कोरोना संकट को देखते हुए गुजरात सरकार ने बच्चों को एक बड़ी राहत दी है। सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड के बाद अब गुजरात बोर्ड ने भी 12वीं की परीक्षा रद्द कर दी है। गुजरात सरकार ने बुधवार को 12वीं की परीक्षा रद्द करने का आदेश जारी किया। इससे पहले गुजरात कैबिनेट की बैठक हुई, जिसमें परीक्षा को रद्द करने पर आम सहमति बनी।
कैबिनेट बैठक में इस बात पर भी चर्चा हुई कि कोरोना की दूसरी लहर को देखते हुए हालात अभी भी ऐसे नहीं हैं कि बच्चों की सेहत को खतरे में डालने का जोखिम उठाया जा सके। कल सीबीएसई बोर्ड एग्जाम कैंसिल करने का फैसला लेते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी यही कहा था कि छात्रों का स्वास्थ्य हमारी पहली प्राथमिकता है।
25 हजार कुपोषित बच्चे स्वास्थ्य विभाग के लिए सबसे बड़ी चिंता
गौरतलब है की कल यानी मंगलवार को गुजरात माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने घोषणा की थी कि कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं 01 जुलाई 2021 से शुरू हो रही हैं। गुजरात बोर्ड ने इन एग्जाम्स का पूरा टाइम टेबल जारी कर दिया था। बोर्ड की वेबसाइट gseb.org पर भी नया टाइम टेबल जारी किया गया था, लेकिन सीबीएसई बोर्ड पर सरकार के फैसले के बाद आज फिर से कैबिनेट बैठक बुलाई गई थी।
बता दें कि गुजरात सरकार ने 10वी कक्षा के छात्रों को मास प्रमोशन दे दिया था। अब 12वीं की परीक्षा को लेकर कशमकश जारी थी, इसका संशय भी आज दूर हो गया। छात्रों और अभिभावकों ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है, क्योंकि राज्य में कोरोना के हालातों को देखते हुए बोर्ड परीक्षा कैंसिल कराने की मांग भी की जा रही थी।