• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

धनतेरस पर बन रहा सर्वार्थसिद्धि और अमृत सिद्ध का शुभ योग, जाने पूजा का उत्तम मुहूर्त

Writer D by Writer D
21/10/2022
in Main Slider, धर्म, फैशन/शैली
0
Dhanteras

Dhanteras

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

धनतेरस (Dhanteras) का पर्व हस्त नक्षत्र में मनाया जाएगा। धनतेरस पर सर्वार्थ सिद्धि और अमृत सिद्ध योग बन रहा है जो विशेष शुभ माना जाता है। इस वर्ष कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी 22 और 23 अक्तूबर को प्रदोष व्यपिनी है। दोनों दिन प्रदोष काल शाम 5:45 बजे से रात्रि 8:15 बजे तक रहेगा।

बालाजी ज्योतिष संस्थान के पं. राजीव शर्मा का कहना है कि यदि दोनों दिन त्रयोदशी प्रदोष-व्यपिनी हो तो यह व्रत दूसरे दिन करना चाहिए। इस मान्यता के अनुसार धनतेरस पर्व 23 अक्तूबर को मनाना चाहिए।

पंच दिवसीय दीपावली का पहला दिन धन त्रियोदशी से आरम्भ होता है। इस वर्ष धनतेरस पर्व पर चंद्र का भी संचार कन्या राशि मे होना शुभ रहेगा। गोचर में शुक्र-बुध ग्रह का राजयोग भी बन रहा है जो कि धनतेरस पर कुबेर को प्रसन्न करने के साथ व्यापार शुभ कार्यों के आरम्भ करने के लिए भी अतिश्रेष्ठ रहेगा। इस दिन चुर्तमास की समाप्ति होगी। पौराणिक मान्यता के अनुसार इस दिन आयुर्वेद विद्या के जनक भगवान धन्वन्तरि का जन्म हुआ था।

धन्वन्तरि (Dhanteras) पूजा मुहूर्त

सुबह 7:40 बजे से 12:04 बजे तक पूजा का मुहूर्त है। बर्तन एवं आभूषण खरीदने का शुभ समय दोपहर 1:28 बजे से 2:53 बजे तक और शाम 5:47 बजे से रात्रि 10:28 बजे तक है। यम दीप दान मुहूर्त काल (प्रदोष काल) 5:44 बजे से 7:14 बजे तक होगा।

धन त्रियोदशी पर करें दीपदान

स्कन्द पुराण के अनुसार कार्तिक कृष्ण पक्ष त्रियोदशी के प्रदोष काल में यमराज के निमित्त दीप और नैवेध समर्पित करने पर अपमृत्यु अथवा अकाल मौत का नाश होता है। पं. राजीव शर्मा का कहना है कि यमदीप दान केवल प्रदोष काल मुहूर्त शाम 5:44 बजे से रात्रि 7:14 बजे तक ही करें। यमदीप दान के लिए मिट्टी का एक बड़ा दीपक लेकर उसको स्वच्छ जल से धोने के बाद उसमें दो रूई की बत्तियां बनाकर (चौमुखा दीपक) उसे तिल के तेल से भर दें एवं उसमें कुछ काले तिल भी डाले। प्रदोष काल में तैयार किए गए दीपक का रोली, अक्षत एवं पुष्प से पूजन करें तत्पश्चात् घर के मुख्य द्वार पर गेहू अथवा खील की ढेरी बनाकर उसके ऊपर दीपक रखकर प्रार्थना करें।

Tags: Dhanterasdhanteras 2022dhanteras muhurtdhanteras puja
Previous Post

सूफी संतों ने हमेशा एकता और सादगी का पैगाम दिया: आलोक कुमार त्रिपाठी

Next Post

त्योहारों के मद्देनज़र बेहतर सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने के दिये निर्देश: एके शर्मा

Writer D

Writer D

Related Posts

Main Slider

होमगार्ड्स के 41,424 पदों का अंतिम चयन परिणाम जारी

03/10/2026
Main Slider

“विकास भी, विरासत भी और जनसुविधा भी—धामी सरकार ने तेज की शहरों को संवारने की कवायद”

03/10/2026
Main Slider

विकास के साथ अपनी धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित कर रहा उत्तराखण्डः सीएम धामी

03/10/2026
Main Slider

धन के अभाव में किसी छात्र की पढ़ाई नहीं रुकेगी: सीएम योगी

03/10/2026
Main Slider

नवरात्र-दिवाली में ‘भारत टैक्सी’ आसान करेगी यूपी का सफर

03/10/2026
Next Post
AK Sharma

त्योहारों के मद्देनज़र बेहतर सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने के दिये निर्देश: एके शर्मा

ADVERTISEMENT

यह भी पढ़ें

प्रधानमंत्री ने दी उत्तराखंड को दी 17,000 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं की सौगात

30/12/2021

बॉलीवुड अभिनेत्री सनी लियोनी बोलीं- इससे बेहतर कोविड -19 हो जाए

23/07/2020
UPITS 2025

मुंबई में रोडशो के जरिए योगी सरकार ने दिखाई औद्योगिक ताकत

25/07/2025
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version