• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

57 करोड़ श्रद्धालुओं के स्नान के बाद भी अल्कलाइन वाटर से भी बेहतर गंगा जल

Writer D by Writer D
20/02/2025
in Mahakumbh 2025, उत्तर प्रदेश, प्रयागराज
0
Maha Kumbh became a divine confluence of faith, energy and science

Maha Kumbh became a divine confluence of faith, energy and science

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

महाकुम्भनगर: महाकुम्भ में अब तक 57 करोड़ से अधिक श्रद्धालु गंगा में आस्था की डुबकी लगा चुके हैं। इसके बावजूद गंगा जल (Ganga Jal) की शुद्धता पर कोई असर नहीं पड़ा है। मिसाइल मैन एपीजे अब्दुल कलाम के साथ वैज्ञानिक विमर्श करने वाले पद्मश्री वैज्ञानिक डॉ. अजय कुमार सोनकर ने अपनी प्रयोगशाला में यह सिद्ध कर दिया है कि गंगा का जल (Ganga Jal) न केवल स्नान योग्य है, बल्कि अल्कलाइन वाटर जैसा शुद्ध है। गंगा नदी के जल की शुद्धता पर सवाल उठाने वालों को देश के शीर्ष वैज्ञानिक ने अपनी प्रयोगशाला में झूठा साबित कर दिया है।

उन्होंने अपने सामने गंगा जल लेकर प्रयोगशाला में जांचने की खुली चुनौती भी दी है। साथ ही कहा है कि जिसे जरा भी संदेह हो, वह मेरे सामने गंगा जल ले और प्रयोगशाला में जांचकर संतुष्ट हो जाए। मोती उगाने की दुनिया में जापानी वर्चस्व को चुनौती देने वाले शीर्ष भारतीय वैज्ञानिक ने संगम और अरैल के साथ एक दो नहीं बल्कि 05 घाटों से गंगा जल (Ganga Jal) कलेक्ट किया है। डॉ सोनकर के लगातार तीन महीने के शोध में यह साबित किया कि गंगा जल सबसे शुद्ध है। यहां नहाने से किसी प्रकार का कोई नुकसान नहीं हो सकता है। प्रयोगशाला में इसकी शुद्धता की पूरी तरह से पुष्टि हो गई है। बैक्टीरियोफेज के कारण गंगा जल की अद्भुत स्वच्छता क्षमता हर तरह से बरकरार है।

संगम और अरैल समेत 05 घाटों से गंगा जल (Ganga Jal) संग्रह करने के बाद वैज्ञानिक जांच

देश के शीर्ष वैज्ञानिक डॉ. अजय कुमार सोनकर ने महाकुम्भनगर के संगम नोज और अरैल समेत अलग-अलग 05 प्रमुख स्नान घाटों से खुद जाकर जल के नमूने इकट्ठा किए। इसके बाद उन्हें अपनी प्रयोगशाला में सूक्ष्म परीक्षण के लिए रखा। डॉ. अजय के अनुसार आश्चर्यजनक रूप से करोड़ों श्रद्धालुओं के स्नान के बावजूद जल में न तो बैक्टीरियल ग्रोथ देखी गई और न ही जल के पीएच स्तर में कोई गिरावट आई।

बैक्टीरियोफेज का चमत्कार : गंगा की प्राकृतिक शुद्धिकरण शक्ति

देश के शीर्ष वैज्ञानिक ने इस शोध में पाया कि गंगा जल में 1100 प्रकार के बैक्टीरियोफेज मौजूद हैं। जो किसी भी हानिकारक बैक्टीरिया को नष्ट कर देते हैं। यही कारण है कि गंगा जल में 57 करोड़ श्रद्धालुओं के स्नान करने के बाद भी उसका पानी दूषित नहीं हुआ।

गंगा जल को लेकर संदेह और भ्रम पैदा करने वाले सभी दावों को किया खारिज

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार कुछ संस्थाओं और लोगों ने जनता में एक तरह का भ्रम फैलाया। जिसमें गंगा जल को आचमन और स्नान के लिए अयोग्य बताया गया था। वहीं डॉ. सोनकर के शोध ने इस दावे को पूरी तरह गलत साबित कर दिया है। उन्होंने कहा कि गंगा जल की अम्लीयता (पीएच) सामान्य से बेहतर है और उसमें किसी भी प्रकार की दुर्गंध या जीवाणु वृद्धि नहीं पाई गई। विभिन्न घाटों पर लिए गए सैंपल को प्रयोगशाला में 8.4 से लेकर 8.6 तक पीएच स्तर का पाया गया है। जो काफी बेहतर माना गया है।

