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ओबीसी बेटियों की शादी का सहारा बनी याेगी सरकार, वित्तीय वर्ष में अब तक 30 हजार से अधिक को मिला अनुदान

CM Yogi

CM Yogi

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद परिवारों के लिए सहारा बन रही हैं। अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों के विवाह में आर्थिक मदद देने के लिए संचालित शादी अनुदान योजना के माध्यम से वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक 30 हजार से अधिक लाभार्थियों को लाभ दिया जा चुका है।

वित्तीय वर्ष 2026-27 में योजना के तहत 1 लाख 5 हजार पात्र लाभार्थियों को जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए 210 करोड़ रुपये का वार्षिक लक्ष्य रखा गया है, जिसके सापेक्ष अब तक 106.65 करोड़ रुपये की धनराशि आवंटित की जा चुकी है। योजना के अंतर्गत अब तक 96,956 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 12,855 आवेदन निरस्त किये गए हैं।

आंकड़ों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक 30,466 लाभार्थियों को 60.93 करोड़ रुपये की धनराशि का भुगतान किया जा चुका है। यह आवंटित धनराशि का करीब 57.13 प्रतिशत है।

पात्र परिवार को 20 हजार रुपये की सहायता

शादी अनुदान योजना के तहत प्रत्येक पात्र परिवार को बेटी के विवाह के लिए 20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह धनराशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है। योजना का लाभ ऐसे परिवारों को मिलता है, जिनकी वार्षिक आय एक लाख रुपये तक है। विवाह के समय लड़की की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और लड़के की न्यूनतम आयु 21 वर्ष निर्धारित है।

आवेदन प्रक्रिया में दिव्यांग, विधवा, दैवीय आपदा से प्रभावित और भूमिहीन परिवारों को प्राथमिकता दी जाती है। ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बेटी का विवाह बड़ी आर्थिक जिम्मेदारी माना जाता है। ऐसे में योगी सरकार की शादी अनुदान योजना जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक संबल देने के साथ ही बेटियों के सम्मानजनक विवाह में सहयोगी बन रही है।

पिछड़ा वर्ग कल्याण निदेशक उमेश प्रताप सिंह ने गुरुवार काे बताया कि शादी अनुदान योजना के माध्यम से पात्र परिवारों को समयबद्ध आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि आर्थिक स्थिति बेटियों के विवाह में बाधा न बने। योजना में पात्र लाभार्थियों को पारदर्शी तरीके से सीधे उनके बैंक खातों में धनराशि भेजी जा रही है।

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