• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

प्रत्येक मानव उतना ही पावन है, जितना स्वयं भगवान : गीता प्रचारक अरूण चौबे

Writer D by Writer D
25/12/2020
in Main Slider, उत्तर प्रदेश, ख़ास खबर, धर्म, सोनभद्र
0
geeta jayanti

geeta jayanti

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

विश्व में शाश्वत शांति, स्थिरता तथा समरसता की कुंजी गीता में मौजूद है और भगवान श्रीकृष्ण के उपदेशों पर आधारित इस पवित्र ग्रंथ से विश्व समुदाय रक्तरंजित आतंकवाद तथा भेदभाव जैसी समस्याओं का समाधान प्राप्त कर सकता है।

गीता प्रचारक अरूण चौबे ने रावर्टसगंज के जयप्रभा मंडपम में गीता जयंती समारोह समिति सोनभद्र द्वारा “ गीता में सामाजिक समरसता “ विषय पर आयोजित विचार गोष्ठी में कहा कि समरसता भारतीय संस्कृति का मूल तत्व है। सदियों से हमारे ऋषि-मुनियों ने सामंजस्यपूर्ण श्रेष्ठ संस्कृति से युक्त समता मूलक समाज के लिए सतत प्रयास किया है मगर किन्तु दुर्भाग्यवश अपने गौरवशाली अतीत तथा अपने धर्मशास्त्र को विस्मृत कर देने के कारण आज का समाज सबसे ज़्यादा बिखरा हुआ समाज है।

फर्नीचर गोदाम में लगी भीषण आग, लाखों का सामान जलकर हुआ खाक

उन्होने कहा “ हम जातियों को तथा मज़हबों को ही सत्य मानकर परस्पर द्वेष कर रहे हैं, जबकि आदि धर्मशास्त्र गीता के अनुसार सभी मनुष्य परमात्मा के विशुद्ध अंश हैं। प्रत्येक मानव उतना ही पावन है, जितना स्वयं भगवान, फिर कोई ऊँच, कोई नीच कैसे हो सकता है।”

इस मौके पर पूर्व नगरपालिका चेयरमैन अजय शेखर ने कहा कि गीता के अनुसार जीवनपथ पर चलने से ही समाज में समरसता आयेगी क्योंकि गीता किसी मज़हब, संप्रदाय का धर्मशास्त्र नहीं है यह मानवमात्र का धर्मशास्त्र है। गोष्ठी के संयोजक डा वी सिंह ने कहा कि गीता के अनुसार प्रत्येक मनुष्य परमात्मा का विशुद्ध अंश है।

आर्यावर्त ग्रामीण बैंक का मैनेजर गिरफ्तार, जालसाजी और धोखाधड़ी का आरोप

सभी मानव परमात्मा के जितना ही पावन हैं, यह विचार हम आचरण में लाकर समरस समाज बना सकते हैं। पारसनाथ मिश्र ने कहा कि गीता के अनुसार कर्मफल का त्याग करके जो कुछ भी है उसमें संतुष्ट होकर सुंदर समाज का निर्माण हो सकता है। कथाकार रामनाथ शिवेन्द्र ने कहा कि समाज में समानता लाकर ही समरस समाज बनाया जा सकता है।गोष्ठी को बालेश्वर यादव, प्रमोद मिश्रा, डा ओमप्रकाश त्रिपाठी, ने भी संबोधित किया।

Tags: geeta jayantiup newsup news in hindiगीता जयंती
Previous Post

फर्नीचर गोदाम में लगी भीषण आग, लाखों का सामान जलकर हुआ खाक

Next Post

गन्ने के खेत में मिला तेंदुए का शव, सर पर चोट लगने से हुई मौत

Writer D

Writer D

Related Posts

Shaurya Srivastava
Main Slider

ICSE 10th Result: CMS के छात्र शौर्य ने लहराया परचम, हासिल किए 91% अंक

30/04/2026
CM Dhami
Main Slider

हल्द्वानी में वरिष्ठ नागरिक सम्मान समारोह में बोले मुख्यमंत्री, बुजुर्ग समाज की अमूल्य धरोहर

30/04/2026
CM Yogi
Main Slider

कांग्रेस और सपा जन्मजात महिला विरोधी, गिरगिट की तरह बदलते हैं रंग: सीएम योगी

30/04/2026
Keshav Maurya
उत्तर प्रदेश

विपक्षी दलों ने महिला आरक्षण का विरोध कर आधी आबादी के साथ किया ‘जघन्य अपराध’

30/04/2026
women's reservation protest
Main Slider

विधान सत्र से पहले प्रदर्शन, महिला आरक्षण पर बढ़ी सियासी गर्मी

30/04/2026
Next Post
Leopard's body found

गन्ने के खेत में मिला तेंदुए का शव, सर पर चोट लगने से हुई मौत

यह भी पढ़ें

CM Dhami

उत्तराखंड में अन्य पिछड़ा वर्ग आरक्षण पर रिपोर्ट सौंपी, मुख्यमंत्री से मिले आयोग अध्यक्ष

27/02/2025
property seized

कबाड़ी साकिब पर कसा शिकंजा, प्रशासन ने की तीन करोड़ की संपत्ति कुर्क

12/01/2022
Sawan

आज है सावन का पहला सोमवार, जानें पूजन विधि

10/07/2023
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version