• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
Advertisement
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

डाक विभाग से गुम हुआ एक पत्र, कोर्ट ने भेजने वाले को दिलवाया 55 हजार का मुआवजा

Desk by Desk
31/07/2020
in Main Slider, क्राइम, नई दिल्ली, राष्ट्रीय
0
indian post

डाक विभाग

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

नई दिल्ली। कर्नाटक के बेंगलुरु में 67 साल के व्यक्ति को डाक विभाग ने 55 हजार रुपये का मुआवजा दिया है। जानकारी के अनुसार 6 साल की कानूनी लड़ाई के बाद इस शख्स को डाक विभाग ने मुआवजा देने पर सहमति जताई है।

बता दें कि ये मुआवजा डाक विभाग के एक पत्र के खो जाने पर दिया गया है, जिसमें उक्त शख्स के बच्चों की दो ओरिजिनल मार्कशीट थी। इस मामले में कर्नाटक की एक अदालत ने पोस्ट ऑफिस ऐक्ट-1898 के तहत डाक विभाग को मुआवजा देने का आदेश दिया है। पोस्ट ऑफिस में।

श्रीनगर में सुरक्षाबल रहें अलर्ट, डीजीपी बोले- बड़ी वारदात की कोशिश में आतंकी

बेंगलुरु के कोरमंगला इलाके में रहने वाले एल. जयकुमार ने जून 2013 में एक लेटर बेंगलुरु से मुंबई भेजा था। लेकिन जब ये पत्र मुंबई नहीं पहुंचा तो कोरमंगला के पोस्ट मास्टर से इसकी शिकायत की गई। 7 अगस्त 2013 को डाक विभाग ने एक जवाब देते हुए कहा कि उनका पत्र गलती से बेंगलुरु की इलेक्ट्रॉनिक सिटी के पते पर भेज दिया गया है।

तमाम कोशिश के बावजूद जब पत्र और उसके साथ भेजे गए कागजात नहीं मिले तो विभाग ने केस बंद कर दिया। जिसके बाद जयकुमार ने अदालत का सहारा लिया। डाक विभाग ने अदालत में तमाम दलीलें दी, जिसपर जयकुमार ने बीते कुछ मामलों के रेफरेंस देते हुए विभाग से मुआवजा दिलाने की मांग की।

श्रीराम मंदिर भूमि पूजन में आदिशक्ति शीतला धाम की मिट्टी होगी समाहित

यह मामला कोर्ट में करीब 6 साल तक चला जिसके बाद कोर्ट ने शिकायतकर्ता जयकुमार के पक्ष में फैसला सुनाया। पोस्ट ऑफिस ऐक्ट-1988 के नियमों के तहत अदालत ने 24 जून 2020 को जयकुमार को 50 हजार रुपये का हर्जाना और अदालती खर्च के रूप में 5 हजार रुपये देने का आदेश जारी किया। इस मामले में बेंगलुरु के पोस्टल डिपार्टमेंट को दोषी मानते हुए अदालत ने आदेश जारी होने के 60 दिन के भीतर हर्जाना भरने की बात कही।

Tags: 24ghante online.comMissing letter from postal departmentPost Office Act-1988postal department gave compensation of 55 thousandडाक विभाग ने दिया 55 हजार का मुआवजाडाक विभाग से गुम हुआ पत्रपोस्ट ऑफिस एक्ट-1988
Previous Post

विश्व में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा 1.70 करोड़ के पार, 6.71 लाख से ज्यादा की मौत

Next Post

कोविड-19 की 4 वैक्सीन बंदरों पर सफल ट्रायल, इंसानों से बस एक कदम दूर

Desk

Desk

Related Posts

Main Slider

चक्रवात ‘अर्णब’ को लेकर यूपी में अलर्ट, राहत-बचाव की तैयारियों में जुटी योगी सरकार

26/10/2026
Main Slider

लखनऊ समिट में 15 MoU पर हस्ताक्षर, 5 निवेशकों को LOC जारी

26/10/2026
उत्तराखंड

चारधाम यात्रा को सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाना राज्य सरकार की प्राथमिकता: सीएम धामी

26/10/2026
उत्तराखंड

गैरसैंण जाते समय आदिबद्री मंदिर पहुंचे सीएम धामी, की पूजा-अर्चना

26/10/2026
Main Slider

BJP की यूपी कार्यसमिति का ऐलान, मोदी-योगी समेत कई दिग्गज शामिल

26/10/2026
Next Post
कोविड-19 वैक्सीन

कोविड-19 की 4 वैक्सीन बंदरों पर सफल ट्रायल, इंसानों से बस एक कदम दूर

यह भी पढ़ें

Special trains will run for PET exam

यात्रीगण कृपया ध्यान दें! रेलवे ने ट्रेनों का बदला रूट, चेक करें लिस्ट

24/03/2022
rahul gandhi

केरल विमान हादसे पर राहुल गांधी ने जताया दुख, पीड़ितों के लिए की प्रार्थना

07/08/2020
Corona exploded at TV actress Divyanka Tripathi's house

टीवी एक्ट्रेस दिव्यांका त्रिपाठी के घर हुआ कोरोना का विस्फोट

17/04/2021
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version