतौर गोरक्षपीठाधीश्वर रंगपर्व के आयोजनों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) की सहभागिता गोरक्षपीठ के मूल में निहित संदेश के प्रसार का हिस्सा है। रंगों के प्रतीक रूप में उमंग व उल्लास का पर्व होली गोरक्षपीठ के सामाजिक समरसता अभियान का ही एक हिस्सा है। इस पीठ की विशेषताओं में छुआछूत, जातीय भेदभाव और ऊंच नीच की खाई पाटने का जिक्र सतत होता रहा है। समाज मे विभेद से परे लोक कल्याण ही नाथपंथ का मूल है और ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ, ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ द्वारा विस्तारित इस अभियान की पताका वर्तमान गोरक्षपीठाधीश्वर, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) फहरा रहे हैं। गोरक्षपीठ की अगुवाई वाला रंगोत्सव सामाजिक संदेश के ध्येय से विशिष्ट है।

सामाजिक समरसता का स्नेह बांटने के लिए ही गोरक्षपीठाधीश्वर दशकों से होलिकोत्सव (भगवान नृसिंह शोभायात्रा) में शामिल होते रहे हैं। 1996 से 12019 तक शोभायात्रा का नेतृत्व करने वाले योगी वर्ष 2020 और 2021 के होलिकोत्सव में लोगों को कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए इसमें शामिल नहीं हुए थे। सफल कोरोना प्रबंधन का पूरी दुनिया में लोहा मनवाने और इस वैश्विक महामारी को पूरी तरह काबू में करने के बाद सीएम योगी 2022 से पांडेयहाता से निकलने वाले होलिका दहन शोभायात्रा और घंटाघर से निकलने वाली भगवान नृसिंह होलिकोत्सव शोभायात्रा में सम्मिलित होने लगे।

नानाजी देशमुख ने की थी रंगोत्सव शोभायात्रा की शुरूआत, गोरक्षपीठ ने दी नई ऊंचाई

गोरखपुर में भगवान नृसिंह रंगोत्सव शोभायात्रा की शुरुआत अपने गोरखपुर प्रवासकाल में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक नानाजी देशमुख ने 1944 में की थी। गोरखनाथ मंदिर में होलिका दहन की राख से होली मनाने की परंपरा इसके काफी पहले से जारी थी। नानाजी का यह अभियान होली के अवसर पर फूहड़ता दूर करने के लिए था। नानाजी के अनुरोध पर इस शोभायात्रा का गोरक्षपीठ से भी गहरा नाता जुड़ गया। ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ के निर्देश पर महंत अवेद्यनाथ शोभायात्रा में पीठ का प्रतिनिधित्व करने लगे और यह गोरक्षपीठ की होली का अभिन्न अंग बन गया।

सीएम योगी के प्रयासों से अखिलेश का हुआ सफल रेस्क्यू, परिजनों ने जताया आभार

1996 से योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने इसे अपनी अगुवाई में न केवल गोरखपुर बल्कि समूचे पूर्वी उत्तर प्रदेश में सामाजिक समरसता का विशिष्ट पर्व बना दिया। अब इसकी ख्याति मथुरा-वृंदावन की होली सरीखी है और लोगों को इंतजार रहता है योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) की अगुवाई वाले भगवान नृसिंह शोभायात्रा का। पांच किलोमीटर से अधिक दूरी तय करने वाली शोभायात्रा में पथ नियोजन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ता करते हैं और भगवान नृसिंह के रथ पर सवार होकर गोरक्षपीठाधीश्वर रंगों में सराबोर हो बिना भेदभाव सबसे शुभकामनाओं का आदान-प्रदान करते हैं।

होलिका दहन की राख के तिलक से होती है गोरखनाथ मंदिर में होली की शुरुआत

गोरक्षपीठाधीश्वर (Yogi Adityanath)की अगुवाई में गोरखनाथ मंदिर में होलिकोत्सव की शुरुआत होलिका दहन या सम्मत की राख से तिलक लगाने के साथ होती है। इस परंपरा में एक विशेष संदेश निहित होता है। होलिका दहन की राख से तिलक लगाने के पीछे का मन्तव्य है भक्ति की शक्ति को सामाजिकता से जोड़ना। होली के दिन दोपहर बाद गोरक्षपीठाधीश्वर के सानिध्य में गोरखनाथ मंदिर परिसर में होली मिलन समारोह का आयोजन भी होता है।

Tags: gorakhnath mandirgorakhpur newsrangotsav sobhayatraup newsYogi Adityanath
Previous Post

पराली प्रबंधन के लिए योगी सरकार बाटेंगी 17 लाख बायो डीकंपोजर

Next Post

लोकसभा चुनाव में सभी पच्चीस सीटों पर कमल खिलाकर राजस्थान रचेगा इतिहास: सीएम भजनलाल

Writer D

Writer D

Related Posts

AK Sharma
उत्तर प्रदेश

तमसा तट पर ऐतिहासिक पहल: 100 वर्ष पुरानी समस्या का हुआ समाधान

03/03/2026
CM Yogi
Main Slider

सीएम योगी के साथ खास होगा गोरखपुर का रंगोत्सव

03/03/2026
Manisha Rawat
उत्तर प्रदेश

डबल इंजन सरकार ने बनाया मनीषा रावत को चॉकलेट निर्माता

03/03/2026
CM Yogi
Main Slider

गोसेवा में रमे सीएम योगी, गोवंश को खिलाया गुड़-रोटी

03/03/2026
CM Dhami
Main Slider

अमित शाह के हरिद्वार दौरे की तैयारियों का मुख्यमंत्री धामी ने किया स्थलीय निरीक्षण

03/03/2026
Next Post
CM Bhajanlal Sharma

लोकसभा चुनाव में सभी पच्चीस सीटों पर कमल खिलाकर राजस्थान रचेगा इतिहास: सीएम भजनलाल

यह भी पढ़ें

Abhimanyu Easwaran named in 4 standby players in Indian team

भारतीय टीम में 4 स्टैंड बाय खिलाड़ियों में अभिमन्यु ईश्वरन को मिली जगह

08/05/2021
rape

दो महिलाओं को बंधक बना किया दुष्कर्म, लूटा नकदी व आभूषण

13/06/2021
शातिर शमशाद अली

मां-बेटी के हत्यारे का असली चेहरा सामने लाना पुलिस के लिए चुनौती

24/07/2020
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version