• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

ब्रिटिश काल से चली आ रही रेलवे में खलासी प्रणाली होगी खत्म, अब बंगले पर नहीं मिलेंगे चपरासी

Desk by Desk
08/08/2020
in Main Slider, ख़ास खबर, नई दिल्ली, यात्रा, राष्ट्रीय
0
14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

नई दिल्ली। रेलवे अपने वरिष्ठ अधिकारियों के आवास पर काम करने वाले ‘बंगला पियुन’ या खलासियों की नियुक्ति की औपनिवेशिक काल की प्रणाली को समाप्त करने की तैयारी कर रहा है और इस पद पर अब कोई नई भर्ती नहीं की जाएगी। रेलवे बोर्ड ने इस संबंध में बृहस्पतिवार को आदेश जारी किया।

रेलवे बोर्ड ने आदेश में कहा है कि टेलीफोन अटेंडेंट सह डाक खलासी (टीएडीके) संबंधी मामले की समीक्षा की जा रही है। आदेश में कहा गया है, ‘‘टीएडीके की नियुक्ति संबंधी मामला रेलवे बोर्ड में समीक्षाधीन है, इसलिए यह फैसला किया गया है कि टीएडीके के स्थानापन्न के तौर पर नए लोगों की नियुक्ति की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाई जानी चाहिए और न ही तत्काल नियुक्ति की जानी चाहिए।’’

आदेश में कहा गया है, ‘‘इसके अलावा, एक जुलाई 2020 से इस प्रकार की नियुक्तियों को दी गई मंजूरी के मामलों की समीक्षा की जा सकती है और इसकी स्थिति बोर्ड को बताई जाएगी। इसका सभी रेल प्रतिष्ठानों में सख्ती से पालन किया जाए।’’ बोर्ड ने गुरुवार को सभी महाप्रबंधकों को दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।

चेहरे पर शहद के साथ इस चीज का यूं करें इस्तेमाल

दरअसल, रेलवे में बहुत सारे चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को अफसर अपने बंगले पर रख लेते थे। नियमानुसार क्लास वन के रेल अधिकारियों को अपने बंगले पर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी रखने का अधिकार है। बंगले पर तीन साल तक कार्य करने के बाद तैनाती रेलवे कर्मचारी के रूप में हो जाती थी।

रेलकर्मी बनने के बाद अफसर फिर से नई तैनाती कर लेते थे। इससे रेलवे का कामकाज प्रभावित होता था लेकिन अब चतुर्थ श्रेणी की तैनाती बंगले पर नहीं हो पाएगी।

पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारी संघ (पीआरकेएस) ने रेलवे बोर्ड के इस निर्णय का स्वागत किया है। संघ के प्रवक्ता एके सिंह ने कहा है कि संघ लगातार इस व्यवस्था को समाप्त करने की मांग करता रहा है। यह व्यवस्था पारदर्शी नहीं रह गई थी। इससे भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल रहा था। पूर्व में धनउगाही की भी शिकायतें आई थीं।

Tags: 24ghante online.comBritish eraIndian RailwaysRailway system endedRailwaysब्रिटिश कालभारतीय रेलरेलवे
Previous Post

हेपेटाइटिस-सी की दवा खाने वाले मरीजों पर कोरोना का असर नहीं!

Next Post

अनोखी प्रेमकहानी : गोलगप्पे खिलाने वाले से हुआ युवती को हुआ प्यार, दोनों घर से भागे

Desk

Desk

Related Posts

CM Dhami
राजनीति

उत्तराखंड में सौर ऊर्जा क्रांति की रफ्तार तेज, धामी ने जारी की ‘सौर जागरूकता स्मारिका’

28/05/2026
Twisha Sharma case
Main Slider

ट्विशा शर्मा केस में CBI ने पहली बड़ी कार्रवाई, सास गिरिबाला सिंह को किया अरेस्ट

28/05/2026
AAP leader Jaipal Singh Bau
Main Slider

AAP नेता जयपाल सिंह बाऊ को सरेआम गोली मारी, पार्किंग विवाद ने लिया हिंसक रूप

28/05/2026
CM Dhami
राजनीति

उत्तराखंड पहुंचे भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन का मुख्यमंत्री धामी ने किया स्वागत

28/05/2026
Shantanu Sen
पश्चिम बंगाल

टीएमसी में थमा नहीं बगावत का दौर, शांतनु सेन ने प्रवक्ता के पद से दिया इस्तीफा

28/05/2026
Next Post
प्यार

अनोखी प्रेमकहानी : गोलगप्पे खिलाने वाले से हुआ युवती को हुआ प्यार, दोनों घर से भागे

यह भी पढ़ें

Pregnancy

गर्भावस्था का पहला महीना होता है बेहद खास, होने वाली मां रखें ख्याल

09/06/2023
smriti irani

हावड़ा से स्मृति ईरानी से भरी हुंकार, बोली- बंगाल में दस्तक दे रहा है रामराज्य

31/01/2021

कमलेश तिवारी हत्याकांड के मुख्य गवाह पर जानलेवा हमला

20/08/2021
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version