ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई (Khamenei) की मौत की खबर के बाद उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में शिया समुदाय के लोग सड़कों पर उतर आए। पुराने शहर इलाके में, खासकर छोटा इमामबाड़ा के पास बड़ी संख्या में प्रदर्शन हुए। लोगों ने अमेरिका और इजरायल के खिलाफ नारेबाजी की और गम का इजहार किया।
माहौल बेहद भावुक रहा, कई जगहों पर मातम और रोष देखने को मिला। महिलाएं छाती पीटकर रोती नजर आईं। प्रदर्शनकारियों ने ‘खामनेई जिंदाबाद’ और ‘अमेरिका-इजराइल मुर्दाबाद’ के नारे लगाए। एक प्रदर्शनकारी महिला ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा- गद्दारों ने हमारे शेर को धोखे से मारा है। अगर एक खामनेई (Khamenei) शहीद हुआ है, तो हजार खामनेई फिर खड़े होंगे।
इस घटनाक्रम पर सुन्नी और शिया धर्मगुरुओं ने भी प्रतिक्रिया दी। मौलाना कल्बे जवाद ने तीन दिन के शोक का ऐलान करते हुए शोकसभा और कैंडल मार्च की अपील की है।
वहीं, ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के महासचिव मौलाना यासूब अब्बास ने लोगों से काले झंडे लगाने और विशेष मजलिसों के आयोजन की बात कही। शहर में एहतियातन निगरानी बढ़ा दी गई है।








