• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

5 लाख की पॉलिसी पर कंपनियों को खर्च करने होंगे 5000

Desk by Desk
17/10/2020
in ख़ास खबर, राष्ट्रीय
0
MSME

एमएसएमई

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

नई दिल्ली। भारतीय बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण (इरडा) के चेयरमैन सुभाष खुंटिया ने बीमा कंपनियों से कहा है कि वह सूक्ष्म, छोटे एवं मझौले उद्योग (एमएसएमई) के कामगारों के लिए भी बीमा उत्पाद पेश करें। उन्होंने कहा कि एमएसएमई के साथ मिलकर कंपनियां इसके लिए सस्ती बीमा पॉलिसी पेश कर सकती हैं। खुंटिया ने उद्योग मंडल भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के स्वास्थ्य बीमा सम्मेलन में कहा, ‘मैं बीमा कंपनियों से बीमारी केंद्रित और उत्पाद बनाने का आग्रह करुंगा।

खुंटिया ने कहा कि एक कंपनी यदि अपने कर्मचारी को 10 हजार रुपये प्रति माह वेतन देती है तो इसका मतलब है कि वह सालना 1.20 लाख रुपये खर्च करती है। ऐसे में वह पांच लाख रुपये की स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी के लिए पांच हजार रुपये प्रति कर्मचारी और खर्च कर सकती है। इरडा के अनुसार, कंपनियां आसानी से कामगारों के प्रीमियम का बोझ उठा सकती हैं।

खुंटिया ने कहा कि एमएसएमई कामगारों को स्वास्थ्य बीमा के दायरे में लाने को लेकर यह बहुत बड़ा कदम हो सकता है और कोरोना एवं लॉकडाउन ने हमें इसका महत्व समझा दिया है।

भारतीय अर्थव्यवस्था की गाड़ी का इंजन बनी युवा आबादी

खुंटिया ने स्वास्थ्य बीमा कंपनियों से मधुमेह, किडनी की समस्या जैसी बीमारियों पर केंद्रित उत्पाद लाने को कहा। इरडा के चेयरमैन ने कहा कि स्वास्थ्य बीमा कंपनियों को लोगों की जरूरतों के अनुसार नए-नए उत्पाद लाने चाहिए। खुंटिया ने कहा, मैं बीमा कंपनियों से बीमारी केंद्रित और उत्पाद बनाने का आग्रह करूंगा। जैसे मधुमेह, हृदय या किडनी संबंधित बीमारियों के लिए अलग से उत्पाद बनाए जा सकते हैं।

खुंटिया ने यह भी कहा कि अभी बड़ी संख्या में स्वास्थ्य बीमा 40 से 50 साल के आयु वर्ग के लोग ले रहे हैं। उन्होंने कहा, अगर अधिक संख्या में युवा आबादी स्वास्थ्य बीमा लेती है, और चूंकि संभव है, उनमें से ज्यादातर बीमार नहीं पड़े, इससे वे स्वास्थ्य बीमा कोष में योगदान दे सकेंगे। इससे अन्य लोगों को लाभ होगा।

Tags: health insuranceinsuranceInsurance Regulatory and Development Authority of Indialife insuranceMSMEएमएसएमईजीवन बीमाबीमाभारतीय बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरणस्वास्थ्य बीमा
Previous Post

आज भी डीजल और पेट्रोल के दाम में कोई बदलाव नहीं 

Next Post

ससुराल में साले को फोन कर पत्नी को दिया तीन तलाक, मौत होने पर पति पर लगा आरोप

Desk

Desk

Related Posts

CM Dhami
राजनीति

CM ने घनसाली में किया 41.21 करोड़ की योजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास

26/02/2026
CM Dhami
राजनीति

CM धामी ने किया नयार वैली फेस्टिवल का उद्घाटन

26/02/2026
CM Dhami
Main Slider

बेटियों की शिक्षा, सुरक्षा से लेकर रोजगार तक के लिए संकल्पबद्ध है सरकार: मुख्यमंत्री

26/02/2026
CJI Surya Kant
Main Slider

बुक कैसी छपी… NCERT बुक के विवादित चैप्टर पर CJI सूर्यकांत सख्त्त

26/02/2026
CM Dhami
राजनीति

जनभावनाओं के अनुरूप ऐतिहासिक फैसलों से मजबूत हुआ उत्तराखण्ड: सीएम धामी

25/02/2026
Next Post
तीन तलाक के बाद मौत

ससुराल में साले को फोन कर पत्नी को दिया तीन तलाक, मौत होने पर पति पर लगा आरोप

यह भी पढ़ें

CM Yogi

सीएम योगी की सख्ती से बहराइच में बेदम हुए उपद्रवी, स्थिति हुई सामान्य

15/10/2024
CM Yogi

आतंकवाद कुत्ते की पूंछ, आतंकी जिस भाषा में समझेंगे उन्हें उसी भाषा में जवाब देंगेः सीएम योगी

11/05/2025
Farmer dies after being hit by train

मोबाइल ईयरफोन बना युवक की मौत का कारक

06/11/2021
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version