योगी आदित्यनाथ सरकार अटल आवासीय विद्यालय से श्रमिकों के बच्चों को शिक्षित कर उनका भविष्य संवारेगी। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति में बनने वाले विद्यालय में कोरोना काल में बेसहारा हुए बच्चों को भी इसमें शिक्षा मिलेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बीते पांच जुलाई को गोरखपुर के सहजनवा में प्रदेश के सभी मंडल मुख्यालयों पर बनने वाले अटल आवासीय विद्यालयों की श्रृंखला का शिलान्यास किया था।
दरअसल निर्माण कार्यों में लगे रहने वाले श्रमिक अपनी जीविका के लिए यहां-वहां जाने के लिए मजबूर होते हैं। ऐसे में संसाधनों के अभाव में वो अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा नहीं दिलवा पाते हैं। निर्माण श्रमिकों के कल्याण के लिए तमाम योजनाएं चला रही योगी सरकार ने अब उनके बच्चों के गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की जिम्मेदारी उठाई है। इसके तहत राज्य के सभी मंडल मुख्यालयों पर अटल आवासीय विद्यालय खोले जा रहे हैं।
सीएम योगी ने गोरखपुर में सहजनवा के पिपरा अराजी में 72 करोड़ रुपये की लागत से 12 एकड़ में बनने वाले अटल आवासीय विद्यालय का शिलान्यास पांच जुलाई को किया था। इस आवासीय विद्यालय में श्रमिकों के बच्चों को 12वीं तक की निशुल्क शिक्षा मिलेगी। कोरोना काल में बेसहारा हुए बच्चों के लिए शुरू मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के प्राविधानों में भी इसे शामिल किया गया है। यानी कोरोना संक्रमण की वजह से अनाथ और बेसहारा हुए बच्चे भी इस आवसीय विद्यालय में मुफ्त शिक्षा ग्रहण कर सकेंगे। अटल आवासीय विद्यालय, नवोदय आवासीय विद्यालय की तर्ज पर संचालित होगा।
जनसंख्या नीति का संबंध हर नागरिक के जीवन में खुशहाली व समृद्धि लाने से है : योगी
अटल आवासीय विद्यालय में ऐसे श्रमिकों के बच्चों का प्रवेश होगा जो श्रम विभाग में पंजीकृत होंगे। इसमें प्रवेश लेने वाले बच्चों को निशुल्क पढ़ाई के साथ ही मुफ्त भोजन और रहने की भी व्यवस्था होगी। विद्यालय में 200 छात्रों की पढ़ाई और रहने का इंतजाम होगा। आवेदन के हिसाब से छात्र संख्या की सीमा बढ़ाई जाएगी। विद्यालय में कक्षा एक से 12वीं तक की पढ़ाई होगी। यानी एक बार बच्चे का प्रवेश हो गया तो 12वीं तक पढ़ाई की कोई चिंता नहीं होगी।