वाराणसी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को बाढ़ प्रभावित परिवारों के बीच पहुंचकर पूर्ववर्ती सपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि आज बाढ़ पीड़ितों को जितनी राहत सामग्री और सुविधाएं मिल रही हैं, उतनी 2017 से पहले नहीं मिलती थीं। उस समय बच्चों के पास न दूध होता था और न गर्म भोजन। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आपदा राहत निधि से जो पैसा भेजा, उससे आज पीड़ितों को ये सभी सुविधाएं मिल रही हैं। 2017 से पहले यही पैसा और राहत सामग्री सपाई खा जाते थे। अच्छी सरकार आती है तो अच्छी योजनाएं लाती है और लूट पर रोक लगाती है।
बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री वितरित करने पहुंचे मुख्यमंत्री ने पीड़ितों से बातचीत कर उनका हाल भी जाना। उन्होंने कहा कि सरकार संकट की इस घड़ी में प्रत्येक प्रभावित परिवार के साथ खड़ी है। सरकार के साथ पार्टी कार्यकर्ता भी राहत कार्यों में जुटे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि करीब 10 साल पहले प्रदेश के 40 से 45 जिले बाढ़ से प्रभावित होते थे, जबकि इस बार केवल 14 जिलों में पानी आया है। वरुणा नदी में हर वर्ष जलभराव की समस्या आती है, लेकिन बाढ़ नियंत्रण के लिए किए गए कार्यों के परिणाम अब दिखाई दे रहे हैं।
योगी ने कहा कि पिछले साढ़े नौ वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में वाराणसी में हुए विकास कार्यों का परिणाम आज सामने है। काशी अब नई काशी बन गई है। श्रीकाशी विश्वनाथ धाम, घाटों, रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन, सड़कों और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास के साथ बाढ़ नियंत्रण के लिए भी प्रभावी काम हुआ है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि बाढ़ से 567 परिवार प्रभावित हुए हैं। आपदा राहत निधि से पीड़ित परिवारों को खानपान समेत दैनिक जरूरत की 36 वस्तुओं वाली राहत सामग्री दी जा रही है। जरूरत के अनुसार प्रभावित परिवारों को राहत शिविरों में रखा जाएगा। बाढ़ के बाद बीमारी न फैले, इसके लिए मेडिकल शिविर लगाए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि किसानों की फसल के नुकसान का सर्वे कराया जा रहा है। सर्वे पूरा होने के बाद प्रभावित किसानों को मुआवजा दिया जाएगा। आपदा से किसी की मृत्यु होने पर परिवार को चार लाख रुपये की सहायता मिलेगी। मकान क्षतिग्रस्त होने पर पीड़ित परिवार के लिए दूसरे आवास की व्यवस्था की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन की सरकार बाढ़ प्रभावितों की राहत से लेकर पुनर्वास तक हर स्तर पर सहयोग के लिए प्रतिबद्ध है। किसी भी पीड़ित परिवार को सहायता से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा।
