• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

आज रखा जाएगा रमा एकादशी व्रत, पढ़ें राजा मुचकंद और उसकी बेटी की कहानी

Writer D by Writer D
28/10/2024
in धर्म, फैशन/शैली
0
Jaya Ekadashi

Jaya Ekadashi

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

इस साल रमा एकादशी (Rama Ekadashi) व्रत 28 अक्टूबर को रखा जाएगा। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा की जाती है और फिर उनकी कथा पढ़ी जाती है। रमा एकादशी व्रत कथा इस प्रकार है

रमा एकादशी (Rama Ekadashi)  की कथा सुनाते हुए भगवान कृष्ण ने कहा, हे युधिष्ठर, कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की एकादशी का नमा रमा है। इसकी कथा ऐसे-प्राचीन काल में मुचकंद नामक एक राजा सत्यवादी और भगवान विष्णु का परम भक्त थे। सत्यवादी राजा मुचकंद की एक पुत्री थी, जिसका नाम चंद्रभागा था। चंद्रभागा का विवाह अन्य नगरी के राजा के पुत्र शोभन से हुआ था। राजा मुचकंद हर साल एकादशी का व्रत रखते थे। राजा के अलावा उनके राज्य के सभी लोग भी ये व्रत पूरे मन से रखते थे।

चंद्रभागा के पति शोभन का शरीर काफी कमजोर था, लेकिन वो एकादशी (Rama Ekadashi) व्रत में बहुत श्रद्धा रखता था। एक दिन शोभन ससुराल में था और एकादशी आ गई। मुचकंद राजा ने राज्यभर में ऐलान कर दिया कि आज प्रजा के सभी लोगों का उपवास होगा। उसने कहा कि हाथी, घोड़ा और ऊंट को भी अन्न नही देना? राजकुमार शोभन मुनादि सुनकर पत्वि के पास गया और कहा कि मैंने उपवास किया और तो निश्चय ही मृत्यु हो जाएगी।

उसने कहा कि उपवास की शक्ति ना हो, तो यहां से कहीं और चले जाइए। पत्नि के कहने पर शोभन ने एकादशी का व्रत किया, दिन भर प्यासा रहा, रात को जागरण भी किया, लेकिन सुबह पारण के समय अपने प्राण त्याग दिए। व्रत के प्रभाव से अगले जन्म में उसे हिमाचल पर्वत पर रत्न जड़ित उत्तम नगर मिला। लेकिन राजा ने क पति की मृत्यु के बाद चंद्रभागा अपने पिता के राज महल में वापस आ जाती है और वहां रहकर खुद को पूजा-पाठ में लीन कर लेती है।

एक दिन मुचकंद राजा के नगर का एक साधु वहीं पहुंच जहां चंद्रभागा का पति राज्य करता था। साधु ने उससे पूछा कि इतना पुण्य कैसे मिला, इस पर शोभन ने सभी कहानी बताई। शोभन ने साधु से कहा कि यह राज्य अभी अध्रूव है और इसे ध्रूव करने की शक्ति मेरी पत्नी में है।

साधु ने वापस आकर चंद्रभागा को सारी कहानी बताई और ये बात सुनकर चंद्रभागा को बेहद प्रसन्नता हुई और वो शोभन से मिलने के लिए जाती है। चंद्रभागा शोभन को सारी बात बताती है, जिसके बाद दोनों साथ में खुशी-खुशी रहने लगते हैं।

Tags: rama ekadashirama ekadashi daterama ekadashi kathaRama Ekadashi muhurat
Previous Post

रमा एकादशी पर करें ये खास उपाय, श्रीहरि दूर करेंगे दरिद्रता

Next Post

प्रदोष व्रत के दिन न क्या करें, जानें पूजा और उपवास का सही नियम

Writer D

Writer D

Related Posts

House
फैशन/शैली

बिना AC-कूलर के भी घर में रहेगी ठंडक, अपनाएं ये टिप्स

22/03/2026
oily skin
फैशन/शैली

गर्मियों में ऑयली स्किन की ऐसे करें देखभाल

22/03/2026
summer fashion
फैशन/शैली

झुलसती गर्मियों में ये ड्रेसेस आपको बनाएगी स्टाइलिश

22/03/2026
Faluda Kulfi made at home in summer, you will be happy after eating
खाना-खजाना

गर्मियों में घर में बनाए लाजबाब फालूदा कुल्फी

22/03/2026
angry wife
फैशन/शैली

इस नाम वाले लोगों को मिलती है ऐसी पत्नी

22/03/2026
Next Post
Pradosh Vrat

प्रदोष व्रत के दिन न क्या करें, जानें पूजा और उपवास का सही नियम

यह भी पढ़ें

UPITS

उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो 2025 का बेंगलुरु रोड शो सम्पन्न

18/07/2025
Bank of India

बैंक ऑफ इंडिया पीओ का एडमिट कार्ड जारी, जानें कब होगी परीक्षा

18/03/2023
AK Sharma

समयबद्धता और पारदर्शिता के साथ विकास कार्यों को करें पूर्ण: एके शर्मा

20/11/2025
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version