• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

आज रखा जाएगा वरलक्ष्मी व्रत, जानिए इसकी कथा और महत्व

Writer D by Writer D
25/08/2023
in Main Slider, धर्म, फैशन/शैली
0
Mahalakshmi Rajyoga

Mahalakshmi Rajyoga

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

हिंदू धर्म में हर साल कई त्योहार बड़े ही धूमधाम से मनाए जाते हैं। वहीं, 25 अगस्त 2023 को वरलक्ष्मी व्रत (Varalakshmi Vrat) पड़ रहा है। इस दिन महिलाएं पति की लंबी आयु, संतान प्राप्ति, धन-ऐश्वर्य पाने के लिए व्रत करती हैं। ये व्रत सावन माह के आखिरी शुक्रवार पर रखा जाता है। इस दिन मां लक्ष्मी के वरलक्ष्मी रूप की पूजा की जाती है। वरलक्ष्मी व्रत (Varalakshmi Vrat) के प्रभाव से व्यक्ति के जीवन में सुख-समृद्धि आती है। मां लक्ष्मी की कृपा से जातक का धन-धान्य हमेशा भरा रहता है। इस व्रत की कथा सुनने मात्र से ही मां लक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त होता है। दक्षिण भारत में इस व्रत की विशेष मान्यता है।

वरलक्ष्मी व्रत (Varalakshmi Vrat) कथा और महत्व

पंडित आशीष शर्मा के अनुसार, धर्म ग्रंथों में उल्लेख है कि भगवान शिव ने माता पार्वती को वरलक्ष्मी व्रत की कथा सुनाई थी। इस कथा के मुताबिक मगध देश में कुंडी नाम का नगर था। यहां चारुमती नाम की महिला रहती थी, जो मां लक्ष्मी की परम भक्त थीं। चारुमति हर शुक्रवार को मां लक्ष्मी का व्रत रखती थीं। साथ ही विधि-विधान से पूजन करती थी। एक बार मां लक्ष्मी चारुमती के सपने में आयीं और उन्होंने उससे सावन के आखिरी शुक्रवार को वरलक्ष्मी व्रत करने के लिए कहा।

चारुमती ने मां लक्ष्मी का आदेश मानकर व्रत किया। जब चारुमती की पूजा संपन्न हुई, तो मां वरलक्ष्मी के आशीर्वाद से उसकी किस्मत चमक उठी। चारुमती का घर धन-धान्य से भर गया। उसका शरीर सोने-चांदी के गहनों से सज गया। इसके बाद नगर की सभी महिलाओं ने इस व्रत को किया, जिसके फलस्वरूप उन्हें शुभ चीजें प्राप्त हुईं और उनका घर परिपूर्ण हो गया। उस नगर में रहने वालों को कभी किसी चीज की कमी नहीं हुई। जिसके बाद इस व्रत का चलन दक्षिण भारत में बढ़ गया और इसे धन-धान्य प्रदान करने वाला व्रत माना गया।

वरलक्ष्मी व्रत (Varalakshmi Vrat) शुभ मुहूर्त

सिंह लग्न पूजा मुहूर्त प्रातः 05.55 – सुबह 07.42 तक।

वृश्चिक लग्न पूजा मुहूर्त अपराह्न 12.17 – दोपहर 02.36 तक।

कुम्भ लग्न पूजा मुहूर्त संध्या 06.22 – रात 07.50 तक।

वृषभ लग्न पूजा मुहूर्त मध्यरात्रि 10.50 – प्रातः 12.45 तक।

Tags: Varalakshmi VratVaralakshmi Vrat kathaVaralakshmi Vrat muhurtVaralakshmi Vrat pujaVaralakshmi Vrat2023
Previous Post

आजीवन कारावास की सजा काटकर लौटे अपराधी की हत्या

Next Post

जन्माष्टमी सहित सितंबर में आएंगे ये त्योहार, देखें पूरी लिस्ट

Writer D

Writer D

Related Posts

Main Slider

नहीं रहे रामगोविंद चौधरी, SGPGI में ली अंतिम सांस; सपा में शोक की लहर

25/09/2026
Main Slider

26 और 27 सितंबर को रेड अलर्ट के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें, सुरक्षित रहेंः CM धामी

25/09/2026
Main Slider

यूपी में मौसम को लेकर योगी सरकार अलर्ट, जिलाधिकारियों को विशेष सतर्कता के निर्देश

25/09/2026
Main Slider

UPITS: देशी-विदेशी मेहमानों ने चखी मेरठ की रेवड़ी-गजक, बोले-वाह

25/09/2026
Main Slider

सड़क किनारे रुके सीएम धामी, भुट्टा चखा और लिया सरकार के काम का फीडबैक

25/09/2026
Next Post
Shri Krishna Janmashtami

जन्माष्टमी सहित सितंबर में आएंगे ये त्योहार, देखें पूरी लिस्ट

यह भी पढ़ें

बिहार चुनाव

बिहार चुनाव: राजग को 66 सीटों पर बढ़त, महागठबंधन प्रत्याशी 62 सीटों पर आगे

10/11/2020

देश में कोरोना रिकवरी दर बढ़कर 96.43 प्रतिशत हुई, 1.92 करोड़ मरीज रोगमुक्त

11/01/2021
amit shah

दुबकने को मरना तो न कहें साहब!

14/11/2021
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version