• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

शराब जरूरी चीज नहीं, इसकी होम डिलीवरी पर क्यों दें आदेश : सुप्रीम कोर्ट

Desk by Desk
23/07/2020
in Main Slider, ख़ास खबर, नई दिल्ली, महाराष्ट्र, राष्ट्रीय, स्वास्थ्य
0
14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

नई दिल्ली। शराब की होम डिलीवरी को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि ये इस्तेमाल की जाने वाली कोई जरूरी चीज नहीं है। इसलिए वो इस पर कोई आदेश नहीं देंगे। कोर्ट ने ये बातें महाराष्ट्र वाइन मर्चेंट्स एसोसिएशन की तरफ से दायर याचिका की सुनवाई के दौरान कही है। कोर्ट ने फिलहाल इस पर कोई फैसला देने से इनकार कर दिया है। पुणे और नासिक में शराब की होम डिलीवरी को लेकर ये याचिका दायर की गई थी।

झारखंड में मास्क नहीं पहना तो एक लाख रुपये का जुर्माना, दो साल की सजा

पहले भी की थी याचिका खारिज

इससे पहले मई के महीने में सुप्रीम कोर्ट में शराब की दुकानों को लेकर याचिका दायर की गई थी। इस याचिका की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि ये राज्य सरकारों का नीतिगत मसला है और वो होम डिलीवरी या ऑनलाइन व्यवस्था कर रही हैं। लॉकडाउन के दौरान शराब की बिक्री को लेकर सुप्रीम कार्ट में एक याचिका दायर की गई थी और इसे बंद कराने की मांग की गई थी।

क्या थी दलील?

याचिका में कहा गया था कि शराब की दुकान खोले जाने से बहुत से लोग सड़कों पर निकल आए हैं, जिससे सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन नहीं हो पा रहा है। ऐसे में शराब की सभी दुकानों को बंद क​र दिया जाना चाहिए। याचिका की पैरवी कर रहे वकील जे साईं दीपक ने कहा था कि शराब की दुकानों पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं किया जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि हम राज्य सरकारों को किसी तरह का आदेश नहीं दे सकते, लेकिन सरकारों को होम डिलीवरी या डायरेक्ट बिक्री जैसी व्यवस्थाओं पर विचार करना चाहिए।

Tags: alcoholHome DeliverymaharashtranasikPuneSupreme Courtनाशिकपुणेमहाराष्ट्रशराब की होम शराब की होम डिलीवरी
Previous Post

महाराष्ट्र सरकार के मंत्री अब्दुल सत्तार कोरोना पॉजिटिव पाए गए, मचा हड़कंप

Next Post

भारतीय सुरक्षा बलों ने पाक के 8 आतंकियों को किया ढेर, 2 लॉन्चिंग पैड भी किए तबाह

Desk

Desk

Related Posts

Murder
Main Slider

गहरी नींद में सो रही दो मासूमों की पिता ने ली जान, कानपुर में डबल मर्डर से हड़कंप

19/04/2026
Chardham Yatra
Main Slider

Chardham Yatra 2026: गंगोत्री-यमुनोत्री के खुले द्वार, आज से चारधाम यात्रा का शंखनाद

19/04/2026
Akshaya Tritiya
Main Slider

अक्षय तृतीया के दिन जरूर करें ये उपाय, घर आएगी सुख-समृद्धि

19/04/2026
Akshaya Tritiya
Main Slider

अक्षय तृतीया पर न करें ये काम, रूठ सकती हैं मां लक्ष्मी

19/04/2026
Akshaya Tritiya
Main Slider

अक्षय तृतीया पर कर लिए ये काम तो हो जाएगी बल्ले-बल्ले, बरसेगा धन

19/04/2026
Next Post

भारतीय सुरक्षा बलों ने पाक के 8 आतंकियों को किया ढेर, 2 लॉन्चिंग पैड भी किए तबाह

यह भी पढ़ें

CM Dhami

सुरक्षा मानकों से खिलवाड़ बर्दाश्त नही – सीएम धामी ने हैली सर्विस ऑपरेटर्स को कड़े शब्दों में स्पष्ट किया

11/06/2025
Girls Protection Home

1.60 लाख के जेवर लेकर प्रेमी संग फरार हुई युवती

31/10/2022
Arbi Fry

उच्च रक्तचाप में फायदेमंद है अरबी, जानें और भी चमत्कारी फायदे

22/01/2022
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version