• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

APEC नेताओं में मुक्त व्यापार पर सहमति, अर्थव्यवस्थाओं को फिर से पटरी पर लाने की कोशिश

Desk by Desk
22/11/2020
in Main Slider, अंतर्राष्ट्रीय
0
APEK

APEK

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

कुआलालंपुर। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप समेत एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग मंच (एपेक) के नेताओं ने मुक्त, खुले और गैर-भेदभावपूर्ण व्यापार और निवेश की दिशा में काम करने का संकल्प लिया। इसका मकसद कोरोना वायरस के चलते मुश्किलों का सामना कर रही अर्थव्यवस्थाओं को फिर से पटरी पर लाने की पूरी कोशिश करना है। एपेक नेताओं ने वर्ष 2017 के बाद पहला संयुक्त बयान जारी करते हुए मतभेद भुलाने और 21 एपेक अर्थव्यवस्थाओं में बड़े पैमाने पर मुक्त व्यापार समझौते और क्षेत्रीय एकीकरण को मजबूत बनाने पर सहमति जताई।

इस वर्ष की बैठक के मेजबान देश मलेशिया के प्रधानमंत्री मुहिद्दीन यासीन ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि अमेरिका और चीन के व्यापार युद्ध के चलते पिछले वर्षो के दौरान यह वार्ता बाधित हुई थी। लेकिन कोविड-19 संकट ने उस व्यापार युद्ध की स्थिति को फिलहाल नेपथ्य में छोड़ दिया है। दिसंबर में खत्म होने वाले चालू कैलेंडर वर्ष के दौरान एशिया-प्रशांत क्षेत्र की आर्थिक वृद्धि दर में 2.7 प्रतिशत गिरावट का अनुमान है, जो पिछले वर्ष में 3.6 प्रतिशत की दर से बढ़ी थी।

मुलायम सिंह यादव के जन्मदिन पर पीएम मोदी ने दी बधाई , कही ये बात

यासीन का कहना था कि एपेक का जोर आíथक सुधार में तेजी लाने और एक कोरोना का किफायती टीका विकसित करने पर है। गौरतलब है कि वैश्विक जीडीपी में एपेक देशों की 60 प्रतिशत हिस्सेदारी है। यासीन ने यह भी उम्मीद जताई कि एपेक देश व्यापार के मामले में एक-दूसरे के प्रति बाधाएं खड़ी नहीं करेंगे और संरक्षणवाद को पीछे छोड़ते हुए आर्थिक प्रगति में योगदान देंगे।

भारत ने चीन के प्रभुत्‍व वाले आरसीइपी यानी रीजनल कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक पार्टनरशिप में शामिल नहीं होने का फैसला किया है। प्रधानमंत्री मोदी के इस फैसले ने सबकों चौंका दिया, लेकिन सरकार का कहना है कि देश हित के चलते भारत ने आरसीइपी में शामिल नहीं होने का फैसला लिया है। भारत सरकार का साफ कहना है कि आरसीइपी के कुछ पहलुओं को लेकर चिंता व्‍यक्‍त की गई थी।

Tags: APECAPEC economiesinternational NewsNEWSotherOther other world hindi newsWorldएपेकएपेक अर्थव्यवस्था
Previous Post

मुलायम सिंह यादव के जन्मदिन पर पीएम मोदी ने दी बधाई , कही ये बात

Next Post

बोले PM नरेंद्र मोदी -अपने फैसले लेने पर बढ़ता है गांव के हर व्यक्ति का आत्मविश्वास

Desk

Desk

Related Posts

Ajay Rai
Main Slider

कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय की अचानक तबीयत बिगड़ी, लखनऊ के मेदांता अस्पताल में भर्ती

01/05/2026
Ganga Expressway
उत्तर प्रदेश

सीएम योगी की सौगात, 15 दिन तक टोल-फ्री रहेगा गंगा एक्सप्रेसवे

01/05/2026
Main Slider

शनिवार को मोबाइल पर आएगा अलर्ट मैसेज, घबराएं नहीं

01/05/2026
Furniture
Main Slider

पुराना बेजान फर्नीचर भी चमक उठेगा, ट्राई करें ये आसान तरीके

01/05/2026
Birds
Main Slider

इस दिशा में लगाएं पक्षियों की तस्वीर, घर में होगी सुख-समृद्धि की एंट्री

01/05/2026
Next Post
पीएम मोदी pm modi

बोले PM नरेंद्र मोदी -अपने फैसले लेने पर बढ़ता है गांव के हर व्यक्ति का आत्मविश्वास

यह भी पढ़ें

Sarva pitru Amavasya

कब है सर्वपितृ अमावस्या? जानें श्राद्ध का शुभ समय

18/09/2025
वरिष्ठ पत्रकार राघवेन्द्र नारायण मिश्रा के निधन पर शोक Condolences on the demise of senior journalist Raghavendra Narayan Mishra

सीएम योगी ने वरिष्ठ पत्रकार राघवेन्द्र नारायण मिश्रा के निधन पर जताया शोक

01/11/2020
Chaitra Navratri

महिषासुर मर्दिनी का डोली पर आगमन से बढ़ेंगी परेशानियां, हाथी पर प्रस्थान रहेगा शुभ

03/10/2021
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version