गंगा का जल (Ganga Jal) स्वास्थ्य के लिए लाभकारी

प्रयोगशाला में जल के नमूनों को 14 घंटों तक इंक्यूबेशन तापमान पर रखने के बाद भी उनमें किसी भी प्रकार की हानिकारक बैक्टीरिया की वृद्धि नहीं हुई। डॉ सोनकर ने यह भी स्पष्ट किया कि गंगा का जल न केवल स्नान के लिए सुरक्षित है, बल्कि इसके संपर्क में आने से त्वचा संबंधी रोग भी नहीं होते। डॉ. अजय कुमार सोनकर का दावा है कि कोई भी व्यक्ति उनके साथ घाटों पर जाकर जल के नमूने इकट्ठा कर सकता है और प्रयोगशाला में उनकी शुद्धता की पुष्टि कर सकता है। महाकुम्भ में 57 करोड़ से अधिक लोगों के स्नान के बावजूद गंगा जल आज भी अपनी प्राकृतिक शक्ति से रोगमुक्त बना हुआ है।

यदि वाकई गंगा जल प्रदूषित होता तो अब तक मच गया होता हाहाकार

डॉ सोनकर ने कहा कि यहां महाकुम्भ को लेकर एक बात बहुत ध्यान देने वाली है और वो यह कि जिस प्रकार गंगा के जल को महाकुम्भ के पहले से ही अति दूषित बताकर दुष्प्रचार किया जा रहा है, लेकिन यदि ऐसी स्थिति सच में हुई होती तो अब तक दुनिया में हाहाकार मच गया होता। अस्पतालों में कहीं पैर रखने की जगह भी नहीं बची होती। ये मां गंगा की स्वयं को शुद्ध कर लेने की अद्भुत शक्ति है कि 57 करोड़ श्रद्धालुओं के स्नान कर लेने के बाद भी किसी को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। भ्रम फैलाने वालों से पूछा जाना चाहिए कि यदि गंगा जल दूषित है तो इन 57 करोड़ श्रद्धालुओं में से एक भी श्रद्धालु को किसी प्रकार की बीमारी की कोई शिकायत क्यों नहीं पाई गई।

37°से. पर इंक्यूबेशन कंडीशन में भी बैक्टीरिया की संख्या नहीं बढ़ी

डॉ सोनकर के अनुसार पानी में बैक्टीरिया की वृद्धि पानी को अम्लीय बना देते हैं। कई बैक्टीरिया अपने चयापचय के हिस्से के रूप में अम्लीय उपोत्पाद उत्पन्न करते हैं, जो पानी के पीएच स्तर को कम करता है। जैसे ही बैक्टीरिया पोषक तत्वों का उपभोग करते हैं वे लैक्टिक एसिड या कार्बोनिक एसिड जैसे अम्लीय यौगिकों को छोड़ते हैं। जिसकी वजह से पीएच गिर जाता है। लेकिन जांच में पांचों नमूने अल्कलाइन पाए गए, जिसकी पीएच वैल्यू 8.4 से 8.6 रिकॉर्ड हुई है।

जो बैक्टीरिया के अप्रभाव को साबित करता है। साथ ही जल के नमूने में जीवित बैक्टीरिया बहुत कम संख्या में थे, जो जैविक रूप से अपनी आबादी बढ़ाने योग्य नहीं पाए गए। 37°से. पर इंक्यूबेशन कंडीशन में भी बैक्टीरिया की संख्या नहीं बढ़ी है।

Tags: ganga jalmaha kumbhMaha Kumbh 2025Prayagraj News
Previous Post

योगी सरकार ने अयोध्या, मथुरा, नैमिष, चित्रकूट के कायाकल्प के लिए खोला खजाना, 400 करोड़ रुपये का बजट किया आवंटित

Next Post

UP Budget: देश का पहला AI सिटी बनेगा ये शहर, बजट में पांच करोड़ रुपए का हुआ एलान

Writer D

Writer D

Related Posts

ODOP CFC
उत्तर प्रदेश

ODOP CFC को जनभागीदारी से जोड़ने पर योगी सरकार का जोर

12/05/2026
CM Yogi
Main Slider

प्रधानमंत्री के आह्वान से जुड़ें प्रदेशवासी, ईंधन की खपत कम करें, अनावश्यक न करें सोने की खरीदारीः मुख्यमंत्री

12/05/2026
Akhilesh Yadav
उत्तर प्रदेश

वर्तमान सरकार पेपर लीक का रिकॉर्ड बना रही है : अखिलेश यादव

12/05/2026
Keshav Prasad Maurya
Main Slider

यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने माँ कामाख्या देवी के दरबार में टेका माथा

12/05/2026
Vijay Mishra
Main Slider

पूर्व विधायक विजय मिश्रा को तगड़ा झटका, 46 साल पुराने हत्या मामले में दोषी करार

12/05/2026
Next Post
AI

UP Budget: देश का पहला AI सिटी बनेगा ये शहर, बजट में पांच करोड़ रुपए का हुआ एलान

यह भी पढ़ें

Face Mask

ग्लोइंग त्वचा के लिए इस्तेमाल करें ये फेस मास्क, जानें बनाने का तरीका

11/05/2024
Arrested

एक महिला समेत पांच तस्कर गिरफ्तार, 25 लाख का गांजा बरामद

01/11/2022
sagar murder case

पहलवान सागर हत्याकांड: सुशील कुमार की रिमांड 4 दिन और बढ़ी

29/05/2021
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version