• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

हमेशा सफलता पाने के लिए अपने गुरु को जरूर भेंट करें ये चीजें

Desk by Desk
12/08/2020
in Main Slider, ख़ास खबर, धर्म, फैशन/शैली, राष्ट्रीय
0
आश्विन कृष्ण त्रयोदशी

आश्विन कृष्ण त्रयोदशी

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

लाइफ़स्टाइल डेस्क। श्रावण कृष्ण पंचमी, भाद्रपद कृष्ण षष्ठी, आश्विन कृष्ण त्रयोदशी और कार्तिक शुक्ल नवमी दीक्षा लेने या दीक्षा देने के लिये सबसे श्रेष्ठ है। रविवार को भाद्रपद कृष्ण षष्ठी  है। दीक्षा लेने या देने के लिये ये दिन बड़ा ही श्रेष्ठ है। प्राचीन काल में बच्चों को  दीक्षा  के लिये गुरु के पास भेज दिया जाता था।

शाम 7 बजकर 6 मिनट तक रेवती नक्षत्र रहेगा। रेवती  शुभ नक्षत्र  है। ये नक्षत्र 32 तारों का एक समूह है, जिसका अर्थ है – धनवान या धनी।  इस नक्षत्र के जातक तेजस्वी, सुंदर, चतुर और विद्वान होते हैं। इस नक्षत्र के दौरान विद्या का आरंभ, सम्मान प्राप्ति, गृह प्रवेश, विवाह आदि कार्य संपन्न किये जा सकते हैं।.

वैदिक ज्योतिष के अनुसार पानी में तैरती हुई मछली को रेवती नक्षत्र का प्रतीक चिन्ह माना जाता है, जबकि इसकी राशि मीन है। बता दूं कि इस नक्षत्र के स्वामी बुध हैं। बुध बुद्धि और वाणी से भी संबंध रखते हैं।  रेवती नक्षत्र का संबंध महुआवृक्ष  से है। अत: जिन लोगों का जन्म रेवती नक्षत्र में हुआ हो, उन लोगों को आज के दिन महुआ के पेड़ को नमस्कार करना चाहिए। इसके साथ ही शाम 7 बजकर 6 मिनट से सोमवार पूरा दिन पार कर रात 10 बजकर 6 मिनट तक रवि योग रहेगा । इस योग के दौरान कोई काम करने से वह अवश्य ही पूरा होता है।

जानिए क्या है दीक्षा का अर्थ

यहां ‘दी’ का अर्थ है- देना और ‘क्षा’ का अर्थ है- क्षय या दमन, यानी बुराईयों का, निगेटिविटी का क्षय करके ज्ञान का भंडार भरना ही दीक्षा है।कई लोग शिक्षा और दीक्षा को एक ही मान लेते हैं, लेकिन शिक्षा , दीक्षा दो अलग-अलग चीज़ें हैं। आज शिक्षा तो हर कोई ले लेता है, लेकिन दीक्षा लेना सब  के बस में नहीं है। दीक्षा देने के लिये जितना समय, संयम और ज्ञान एक गुरु के पास होता है, उतना ही समय, संयम और ज्ञान को समझने की शक्ति दीक्षा लेने वाले में होनी चाहिए ,  सिर्फ किताबों को पढ़कर कोई ज्ञान प्राप्त नहीं कर सकता है। गहराई से  ज्ञान को समझने , आत्मबोध करने के लिये किसी श्रेष्ठ गुरु के सानिध्य की ही आवश्यकता पड़ती है। दीक्षा मनुष्य के आध्यात्मिक कोएशेन्ट को बढ़ाती है और आज के दौर में आई.क्यू के साथ-साथ आध्यात्मिक कोएशेन्ट भी जरूरी है। जिस प्रकार स्वामी विवेकानंद के पास भौतिक शिक्षा का भण्डार तो था, परन्तु श्री रामकृष्ण परमहंस के सानिध्य में आने के बाद ही उनके जीवन में एक नयी दिशा का प्रादुर्भाव हुआ। अतः दीक्षा के लिये एक गुरु की आवश्यकता होती है।

गुरु कुम्हार शिष कुंभ है, गढ़ि गढ़ि काढ़ै खोट ।

अंतर हाथ सहार दै, बाहर बाहै चोट ।।

जब एक शिष्य गुरु के पास दीक्षा लेने जाता है, तो वह कच्चे घड़े की तरह होता है। गुरु उसे एक कुम्हार की भांति हाथ का सहारा देकर और बाहर से चोट मार मार कर, उसे गढ़-गढ़ कर, उसकी सारी बुराईयों को, उसकी सारी अशुद्धियों को बाहर निकालते हैं और एक सुंदर और मजबूत घड़े रूपी शिष्य का निर्माण करते हैं, जो समाज की हर परिस्थिति का सामना करने में सक्षम होता है।

