• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
Advertisement
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

SC ने ठुकराई सुपरटेक की याचिका, एमरल्ड कोर्ट के 2 अवैध टावर तोड़ने का आदेश

खरीदारों को 12 फीसद ब्याज के साथ दो महीने में पैसे भी वापस लौटाने होंगे।

Desk by Desk
04/10/2021
in नई दिल्ली, राष्ट्रीय
0
14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

नई दिल्ली। शीर्ष अदालत ने नोएडा के एमरल्ड कोर्ट के 2 अवैध टावरों को तोड़ने के आदेश में संशोधन करने से इनकार कर दिया है। अदालत ने सुपरटेक की याचिका ठुकरा दी है। सुपरटेक का कहना था कि, 224 फ्लैट वाले अधूरे बने एक टावर को ध्वस्त करने के बाद भवन निर्माण के नियमों का पालन हो जाएगा। इसलिए दूसरे टावर को बने रहने दिया जाए, लेकिन अदालत ने इस पर राहत नहीं दी।

दरअसल, सुप्रीम कोर्ट इससे पहले नोएडा में निर्मित सुपरटेक एमराल्ड कोर्ट हाउसिंग प्रोजेक्ट में 40 मंजिला टावरों में से दो को तोड़ने का आदेश दे चुका है। हालांकि अब कहा जा रहा है कि, दो टावरों में से सिर्फ एक को ही तोड़ने का प्रस्ताव था।

RSS के खिलाफ बोलना जावेद अख्तर को पड़ा भारी, FIR दर्ज

बता दें कि, शीर्ष अदालत ने 31 अगस्त को दिए अपने आदेश में एक्सप्रेस स्थित एमराल्ड कोर्ट प्रोजेक्ट के अपैक्स एंड स्यान यावे-16 17 को गैर-कानूनों ठहराया है दोनों 40 मंजिला टावरों को ध्वस्त करने का आदेश दिया है। शीर्ष अदालत ने इलाहाबाद कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा। आदेश के तहत बिल्डर को 3 महीने में टावर गिराने होंगे। इसका खर्च भी बिल्डर खुद वहन करेगा।

इसके साथ ही खरीदारों को 12 फीसद ब्याज के साथ दो महीने में पैसे भी वापस लौटाने होंगे। कोर्ट ने कहा था कि, दोनों टॉवर को 3 महीने में गिराना होगा और खरीदारों को 12 फीसद ब्याज के साथ 2 महीने में पैसा वापस देना होगा।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि, नोएडा में सुपरटेक एमराल्ड कोर्ट के 915 फ्लैट दुकानों वाले 40 मंजिला वाले दो टावरों का निर्माण नियमों को ताक पर रखकर किया गया था। एमरल्ड कोर्ट परिसर में रह रहे लोगों का आरोप था कि बिल्डर सुपरटेक ने पैसों के लालच में सोसाइटी के ओपन एरिया में बगैर अनुमति के ये विशाल टावर खड़े कर दिए। टावर ध्वस्त करने जाने के पूरे काम की निगरानी नोएडा प्राधिकरण को दी गई है।

Tags: Supertech Emerald caseSupreme Court
Previous Post

RSS के खिलाफ बोलना जावेद अख्तर को पड़ा भारी, FIR दर्ज

Next Post

UP सरकार ने सीएम चन्नी को लखीमपुर आने की नहीं दी इजाजत

Desk

Desk

Related Posts

उत्तराखंड

मुख्यमंत्री ने खटीमा में सुनीं जनसमस्याएं, त्वरित निस्तारण के निर्देश

24/10/2026
छत्तीसगढ़

अंतर्राष्ट्रीय कलाकार दिवस पर बानबरद में आयोजित पंडवानी महासम्मेलन में शामिल हुए CM साय

24/10/2026
Main Slider

‘उत्तराखंडियों को घुसपैठिया कहने का हक किसने दिया?’ अखिलेश पर बरसे विनोद चमोली

24/10/2026
Main Slider

पंजाब की आशीर्वाद योजना से 12,784 परिवारों को राहत, 65.20 करोड़ रुपये जारी

24/10/2026
पंजाब

गैंगस्टरां ते वार’ का 277वां दिन: पंजाब पुलिस द्वारा 527 स्थानों पर छापेमारी; 223 काबू

24/10/2026
Next Post

UP सरकार ने सीएम चन्नी को लखीमपुर आने की नहीं दी इजाजत

यह भी पढ़ें

doctors

मंत्री के सामने डॉक्टर्स मर चुकी महिला का करते रहे इलाज, और फिर…

01/05/2022
coconut oil

बालों के लिए रामबाण है ये तेल, जानें इससे मिलने वाले फायदे

13/11/2025
Foreign exchange reserves

विदेशी मुद्रा भंडार 25 करोड़ डॉलर घटा, जानिए क्यों आई गिरावट

21/02/2021
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version