• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
Advertisement
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

कब है भाद्रपद अमावस्या, जानें स्नान और दान का मुहूर्त

Writer D by Writer D
08/09/2023
in Main Slider, धर्म, फैशन/शैली
0
Jyeshtha Amavasya

Jyeshtha Amavasya

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

हिंदू धर्म में भादो मास की अमावस्या (Amavasya) का विशेष महत्व बताया गया है। पौराणिक मान्यता है कि पितृपक्ष से पहले पितरों को खुश करने के लिए भाद्रपद अमावस्या ( Bhadrapada Amavasya) मनाई जाती है। इसे भादो अमावस्या भी कहा जाता है और इस दिन पवित्र नदी में स्नान किया जाता है और दान किया जाता है। पंडित प्रभु दयाल दीक्षित के मुताबिक, भाद्रपद अमावस्या पर स्नान और दान का का विशेष महत्व है और इसके बारे में यहां विस्तार से जान सकते हैं।

जानें कब है भाद्रपद अमावस्या ( Bhadrapada Amavasya)

वै​दिक पंचांग के मुताबिक, भाद्रपद अमावस्या 14 सितंबर, गुरुवार को सुबह 04.48 मिनट से शुरू हो जाएगी और 15 सितंबर शुक्रवार को सुबह 07.09 बजे संपन्न होगी। ऐसे में उदया तिथि के चलते भाद्रपद अमावस्या 14 सितंबर को मनाई जाएगी।

स्नान और दान का मुहूर्त

भाद्रपद अमावस्या ( Bhadrapada Amavasya) पर ब्रह्म मुहूर्त के साथ ही स्नान और दान करना शुभ होगा। 14 सितंबर को ब्रह्म मुहूर्त सुबह 04:32 बजे से प्रात: 05:19 बजे तक है। इस बाद उत्तम मुहूर्त सुबह 06:05 बजे से सुबह 07:38 बजे के बीच है। इस दौरान स्नान और दान करना शुभ हो सकता है।

भाद्रपद अमावस्या ( Bhadrapada Amavasya) पर इन चीजों का करें दान

भाद्रपद अमावस्या ( Bhadrapada Amavasya) के दिन अपने सामर्थ्य के अनुसार, कपड़े और अन्न का दान करना चाहिए। ऐसा करने से पितरों की आत्मा को शांति मिलती है। भाद्रपद में भगवान विष्णु की पूजा करते हैं और भाद्रपद अमावस्या पर ​पीपल के पेड़ की पूजा करना भी शुभ होता है। स्नान के बाद पीपल के पेड़ को जल अर्पित करना चाहिए।

Tags: AstrologyAstrology tipsbhadrapada amavasyaBhadrapada Amavasya 2023Bhadrapada Amavasya danBhadrapada Amavasya muhurtBhadrapada Amavasya upaaySignificance Of Bhadrapada Amavasya
Previous Post

इस दिन बन रहा है अत्यंत शुभ रवि पुष्य योग, करें ये उपाय

Next Post

आतंकवादी हमले में 15 सैनिकों समेत 64 की मौत

Writer D

Writer D

Related Posts

Main Slider

मौसम विभाग के अलर्ट के दृष्टिगत CM धामी ने अधिकारियों को सतर्क रहने के दिए निर्देश

30/10/2026
Anant Singh
Main Slider

अनंत सिंह की बढ़ीं मुश्किलें, सुप्रीम कोर्ट ने जमानत पर लगाई रोक

30/10/2026
Amit Shah
Main Slider

UP Election 2027 के लिए BJP का महामंथन, अमित शाह ने संभाली कमान

30/10/2026
Main Slider

अब व्यापारी के विश्वास का प्रकाश है रात में जगमगाते बाजारों की रोशनी: मुख्यमंत्री

30/10/2026
Main Slider

Karwa Chauth 2026: आज जरूर पढ़ें करवा चौथ की ये 3 व्रत कथाएं

29/10/2026
Next Post
Terrorists

आतंकवादी हमले में 15 सैनिकों समेत 64 की मौत

यह भी पढ़ें

‘IWL’ में सेतु एफसी ने ओडिशा को 4-0 से दी मात

06/05/2022

राम गोविंद चौधरी को अखिलेश यादव ने दी अंतिम विदाई, बोले- समाजवादी आंदोलन को बड़ी क्षति

26/09/2026
stock pexels

Market: जल्द ही बाजार में आएगी गिरावट, अपनाएं यह निवेश रणनीति, होगा मुनाफा

12/12/2020
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version