• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

भोलेनाथ का है 3 अंक से गहरा नाता, जानिए इससे जुड़े ये तीन रहस्य

Desk by Desk
20/09/2021
in Main Slider, ख़ास खबर, धर्म
0
shiv

shiv

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

हिंदू धर्म में भगवान शिव  को सभी देवी देवताओं में सबसे बड़ा माना जाता है। ऐसा भी कहा जाता है कि भगवान शिव ही दुनिया को चलाते हैं। वह जितने भोले हैं उतने ही गुस्‍से वाले भी हैं। शास्‍त्रों के मुताबिक सोमवार  का दिन भगवान शिव को समर्पित है। शिव जी को प्रसन्‍न करने के लिए लोग व्रत करते हैं।

सोमवार के दिन ही शिव की पूजा का विशेष महत्व है। कहते हैं सोमवार के दिन भगवान शिव की अराधना करने से मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है। भगवान शिव से 3 अंक का गहरा नाता है। आमतौर पर तीन अंक को शुभ नहीं माना जाता है, लेकिन जब भगवान भोलेनाथ की बात आती है तो तीन अंक, आस्था और श्रद्धा से जुड़ जाता है। भगवान शिव की हर चीज में तीन अंक शामिल है। भगवान के त्रिशुल में तीन शूल हैं। शिव जी की तीन आंखे, तीन बेल पत्ते, शिव जी के माथे पर तीन रेखाओं वाला त्रिपुंड।

शिव जी से जुड़े ‘तीन’ अंक का रहस्य

शिवपुराण के त्रिपुर दाह की कथा में शिव के साथ जुड़े तीन के रहस्य के बारे में बताया गया है। इस कथा के अनुसार तीन असुरों ने तीन उड़ने वाले नगर बनाए थे, ताकि वो अजेय बन सके। इन नगरों का नाम उन्होंने त्रिपुर रखा था। ये उड़ने वाले शहर तीनों दिशा में अलग-अलग उड़ते रहते थे और उन तक पहुंचना किसी के लिए भी असंभव था। असुर आंतक करके इन नगरों में चले जाते थे, जिससे उनका कोई अनिष्ट नहीं कर पाता था। इन्हें नष्ट करने का बस एक ही तरीका था कि तीनों शहर को एक ही बाण से भेदा जाए। लेकिन ये तभी संभव था जब ये तीनों एक ही लाइन में सीधे आ जाएं। मानव जाति ही नहीं देवता भी इन असुर के आतंको से परेशान हो चुके थे।

पितृ पक्ष आज से शुरू, जानिए किस तिथि पर किसका करें श्राद्ध

असुरों से परेशान होकर देवता ने भगवान शिव की शरण ली। तब शिवजी ने धरती को रथ बनाया। सूर्य और चंद्रमा को उस रथ का पहिया बना दिया। इसके साथ ही मदार पर्वत को धनुष और काल सर्प आदिशेष की प्रत्यंतचा चढ़ाई। धनुष के बाण खुद विष्णु जी बने और सभी युगों तक इन नगरों का पीछा करते रहे। एक दिन वो पल आ ही गया जब तीनों नगर एक सीध में आ गए और शिव जी ने पलक झपकते ही बाण चला दिया। शिव जी के बाण से तीनों नगर जलकर राख हो गए।  इन तीनों नगरों की भस्म को शिवजी ने अपने शरीर पर लगा लिया, इसलिए शिवजी त्रिपुरी कहे गए। तब से ही शिवजी की पूजा में तीन का विशेष महत्व है।

भगवान शिव का त्रिशूल

भगवान शिव का त्रिशूल त्रिलोक का प्रतीक है। इसमें आकाश, धरती और पाताल शामिल हैं। कई पुराणों में त्रिशूल को तीन गुणों जैसे तामसिक गुण, राजसिक गुण और सात्विक गुण से भी जोड़ा गया है।

शिव के तीन नेत्र

शिव ही एक ऐसे देवता हैं जिनके तीन नेत्र हैं। इससे पता लगता है कि शिव जी का तीन से गहरा नाता है। शिव जी की तीसरी नेत्र कुपित होने पर ही खोलती है। शिव जी के इस नेत्र के खुलने से पृथ्वी पर पापियों का नाश हो जाता है। इतना ही नहीं, शिव जी ये नेत्र ज्ञान और अंतर्दृष्टि का प्रतीक है।

बेल पत्र की पत्तियां तीन

शिवलिंग पर चढ़ाने वाली बेल पत्र की पत्तियां भी तीन ही होती हैं, जो एक साथ जुड़ी होती हैं। कहते हैं ये तीन पत्तियां त्रिदेव का स्वरुप है।

शिव के मस्तक पर तीन आड़ी रेखाएं

शिव जी के मस्तक पर तीन रेशाएं या त्रिपुंड सांसारिक लक्ष्य को दर्शाता है। इसमें आत्मशरक्षण, आत्मप्रचार और आत्मबोध आते हैं। व्याक्तित्वध निर्माण, उसकी रक्षा और उसका विकास. तो इसलिए शिवजी को अंक ‘तीन’ अधिक प्रिय है।

Tags: shiv bhaktshivshiv ki pujasomwar ki puja
Previous Post

करिश्मा कपूर का दिखा देसी स्टाइल, अनारकली सूट में पोस्ट की खूबसूरत तस्वीर

Next Post

आपकी कुंडली में भी है अगर पितृ दोष, तो करें ये उपाय

Desk

Desk

Related Posts

Plants
Main Slider

इस तरह से भी उगाए जा सकते हैं ये पौधे, जानें सही तरीका`

10/05/2026
Tell this lovely poem to your mother on Mother's Day, mother will be happy
Main Slider

Mother’s Day पर अपनी माँ को सुनाए ये प्यारी कविता माँ हो जाएंगी खुश

10/05/2026
Governor Gurmeet Singh
Main Slider

राज्यपाल ने किए भगवान बदरीविशाल के दर्शन, व्यवस्थाओं का लिया जायजा

09/05/2026
CM Yogi met the Governor
उत्तर प्रदेश

सीएम योगी ने राज्यपाल से की भेंट, मंत्रिमण्डल विस्तार की चर्चा तेज

09/05/2026
Governor Gurmeet Singh reached Kedarnath Dham
Main Slider

केदारनाथ धाम पहुंचे राज्यपाल, श्रद्धालुओं से संवाद कर यात्रा व्यवस्थाओं का लिया फीडबैक

09/05/2026
Next Post
pitru paksha

आपकी कुंडली में भी है अगर पितृ दोष, तो करें ये उपाय

यह भी पढ़ें

बिहार बोर्ड 12वीं परीक्षा 2021 के डमी एडमिट कार्ड हुये जारी

31/10/2020
CM Yogi laid the foundation stone of the modern office building of the State Election Commission

उत्तर प्रदेश से ही है भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र : योगी आदित्यनाथ

29/08/2025
CM Dhami

मानसून सीजन के ध्यान में रखते हुए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की जाए: सीएम धामी

02/06/2025
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version