लखनऊ। सुबह लगातार हो रही बारिश ने गर्म मौसम को तो ठंडा किया, लेकिन रामभक्तों की गर्मजोशी और बढ़ गई। राष्ट्रीय पर्व एवं उत्सव समिति की ओर से बुधवार विजयादशमी शोभा यात्रा (Vijayadashami shobhayatra) जय श्रीराम के गगनभेदी नारे के साथ शुरू हुई। जिसके बाद 68 किलोमीटर की इस यात्रा में 138 चौराहों पर लोगों ने भीगते हुए यात्रा का स्वागत किया।
नारे लगाते हुए सड़क पर उतर पड़े लोग
राजधानी में बुधवार सुबह शुरू हुई बारिश भी शोभायात्रा (Vijayadashami shobhayatra) में शामिल लोगों का सफर नहीं रोक सकी। पूरे जोश के साथ दो पहिया व चार पहिया से लोग जय श्रीराम के जयघोष लगाते बारिश में भीगते हुए निकल पड़े। यही नहीं पूरे रास्ते लोगों ने सड़क पर इस भव्य शोभायात्रा का बारिश में भीगते हुए पुष्प वर्षा व फूल माला पहनाकर गर्मजोशी से जोरदार स्वागत किया।
अवध प्रांत प्रचारक ने पूजा अर्चना के साथ किया यात्रा का शुभारंभ
यात्रा का शुभारंभ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अवध प्रांत प्रचारक कौशल किशोर ने विधिविधान से पूजा अर्चना के साथ किया। शोभायात्रा गोमती नगर के परिवर्तन स्थल से निकली। बुधवार सुबह से हो रही बारिश में भी शोभायात्रा में शामिल होने वालों का जोश ठंडा नहीं पड़ा। ज्यादातर लोग चार पहिया से परिवर्तन स्थल पहुंचे। जिसके बाद यात्रा की शुरुआत हुई। चार पहिया वाहन के साथ दोपहिया वाहन सवार भी बारिश के बीच ही शोभायात्रा में निकल पड़े। कार्यक्रम के प्रवक्ता शिवांक रमन भदौरिया ने बताया कि गाड़ियों के लंबे काफिले के बीच प्रभु श्रीराम की मूर्ति के साथ रथ शोभायमान रहा। इस रथ पर ढोल और दूसरी गाड़ियों पर साउंड के जरिए लोग जय श्रीराम के जयघोष लगाते रहे। संघ से जुड़े इस शोभायात्रा कार्यक्रम का पूरे रास्ते बारिश में सड़क पर खड़े लोगों ने पुष्प वर्षा करके भव्य स्वागत किया।
लखनऊ की विजयादशमी शोभायात्रा (Vijayadashami Shobhayatra) बनाएंगे विश्वविख्यात : ललित
राष्ट्रीय पर्व एवं उत्सव समिति के अध्यक्ष ललित ने बताया कि जिस प्रकार महाराष्ट्र की गणेश पूजा, बंगाल की दुर्गा पूजा, गुजरात की नवरात्र पूजा एवं बरसाने की होली विश्वविख्यात है, उसी प्रकार लखनऊ की विजयादशमी शोभायात्रा को भी विश्वविख्यात करना है। इससे पहले वर्ष 2019, 2020 एवं 2021 में राष्ट्रीय पर्व एवं उत्सव समिति ने लखनऊ में जयश्रीराम विजयादशमी शोभायात्रा का आयोजन किया है। इस शोभायात्रा में राजधानी के 138 चौराहों के साथ 68 किलोमीटर की यात्रा तय की गई। शोभा यात्रा अम्बेडकर चौराहा, दयाल चौराहा, कैप्टन मनोज पाण्डेय, चिनहट तिराहा, कपड़ा कोठी, कपूरथला, आईटी, चरक, ठाकुरगंज, बालागंज, अवध चौराहा, चारबाग, कैसरबाग, मीराबाई मार्ग होते हुए प्रतीक स्थल पर लौटी।









