• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

मुहर्रम का चांद कब दिखाई देगा? जानें इस महीने की अहमियत

Writer D by Writer D
22/06/2025
in धर्म, फैशन/शैली
0
Muharram

Muharram

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

मुहर्रम (Muharram) इस्लामिक यानी हिजरी कैलेंडर का पहला महीना होता है। इस महीने से ही इस्लामिक नए साल की शुरुआत होती है, इसलिए इस महीने को बेहद खास माना जाता है। मुहर्रम को इस्लाम के चार सबसे पाक महीनों में से एक माना जाता है। मुहर्रम का महीना बकरीद के 20 दिन बाद शुरू होता है। साल 2025 में मुहर्रम की तारीख को लेकर कंफ्यूजन बनी हुई है कि आखिर ये महीना कब शुरू होगा। आइए आपको बताते हैं कि मुहर्रम का चांद कब दिखेगा और इस महीने की अहमियत।

इस्लामी कैलेंडर का पहला महीना मुहर्रम (Muharram) का होता है। ऐसे में नए चांद के दिखने पर ही इस महीने की शुरुआत होगी। ऐसा अंदाजा लगाया जा रहा है कि 2025 में मुहर्रम 27 जून 2025 (शुक्रवार) की शाम से शुरू होगा। हालांकि, इसकी कंफर्म तारीख चांद के दीदार पर ही निर्भर करती है।

पहला मुहर्रम (शुरुआत) – 27 जून 2025 (शुक्रवार की शाम)
10 मुहर्रम (आशूरा) – 6 जुलाई 2025 (रविवार)

9 और 10 मुहर्रम (Muharram) को क्या हुआ था?

इस्लाम में मुहर्रम का 9वां और 10वां दिन बेहद अहमियत रखता है। इन्हीं दिनों ‘कर्बला की जंग हुई थी। मुहर्रम महीने के 10वें दिन को यौम-ए-आशूरा भी कहा जाता है। आशूरा के दिन को पैगंबर मुहम्मद साहब के नवासे इमाम हुसैन की शहादत के रूप में मनाया जाता है, जो कर्बला की जंग में शहीद हो गए थे।

इस्लाम में आशूरा का दिन

आशूरा का दिन सुन्नी और शिया दोनों मुसलमानों के लिए अहम है। हालांकि उनके लिए इसका मतलब अलग-अलग है। सुन्नी मुसलमानों का मानना है कि आशूरा वह दिन है जब अल्लाह तआला ने हजरत मूसा अलैहिस्सलाम और उनकी कौम को फिरौन और उसकी सेना से बचाने के लिए लाल सागर को दो हिस्सों अलग कर दिया था।

वहीं, शिया मुसलमानों का मानना है कि आशूरा वह दिन है जब इमाम हुसैन, जो पैगंबर मुहम्मद साहब के नवासे थे, और उनके कई साथियों को 680 ईस्वी में कर्बला की जंग में शहीद कर दिया गया था। आशूरा के दिन सुन्नी मुसलमान रोजा रखते हैं और अल्लाह का शुक्रिया अदा करते हैं, जबकि शिया मुसलमान आशूरा के दिन इमाम हुसैन की शहादत का मातम मनाते हैं।

Tags: Muharram
Previous Post

देवशयनी एकादशी कब है, जानें शुभ मुहूर्त

Next Post

दर्श अमावस्या के दिन इस विधि से करें तर्पण, पितरों को मिलेगी शांति!

Writer D

Writer D

Related Posts

Pizza
फैशन/शैली

पार्टी मेन्यू में शामिल करें ये खास डिश, आपकी कुकिंग के हो जाएंगे फैन

01/05/2026
Furniture
Main Slider

पुराना बेजान फर्नीचर भी चमक उठेगा, ट्राई करें ये आसान तरीके

01/05/2026
eye makeup
फैशन/शैली

आंखों के रंग के अनुसार करें आईशैडो का चुनाव

01/05/2026
turmeric
धर्म

वैवाहिक जीवन में भर जाएंगी खुशियां, करें ये उपाय

01/05/2026
Birds
Main Slider

इस दिशा में लगाएं पक्षियों की तस्वीर, घर में होगी सुख-समृद्धि की एंट्री

01/05/2026
Next Post
Darsh Amavasya

दर्श अमावस्या के दिन इस विधि से करें तर्पण, पितरों को मिलेगी शांति!

यह भी पढ़ें

Corona

देश में कोरोना के 3.11 लाख नए मामले, रिकवरी दर बढ़कर 83.83 फीसदी हुई

16/05/2021
Asaram Bapu

जेल में फिर बिगड़ी आसाराम की तबीयत, AIIMS जाने से किया इंकार

24/05/2021
kisan protest

Farmers Protest: किसान आंदोलन से लोहा कारोबार को लग रही जंग

12/12/2020
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version