• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

अक्षय नवमी कब है, आंवले के वृक्ष के पूजन से मिलेगी श्री हरि की कृपा

Writer D by Writer D
07/11/2024
in धर्म, फैशन/शैली
0
Amla Navami

Amla Navami

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

अक्षय नवमी (Akshaya Navami) इस वर्ष 10 नवंबर को मनाई जाएगी। यह दिन धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है, जिसमें आंवले के वृक्ष का पूजन, स्नान, व्रत और दान से अक्षय फल प्राप्त होता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार अक्षय नवमी (Akshaya Navami) से द्वापर युग का आरंभ माना जाता है। इस दिन आंवले के वृक्ष का पूजन करने से भगवान विष्णु और शिव की कृपा प्राप्त होती है।

पद्म पुराण के अनुसार, आंवला भगवान विष्णु का प्रतीक माना गया है और इसकी पूजा करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं। इस दिन भगवान विष्णु ने कुशमांड नामक दैत्य का वध कर धरती पर धर्म की स्थापना की थी और इसी दिन श्रीकृष्ण ने कंस का वध करने से पूर्व वृंदावन की परिक्रमा की थी।

अक्षय नवमी (Akshaya Navami) के दिन पवित्र नदी या सरोवर में स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करना चाहिए। इसके बाद आंवले के वृक्ष के पास जाकर सफाई करें और हल्दी, चावल, कुमकुम या सिंदूर सेवृक्ष की पूजा करें। सायंकाल में घी का दीपक जलाकर आंवले के वृक्ष की सात परिक्रमा करें। इसके बाद खीर, पूरी और मिष्ठान का भोग लगाएं। पूजा के बाद प्रसाद बांटें और वृक्ष के नीचे भोजन करना विशेष पुण्यदायक माना गया है।

अक्षय नवमी vके दिन पितरों के निमित्त अन्न, वस्त्र, और कंबल का दान करना चाहिए। यह भी मान्यता है कि इस दिन किए गए पुण्य कर्म का फल अनंत गुना मिलता है। आंवले के वृक्ष के पास पितरों का तर्पण भी किया जाता है।

आंवला ग्रहण करना भी शुभ

यूं तो आंवला भगवान विष्णु को काफी प्रिय है। संस्कृत में धात्तिफल कहलाने वाले आंवला वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी काफी महत्वपूर्ण है। अगर आंवले का उपयोग हरे- बहेड़ा के साथ किया जाय तो समस्त उदर रोग से निजात मिलती है।

Tags: Akshaya NavamiAkshaya Navami DateAkshaya Navami Significance
Previous Post

देव दीपावली कब है, जानें सही तिथि एवं महत्व

Next Post

स्कंद षष्ठी व्रत आज रखा जाएगा, जानें मुहूर्त और पूजा की विधि

Writer D

Writer D

Related Posts

रामबाण है मेथी
फैशन/शैली

बालों की समस्या में रामबाण है रसोई में मौजूद ये चीज

24/05/2026
Itching
फैशन/शैली

गर्मियों में खुजली की समस्या से है परेशान, इनसे पाए राहत

24/05/2026
Makeup
फैशन/शैली

गर्मियों में होती हैं मेकअप मेल्ट होने की समस्या, लें इन टिप्स की मदद

24/05/2026
besan
Main Slider

गर्मियों में भी फेस में निखार लाएगा ये आटा`

24/05/2026
Shani Jayanti
Main Slider

कुंडली में शनि के कमजोर होने पर जीवन में होती हैं ऐसी भयंकर घटनाएं, करें उपाय

24/05/2026
Next Post
Skanda Shashthi

स्कंद षष्ठी व्रत आज रखा जाएगा, जानें मुहूर्त और पूजा की विधि

यह भी पढ़ें

कांग्रेस नेता अहमद पटेल के स्वास्थ्य को लेकर बेटी ने दी ये जानकारी

19/11/2020
CM Dhami

धामी सरकार छात्रों पर दर्ज मुकदमे लेगी वापस, संग्राम सेनानियों, बलिदानी के नाम होगा सड़कों और चौराहे का नाम

15/08/2023
All the specifications of the upcoming Honor

आगमी सीरीज Honor 50 के सारे स्पेसिफिकेशन्स हुए लीक, पढ़े खबर

12/06/2021
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version