• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

सुप्रीम कोर्ट से ताहिर हुसैन को तगड़ा झटका, अंतरिम जमानत की मांग हुई खारिज

Writer D by Writer D
22/01/2025
in Main Slider, नई दिल्ली, राजनीति, राष्ट्रीय
0
Tahir Hussain

Tahir Hussain

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए AIMIM उम्मीदवार ताहिर हुसैन (Tahir Hussain) ने अंतरिम जमानत के लिए सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) का दरवाजा खटखटाया था, जहां से उन्हें बुधवार को राहत नहीं मिली है। इस मामले की सुनवाई जस्टिस पंकज मिथल और अहसानुद्दीन अमानुल्लाह की पीठ कर रही है। जस्टिस पंकज मिथल ने ताहिर की अंतरिम जमानत की मांग रद्द कर दी। हालांकि जस्टिस अमानुल्लाह दोपहर 2 बजे अलग आदेश देंगे।

सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि याचिकाकर्ता भारतीय नागरिक है और एक नागरिक के रूप में उसके अधिकारों का सम्मान किया जाना चाहिए। याचिकाकर्ता इस मामले और पीएमएलए सहित 11 मामलों में शामिल है, एक नागरिक के रूप में उसकी विश्वसनीयता कमजोर हो जाती है। अधिकांश मामलों में, याचिकाएं फरवरी 2020 के दिल्ली दंगों से संबंधित हैं और उनमें से कई में उन्हें जमानत दी गई है। वर्तमान मामले में यह न केवल दंगों से संबंधित है, बल्कि भारत सरकार के एक खुफिया अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या से भी संबंधित है।

उसने कहा कि आरोप बहुत गंभीर प्रकृति के हैं और कई महत्वपूर्ण गवाहों से पूछताछ की जानी बाकी है। याचिकाकर्ता का तर्क है कि नामांकन के लिए केवल हिरासत पैरोल पर्याप्त नहीं है, यदि उसे प्रचार के लिए बाहर नहीं जाने दिया गया। यह ध्यान दिया जाता है कि चुनाव लड़ने का अधिकार हिरासत पैरोल द्वारा संरक्षित है। चूंकि चुनाव के लिए प्रचार करने का अधिकार मौलिक या वैधानिक अधिकार नहीं है, इसलिए यह अदालत के विवेक पर निर्भर करता है कि याचिकाकर्ता को उपरोक्त उद्देश्य के लिए रिहा किया जाना चाहिए या नहीं।

इसलिए हर कैदी आएगा और कहेगा कि वे चुनाव लड़ना चाहते हैं- SC

शीर्ष अदालत ने कहा कि अंतरिम जमानत देने के प्रयोजनों के लिए चुनाव लड़ने के अधिकार को एक आधार के रूप में मान्यता नहीं दी गई है, बल्कि यह प्रत्येक मामले के तथ्यों और परिस्थितियों तक सीमित है। यदि ऐसी कोई याचिका उठाई जाती है तो पार्टी को नामांकन दाखिल करने की अनुमति है, लेकिन चुनाव लड़ने की नहीं। मौजूदा मामले में भी यही हुआ है।

5 साल बाद भी दिल्ली दंगों के ट्रायल क्यों खत्म नहीं हुआ?… सुप्रीम कोर्ट ने उठाए सवाल

कोर्ट ने अपने आदेश में आगे कहा है कि यदि अंतरिम जमानतदारों को चुनाव लड़ने की अनुमति दे दी जाती है तो इससे भ्रम का पिटारा खुल जाएगा और चूंकि चुनाव साल भर होते रहते हैं, इसलिए हर कैदी आएगा और कहेगा कि वे चुनाव लड़ना चाहते हैं। इससे मुकदमेबाजी की बाढ़ आ जाएगी। इसकी अनुमति नहीं दी जा सकती। यदि इसकी अनुमति दी जाती है, तो अगली कड़ी में याचिकाकर्ता वोट देने का अधिकार मांगेगा, जो एक मान्यता प्राप्त अधिकार है, लेकिन आरपीए द्वारा सीमित है, जिसमें कहा गया है कि कोई भी व्यक्ति किसी भी चुनाव में मतदान नहीं करेगा, अगर वह जेल में बंद है या पुलिस की वैध हिरासत में है।

गवाहों के प्रभावित होने की प्रबल आशंका- सुप्रीम कोर्ट

उसने कहा कि अगर याचिककर्ता को कैंपेन करने की इजाजत दी गई तो गवाहों के प्रभावित होने की प्रबल आशंका है। जमानत मिली तो इसका मतलब यह भी होगा कि याचिकाकर्ता इलाके में बैठकें करेगा और मतदाताओं से घर-घर जाकर मुलाकात करेगा। यदि याचिकाकर्ता इलाके में घूमता है तो गवाह के प्रभावति होने की संभावना अधिक है। इसके अलावा आरोप पत्र भी दायर किया गया है और यह रिकॉर्ड पर आया है कि अपराध के कमीशन में याचिकाकर्ता की भूमिका पर प्रकाश डाला गया है। उसके घर को अपराध के केंद्र के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था। याचिकाकर्ता अपनी लंबी हिरासत और सुनवाई पूरी न होने के आधार पर नियमित जमानत के लिए तर्क दे सकता है, लेकिन यह हमारे सामने नहीं है और हमारा हाईकोर्ट के क्षेत्राधिकार को हड़पने का इरादा नहीं है जहां नियमित जमानत याचिका लंबित है।

Tags: delhi electionsNational newsSupreme Courttahir hussain
Previous Post

मुठभेड़ में महिला समेत दो नक्सली ढेर, भारी मात्रा में हथियार बरामद

Next Post

महाकुम्भ में भारतीय दर्शन और सांस्कृतिक चेतना का प्रमुख केंद्र बना श्री आदि शंकर विमान मंडपम्

Writer D

Writer D

Related Posts

backless
Main Slider

तेज धूप से काली हो चुकी पीठ को ऐसे बनाएं खूबसूरत

10/06/2026
Copper
Main Slider

क्या आप भी रोज तांबे की बोतल से पीते है पीने, तो जान लें इसके नुकसान

10/06/2026
CM Yogi
उत्तर प्रदेश

योगी सरकार तीन तलाक और एसिड पीड़िताओं को देगी आवास योजना का लाभ

09/06/2026
Mission Shakti
उत्तर प्रदेश

योगी सरकार का मिशन शक्ति मॉडल : बदली बेटियों की तस्वीर, बढ़ा सुरक्षा और स्वाभिमान का दायरा

09/06/2026
CM Dhami
राजनीति

प्रधानमंत्री के नेतृत्व में साकार हो रहा विकसित भारत का संकल्प, उत्तराखंड बना विकास का मॉडल: मुख्यमंत्री धामी

09/06/2026
Next Post
Sri Adi Shankar Viman Mandapam

महाकुम्भ में भारतीय दर्शन और सांस्कृतिक चेतना का प्रमुख केंद्र बना श्री आदि शंकर विमान मंडपम्

यह भी पढ़ें

tamilnadu election

तमिलनाडु में मतदान शुरू, एक्टर रजनीकांत, कमल हासन ने डाला वोट

06/04/2021
Seema Haider

‘मेरी झोपड़ी के भाग आज खुल जाएंगे, राम आएंगे…’, सीमा हैदर ने जताई अयोध्या जाने की इच्छा

17/01/2024
Bhajan Singing Competition

श्री सनातन धर्म धर्मार्थ समिति भजन गायकी प्रतियोगिता 2022 का भव्य शुभारम्भ

06/08/2022
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version