भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मुस्लिम समुदाय के लोगों का कुछ अलग ही अंदाज देखने को मिला। यहां की अलीगंज हैदरी मस्जिद ‘हर हर मोदी, घर घर मोदी’ के नारों से गूंज उठी।
अलीगंज हैदरी मस्जिद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन में जमकर नारेबाजी की गई। इसके साथ ही ‘मोदी है तो मुमकिन है’ के नारे भी लगाए गए। बोहरा समाज (Bohra Muslim) ने मस्जिद के अंदर पीएम मोदी के पोस्टर भी लहराए। दरअसल भोपाल से बीजेपी प्रत्याशी आलोक शर्मा के समर्थन में बोहरा समाज ने पीएम मोदी के लिए नारेबाजी की। साथ ही बोहरा समाज के लोगों ने एकजुट होकर ‘अबकी बार 400 पार’ का नारा भी लगाया। मस्जिद के आमिल जौहर अली ने प्रधानमंत्री मोदी तारीफ में जमकर कसीदे गढ़े और उनकी कामयाबी की दुआ मांगी।
बोहरा समुदाय (Bohra Muslim) पर बीजेपी का फोकस
बीजेपी को ज्यादातर लोग मुस्लिम विरोधी मानते हैं। लेकिन पीएम मोदी अपने 400 पार के लक्ष्य को पाने के लिए मुस्लिम समुदाय को साधने की भी कोशिश में जुटे हैं। इसके लिए बोहरा समुदाय और पसमांदा मुसलमानों को साधने की रणनीति बनाई है। आखिर बीजेपी के लिए क्यों महत्वपूर्ण है बोहरा मुस्लिम समाज, क्यों इस समाज को बीजेपी साधने में जुटी है।
दरअसल, मुसलमानों में आर्थिक तौर पर सबसे प्रभावी समुदाय दाऊदी बोहरा है जिसे बीजेपी अपनी राजनीति के अनुकूल मानती है। पीएम नरेंद्र मोदी बोहरा समाज के काफी करीबी माने जाते हैं। बोहरा समाज के धार्मिक कार्यक्रम में शिरकत करने वाले मोदी पहले प्रधानमंत्री थे। इस समुदाय के ज्यादातर लोग व्यापारी हैं। इनका कारोबारी समुदाय पीएम को समर्थन देता रहा है।
बोहरा मुस्लिम समाज (Bohra Muslim) बीजेपी के लिए महत्वपूर्ण क्यों है…
– भारत में कुल मुस्लिम आबादी 20 करोड़ है।
– देश में बोहरा मुस्लिम आबादी 10 लाख है।
– पीएम मोदी से बोहरा समाज (Bohra Muslim) का खास रिश्ता रहा है। ऐसे में इस आबादी का समर्थन बीजेपी के लिए काफी अहम है।
– गुजरात में सूरत, अहमदाबाद, वडोदरा, जामनगर, राजकोट, नवसारी, दाहोद, गोधरा, महाराष्ट्र में मुंबई, पुणे, नागपुर
राजस्थान में उदयपुर, भीलवाड़ा मध्य प्रदेश में इंदौर, बुरहानपुर, उज्जैन, शाजापुर
– इसके अलावा कोलकाता, कर्नाटक, चेन्नई, बेंगलुरू और तेलंगाना में बोहरा समुदाय अच्छी खासी तादाद में रहते हैं
पीएम मोदी की गारंटी आज जनता का विश्वास बन चुका है: सीएम विष्णुदेव साय
लोकसभा चुनाव में बीजेपी पसमांदा और बोहरा समुदाय (Bohra Muslim) को साधने की कोशिश कर रही है। इसके लिए पार्टी ने पहले से ही रणनीति भी तैयार कर ली थी। 3 जुलाई 2022 में BJP राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक हुई थी। इस बैठक में बोहरा समुदाय पर आगामी चुनाव में फोकस करने की रणनीति बनाई गई। इसके साथ ही 17 जनवरी 2023 को BJP राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक हुई जिसमें बोहरा समाज को लेकर खास निर्देश दिए गए थे।