जितना महत्व गुरु दीक्षा का है, उतना ही गुरु दक्षिणा का भी है। गुरु से दीक्षा लेने के बाद उन्हें दक्षिणा जरूर दी जानी चाहिए। दक्षिणा न देने पर ली गई दीक्षा अधूरी रह जाती है और ज्ञान की पूर्ण प्राप्ति नहीं हो पाती। यह एक तरह से शिष्य की आखिरी परीक्षा होती है। इससे शिष्य किसी को कुछ देने का भाव सीखता है, तभी वह आगे चलकर समाज को एक बेहतर दिशा देने में भी कामयाब होता है।  एकलव्य  ने  दक्षिणा में गुरु द्रोण को अपना अंगूठा काटकर दिया था।  आपको एकलव्य की तरह गुरु दक्षिणा नहीं  देनी है,  लेकिन दीक्षा के बाद  दक्षिणा में गुरु को कुछ न कुछ जरूर देना चाहिए।  आज के दिन दीक्षा लेने के बाद  गुरु को क्या भेंट देनी चाहिए। जानिए आचार्य इंदु प्रकाश से।

अपने गुरु को भेंट करें ये चीजें

  • आज अपने गुरु को अचला, यानी गले में डालने वाला कपड़ा भेंट करें ।
  • आज अपने गुरु को पैरों में पहनने के लिये चप्पल या जूते भेंट करने चाहिए।
  • अपने गुरु को अपने वजन के बराबर संख्या में कोई फल भेंट करना चाहिए। अगर आपका वजन 50 किलो है, तो  50 की संख्या में फल भेंट करने चाहिए।
  • आज  अपने गुरु को दक्षिणा स्वरूप स्वादिष्ट  भोजन कराना चाहिए।
  • आज अपने गुरु को पीले रंग का गुलदस्ता भेंट करना चाहिए।
  • आज अपने गुरु को वस्त्र भेंट करने चाहिए।
  • आपको आज के दिन अपने गुरु को कोई धार्मिक किताब भेंट करनी चाहिए।
  • आपको आज के दिन अपने गुरु को चन्दन की सुगंध भेंट करनी चाहिए।
  • आज क अपने गुरु को दक्षिणा स्वरूप चांदी का सिक्का भेंट करना चाहिए। अगर आप चांदी का सिक्का भेंट नहीं कर सकते तो साधारण एक रुपये के सिक्के पर रोली से तिलक करके भेंट करें।
  • आपको आज के दिन अपने गुरु को अपनी मनपंसद कोई भी एक मिठाई भेंट करनी चाहिए।
  • आपको आज के दिन अपने गुरु को मिट्टी से बनी किसी भगवान की मूर्ति भेंट करनी चाहिए।
  • आपको आज के दिन अपने गुरु को आजम भेंट करनी चाहिए।
Tags: "bhadrapada krishna shashthiBalram JayantibhadoshasthiharshatLord Krishnareligionआश्विन कृष्ण त्रयोदशीभाद्रपद कृष्ण षष्ठीश्वावण कृष्ण पंचमी
Previous Post

अपनी नीतियों में जीवन से जुड़ी अनेकों बातों को किसी को न बताएं

Next Post

देश में कोरोना से 46 हजार से ज्यादा की मौत, संक्रमितों की संख्या 23 लाख के पार

Desk

Desk

Related Posts

Agniveer Recruitment
Main Slider

अग्निवीर CEE एडमिट कार्ड जारी करने की तारीखों का ऐलान, देखें एग्जाम का पूरा शेड्यूल

06/05/2026
CM Dhami
Main Slider

मुख्यमंत्री धामी ने वन क्लिक के माध्यम से साढ़े सात लाख से अधिक पेंशनर्स के खाते में भेजी पेंशन

06/05/2026
CM Mohan Yadav
राजनीति

‘इंडिया से भारत: एक प्रवास’ किताब का CM मोहन यादव ने किया विमोचन

06/05/2026
Farooq Abdullah
Main Slider

ब्लास्ट होते रहते हैं, नई बात नहीं… पंजाब धमाके पर फारूक अब्दुल्ला का विवादित बयान

06/05/2026
Main Slider

Met Gala 2026 : Karan Johar ने ग्लोबल डेब्यू में बिखेरा बॉलीवुड फैशन का जलवा

06/05/2026
Next Post

देश में कोरोना से 46 हजार से ज्यादा की मौत, संक्रमितों की संख्या 23 लाख के पार

यह भी पढ़ें

शिवराज ने कहा- नगरों के विकास के लिए नहीं होगी धनराशि की कमी

12/11/2020
PM Kisan Samman Nidhi

आने वाली है पीएम किसान की 13वीं किस्त! लिस्ट में चेक करें अपना नाम

09/02/2023
pitru paksha

पितृ पक्ष के दौरान पितरों की तिथि ज्ञात ना हो तो ऐसे करें श्राद्ध

31/08/2025
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version