बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) ने 17 फरवरी से शुरू होने वाली 10वीं (मैट्रिक) परीक्षा (Board Exam) को लेकर सख्त नियम जारी किए हैं। बोर्ड (Board) ने साफ किया है कि एग्जाम सेंटर में जूता-मोजा पहनकर एंट्री नहीं मिलेगी और परीक्षार्थियों को समय से पहले ही एंट्री करनी होगी। लेट से आने या अवैध तरीके से प्रवेश करने पर दो साल तक परीक्षा से निष्कासन और FIR दर्ज की जाएगी। परीक्षा 25 फरवरी तक चलेगी, जिसमें 15 लाख 12 हजार 963 विद्यार्थी शामिल होंगे। बोर्ड ने सभी जिलों को निर्देश दिया है कि नियमों का पालन सख्ती से कराया जाए ताकि परीक्षा निष्पक्ष और शांतिपूर्ण हो।
बिहार 10वीं बोर्ड की मैट्रिक परीक्षा (Board Exam) 17 फरवरी से शुरू हो रही है और यह 25 फरवरी तक चलेगी। परीक्षा में कुल 15,12,963 परीक्षार्थी शामिल होंगे। बोर्ड ने कहा है कि परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र में जूता-मोजा पहनकर प्रवेश करने की अनुमति नहीं है। इसके बजाय उन्हें चप्पल पहनकर ही केंद्र में आना होगा। बोर्ड का यह निर्देश परीक्षा भवन की स्वच्छता और अनुशासन बनाए रखने के लिए है।
अवैध प्रवेश पर सख्त कार्रवाई
परीक्षार्थियों को दोनों पालियों की परीक्षा (Board Exam) शुरू होने से कम से कम एक घंटा पहले सेंटर में पहुंचना होगा। प्रथम पाली के लिए प्रवेश सुबह 8:30 बजे से शुरू होगा और परीक्षा शुरू होने के 30 मिनट पहले यानी 9 बजे तक प्रवेश की अनुमति रहेगी। दूसरी पाली के परीक्षार्थियों को प्रवेश दोपहर 1 बजे से शुरू होगा और 1:30 बजे तक ही केंद्र में प्रवेश मिलेगा।
बोर्ड ने चेताया है कि अगर कोई परीक्षार्थी देर से आता है और जबरदस्ती केंद्र में प्रवेश करता है, तो उसे दो साल तक परीक्षा से निष्कासित किया जाएगा। इसके अलावा उसके खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज होगी। बोर्ड ने यह भी कहा कि अगर कोई केंद्राध्यक्ष ऐसे विद्यार्थी को प्रवेश देता है, तो उसके खिलाफ भी निलंबन कार्रवाई की जाएगी।
समय पालन और अनुशासन जरूरी
बोर्ड ने सभी जिलों को निर्देश दिए हैं कि वो परीक्षार्थियों को समय पालन और अनुशासन का पालन कराने के लिए आवश्यक कदम उठाएं। परीक्षा के दौरान नियमों का उल्लंघन न केवल व्यक्तिगत बल्कि पूरे परीक्षा माहौल को प्रभावित कर सकता है। इसलिए सभी छात्रों को बोर्ड द्वारा तय किए गए समय और नियमों का पालन करना आवश्यक है।








