• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

सोमवती अमावस्या पर बन रहे हैं दुर्लभ योग, पितृ दोष से मिलेगी मुक्ति

Writer D by Writer D
04/04/2024
in Main Slider, धर्म, फैशन/शैली
0
Somvati Amavasya

Somvati Amavasya

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

हर महीने अमावस्या तिथि कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी के अगले दिन आती है। इस वर्ष चैत्र अमावस्या 8 अप्रैल को पड़ रही है। सोमवार को पड़ने से यह सोमवती अमावस्या कहलाएगी। गरुड़ पुराण में बताया गया है कि सोमवती अमावस्या (Somvati Amavasya) की तिथि पर पितरों का तर्पण करना बहुत शुभ होता है। इस दिन पितरों को तर्पण करने से पितृ दोष से मुक्ति मिलती है। इसलिए, श्रद्धालु सोमवती अमावस्या (Somvati Amavasya) तिथि पर गंगा सहित पवित्र नदियों में स्नान करते हैं और भगवान नारायण और पितरों की पूजा करते हैं।

ज्योतिषियों के मुताबिक, सोमवती अमावस्या (Somvati Amavasya) की तिथि पर दुर्लभ इंद्र योग बन रहा है। इस योग में भगवान विष्णु की पूजा करने से जीवन में चल रही परेशानियों से छुटकारा मिलता है।

सोमवती अमावस्या (Somvati Amavasya) शुभ मुहूर्त

पंचांग के अनुसार, सोमवती अमावस्या (Somvati Amavasya) 8 अप्रैल को दोपहर 3.21 बजे शुरू होगी और 8 अप्रैल को ही रात 11.50 बजे समाप्त होगी। उदया तिथि के कारण सोमवती अमावस्या 8 अप्रैल को मनाई जाएगी।

इंद्र योग

ज्योतिषियों के अनुसार, कई वर्षों के बाद चैत्र अमावस्या पर दुर्लभ और शुभ इंद्र योग बन रहा है। इस योग का प्रशिक्षण शाम 06:14 बजे तक रहेगा। इस योग में पूजा-पाठ और शुभ कार्य किए जा सकते हैं। हालांकि, खरमास में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए।

शिव वास

सोमवती अमावस्या (Somvati Amavasya) पर भगवान शिव, आदिशक्ति मां पार्वती संग रात 11.50 बजे तक साथ रहेंगे। इस दौरान भगवान शिव की पूजा की जाए, तो हर मनोकामना पूरी होती है। शास्त्रों में बताया गया है कि जब भगवान शिव माता पार्वती के साथ हों, तो रुद्राभिषेक करने से कई गुना फल प्राप्त होता है।

Tags: Somvati Amavasya 2024Somvati Amavasya DateSomvati Amavasya muhuratSomvati Amavasya pujasomvati-amavasya
Previous Post

इस दिन मनाई जाएगी चैत्र पूर्णिमा, जानें शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

Next Post

हनुमान जन्मोत्सव पर इस विधि से करें पूजा, बजरंगबली की बरसेगी कृपा

Writer D

Writer D

Related Posts

CM Yogi
Main Slider

अब बंगाल में भी बहार, क्योंकि बनने जा रही डबल इंजन सरकार: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

22/04/2026
Main Slider

डबल इंजन से दौड़ा विकास, उत्तराखंड में 2 लाख करोड़ की परियोजनाएं

22/04/2026
Main Slider

शनि का ‘अग्निपरीक्षा’ काल शुरू, इन राशियों के लिए शुरू हुआ मुश्किल वक्त

22/04/2026
Main Slider

वैष्णो देवी मंदिर में महाधोखा, चढ़ावे की चांदी में मिलावट का खुलासा

22/04/2026
Main Slider

वैदिक मंत्रोंच्चार के साथ खुले बाबा केदारनाथ के कपाट, प्रधानमंत्री के नाम से की गई पहली पूजा

22/04/2026
Next Post
Hanuman Jayanti

हनुमान जन्मोत्सव पर इस विधि से करें पूजा, बजरंगबली की बरसेगी कृपा

यह भी पढ़ें

Suresh Rahi

‘खुद जाकर बदल लो ट्रांसफॉर्मर’ राज्यमंत्री से बोला बिजली विभाग का JE, फिर जो हुआ ….

06/08/2025
Electrocution

सास को बचाने के लिए दौड़ी बहू की करंट लगने से मौत

25/06/2021
Mixer Jar

मिक्सर की धार होगी है खत्म, बढ़ाने के फॉलो करें टिप्स

16/05/2025
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version