श्रीहरिकोटा। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने आज सुबह सतीश धवन स्पेस सेंटर से अपने नए और सबसे छोटे रॉकेट (SSLV-D 2) को अंतरिक्ष में लॉन्च कर दिया। (SSLV-D 22) ने अपने साथ तीन सैटेलाइट लेकर अंतरिक्ष की उड़ान भरी।
इनमें अमेरिकी कंपनी अंतारिस का सैटेलाइट जेएएनयूएस-1, चेन्नई के स्पेस स्टार्टअप स्पेसकिड्ज की सैटेलाइट आजादी सेट-2 और इसरो का सैटेलाइट ईओएस-07 शामिल हैं। ये तीनों सैटेलाइट्स 450 किलोमीटर दूर सर्कुलर ऑर्बिट में स्थापित किए जाएंगे।
इसरो के अनुसार, एसएसएलवी 500 किलोग्राम तक की सैटेलाइट को लोअर ऑर्बिट में लॉन्च करने में काम में लाया जाता है। यह रॉकेट ऑन डिमांड के आधार पर किफायती कीमत में सैटेलाइट लॉन्च की सुविधा देता है।
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34 मीटर लंबे एसएसएलवी रॉकेट का व्यास 2 मीटर है। यह रॉकेट कुल 120 टन के भार के साथ उड़ान भर सकता है। इस रॉकेट की पहली उड़ान पिछले साल अगस्त में विफल हो गई थी।









