उत्तर प्रदेश की 12 सीटों पर होने वाले विधान परिषद चुनाव के लिए भाजपा के सभी 10 उम्मीदवारों ने सोमवार को नामांकन दाखिल कर दिया। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित पार्टी के कई पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।
भाजपा प्रत्याशियों में उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा, प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह, अरविंद कुमार शर्मा, लक्ष्मण आचार्य, गोविंद नारायण शुक्ला, कुंवर मानवेंद्र सिंह, सलिल विश्नोई, अश्वनी त्यागी, धर्मवीर प्रजापति और सुरेंद्र चौधरी शामिल हैं।
बता दें कि भाजपा की तरफ से सिर्फ 10 प्रत्याशियों ने ही नामांकन दाखिल किया है जबकि कयास लगाए जा रहे थे कि पार्टी 11वां उम्मीदवार भी उतार सकती है। हालांकि, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव ने कहा कि अभी कुछ ही देर में 11वें प्रत्याशी का पता चल जाएगा। वहीं, पूर्व आईएएस अरविंद कुमार शर्मा के भाजपा प्रत्याशी बनाए जाने पर प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि उन्होंने पार्टी के एक कार्यकर्ता के रूप में नामांकन दाखिल किया है। उनका कहां उपयोग किया जाएगा यह बाद में तय किया जाएगा।
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गौरतलब है कि ए के शर्मा गुजरात कैडर के पूर्व आईएएस अधिकारी हैं। शर्मा ने गुजरात मे तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी के सचिव और 2014 से अब तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यालय में सचिव जैसे अहम पदों पर भूमिका निभाई है। कयास लगाए जा रहे हैं कि प्रदेश सरकार में उनकी बड़ी भूमिका होगी।
परिषद की 12 सीटों के लिए हो रहे चुनाव के लिए 18 जनवरी को दोपहर 3 बजे तक नामांकन दाखिल किए जाएंगे। 19 जनवरी को नामांकन पत्रों की जांच होगी। उम्मीदवार 21 जनवरी तक नाम वापस ले सकेंगे। इसके पहले सपा के दो उम्मीदवार नामांकन दाखिल कर चुके हैं।
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हालांकि, उच्च सदन में सपा का ही बहुमत रहेगा 100 सदस्यीय विधान परिषद में सपा के अभी 55 सदस्य हैं। जिन 12 सीटों पर चुनाव हो रहा है, उसमें सपा के 6 सदस्य थे। उसे दो सदस्यों के जीतने का भरोसा है। ऐसे में सपा को 4 सदस्यों का नुकसान हो सकता है। 30 जनवरी के बाद उच्च सदन में सपा के 51 सदस्य रह जाएंगे। तब भी परिषद में बहुमत सपा का ही रहेगा।