• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

पितृ पक्ष में कौवे को क्यों खिलाते हैं भोजन, जानें इसका महत्व

Writer D by Writer D
01/09/2025
in Main Slider, धर्म, फैशन/शैली
0
Pitru Paksha

Pitru Paksha

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

हिंदू धर्म में पितृ पक्ष (Pitru Paksha) का बहुत महत्व माना जाता है। यह पर्व अपने दिवंगत पूर्वजों को याद करने और उनको श्रद्धांजलि देने का एक खास अवसर होता है। पितृपक्ष का यह पर्व आमतौर पर भाद्रपद पूर्णिमा से लेकर आश्विन कृष्ण पक्ष अमावस्या तक 16 दिनों तक चलता है। इस दौरान, लोग अपने पितरों की आत्मा की शांति के लिए श्राद्ध करते हैं। श्राद्ध कर्म में पितरों का तर्पण, पिंडदान और अन्य धार्मिक अनुष्ठान किए जाते हैं। पितृ पक्ष (Pitru Paksha) में कौवे को भोजन कराना बहुत महत्वपूर्ण और सबसे जरूरी कार्य माना जाता है।

मान्यता है कि पितृपक्ष (Pitru Paksha) में किए गए श्राद्ध कर्म का भोजन कौवे को खिलाने से पितरों को मुक्ति एवं शांति मिलती है और उन्हें मोक्ष की प्राप्ति होती है। इससे पितृ प्रसन्न होते हैं और साधक को आशीर्वाद प्रदान करते हैं, जिसके फलस्वरूप अगर साधक की कुंडली में पितृदोष है तो उसको पितृदोष से छुटकारा भी मिलता है। पितरों को प्रसन्न करने और पितृदोष से मुक्ति पाने के लिए पितृ पक्ष में कौवे को भोजन खिलाना बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। लेकिन आखिर पितृ पक्ष (Pitru Paksha)  में कौवे को ही भोजन क्यों कराया जाता है।

माना जाता है यमदूत का प्रतीक

हिंदू धर्म में कौवे को यमदूत का वाहन और यम का प्रतीक माना जाता है। यमराज मृत्यु के देवता हैं। मान्यता है कि पितरों (पूर्वजों) की आत्माएं पितृपक्ष के दौरान पृथ्वी पर आती हैं और कौए के रूप में भोजन ग्रहण करती हैं। जब हम कौए को भोजन खिलाते हैं,तो यह माना जाता है कि हम अपने पितरों को संतुष्ट कर रहे हैं और उनकी आत्माओं की तृप्ति कर रहे हैं।

पितरों का संदेशवाहक

कुछ मान्यताओं के अनुसार, कौवे को पितरों का संदेशवाहक भी माना जाता है। इसलिए पितृपक्ष में कौवे को भोजन खिलाकर पितरों का आशीर्वाद प्राप्त किया जाता है।

कौवों का माना जाता है भगवान राम से संबंध

कौए का संबंध भगवान राम से भी माना जाता है। जिसका जिक्र एक पौराणिक कथा में है। कथा के अनुसार, एक बार एक कौए ने माता सीता के पैर में चोंच मार दी। इससे माता सीता के पैर में घाव हो गया। माता सीता को पीड़ा में देख कर भगवान राम क्रोधित हो गए और उन्होंने तीर चलाकर उस कौवे को घायल कर दिया। इसके बाद कौवे को अपनी गलती का अहसास हुआ तो उसने माता सीता और प्रभु श्रीराम से माफी मांगी। प्रभु श्रीराम ने कौए को तुरंत माफ कर दिया और वरदान दिया कि अब तुम्हारे ही माध्यम से पूर्वजों को मोक्ष की प्राप्ति होगी। तभी से पितृ पक्ष में कौए को भोजन कराने की ये परंपरा सदियों से चली आ रही है।

Tags: pitru pakshaPitru Paksha 2025Pitru Paksha date
Previous Post

महालक्ष्मी व्रत के दौरान पढ़ें यह कथा, घर से दूर हो जाएगी दरिद्रता

Next Post

इस विधि से करें महालक्ष्मी व्रत का समापन, घर में बना रहेगा मां लक्ष्मी का वास

Writer D

Writer D

Related Posts

CM Dhami
Main Slider

मुख्यमंत्री धामी बोले-देवभूमि में सड़कों पर नमाज़ नहीं होने देंगे, कानून से ऊपर कोई नहीं

22/05/2026
Bhojshala
Main Slider

भोजशाला में 721 वर्ष बाद शुक्रवार को हुई महाआरती, वाग्देवी की प्रतिमा रखकर किया पूजन

22/05/2026
CM Yogi
Main Slider

सबकी समस्या का समाधान सरकार की प्राथमिकता: मुख्यमंत्री

22/05/2026
CM Yogi
Main Slider

बहन-बेटियों के साथ इज्जत से पेश आओ, वरना अगले चौराहे पर यमराज इंतजार करते मिलेंगे : योगी आदित्यनाथ

22/05/2026
promotion
Main Slider

काम से खुश होकर सीएम योगी ने दिया तोहफा, 104 एसडीएम की बढ़ी सैलरी और पद

22/05/2026
Next Post
Maa Lakshmi

इस विधि से करें महालक्ष्मी व्रत का समापन, घर में बना रहेगा मां लक्ष्मी का वास

यह भी पढ़ें

Realme

Flipkart पर होली धमाका, 6 हजार से कम में मिल रहा Realme

16/03/2022

अब रात में भी हो सकेगा पोस्ट मार्टम, केंद्र ने दी मंजूरी

15/11/2021
Heeraba

पीएम मोदी की मां के निधन पर बॉलीवुड हस्तियों ने जताया शोक

30/12/2022
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version