भोपाल के बहुचर्चित ट्विशा शर्मा (Twisha Sharma) मौत मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। सीबीआई की टीम ने करीब 7 घंटे की मैराथन पूछताछ के बाद ट्विशा शर्मा की सास और पूर्व जिला न्यायाधीश (जज) गिरिबाला सिंह (Giribala Singh) को गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी जबलपुर हाई कोर्ट द्वारा उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज किए जाने के तुरंत बाद हुई। हाई कोर्ट से झटका लगते ही सीबीआई की टीम भोपाल स्थित उनके आवास पर पहुंची और उन्हें हिरासत में ले लिया।
हाई कोर्ट ने रद्द की थी अग्रिम जमानत:
इससे पहले गुरुवार को जबलपुर हाई कोर्ट के जस्टिस देव नारायण मिश्रा की एकल पीठ ने गिरिबाला सिंह (Giribala Singh) की अग्रिम जमानत को रद्द करने का आदेश दिया था। हाई कोर्ट ने भोपाल की निचली अदालत द्वारा बीते 15 मई को दिए गए उस आदेश को पूरी तरह खारिज कर दिया, जिसके तहत पूर्व जज को गिरफ्तारी से राहत मिली हुई थी।
हाई कोर्ट की सख्त टिप्पणी:
हाई कोर्ट ने जमानत रद्द करते हुए निचली अदालत के फैसले पर बेहद सख्त टिप्पणी की। अदालत ने कहा कि”निचली अदालत ने अग्रिम जमानत देते समय केस डायरी, गवाहों के बयानों और मामले से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण कानूनी दस्तावेजों पर पर्याप्त विचार नहीं किया। विशेष रूप से वॉट्सऐप चैट और अन्य डिजिटल सबूतों की सही तरीके से स्क्रूटनी (जांच) किए बिना आरोपी को इतनी बड़ी राहत देना किसी भी नजरिए से न्यायसंगत नहीं ठहराया जा सकता।”
अदालत ने आगे जोड़ा कि मामले में मौजूद दस्तावेजी साक्ष्य और गवाहों की गवाही पहली नजर में गिरिबाला सिंह की कथित संलिप्तता की ओर साफ इशारा करते हैं।
पति पहले से ही सीबीआई की हिरासत में:
गौरतलब है कि सीबीआई ने इसी सप्ताह इस हाई-प्रोफाइल मौत मामले की कमान मध्य प्रदेश पुलिस से पूरी तरह अपने हाथों में ली थी। केस दर्ज करते ही जांच एजेंसी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ट्विशा शर्मा के पति समर्थ सिंह को पहले ही हिरासत में ले लिया था। अब पति के बाद सास गिरिबाला सिंह की गिरफ्तारी से इस मामले में आरोपियों की मुश्किलें और ज्यादा बढ़ गई हैं।
सीबीआई की टीमें अब दोनों को आमने-सामने बिठाकर वॉट्सऐप चैट, पारिवारिक विवाद और मौत की वजह बने मुख्य बिंदुओं पर कड़ाई से पूछताछ कर रही हैं, जिससे इस रहस्यमयी मौत के मामले में कई नए खुलासे होने की उम्मीद है।









