मेरठ। जिले में कांग्रेस नेता पूनम पंडित (Poonam Pandit) जालसाजी के केस में फंस गई हैं। आरोप है कि प्रोफेसर की रेप पीड़िता पत्नी को लेकर जालसाजी की गई है। साथ ही कहा गया है कि मीडिया को पूनम पंडित ने फर्जी एफीडेविट दिखाया था। फर्जी शपथपत्र के जरिये प्रोफेसर को बदनाम किया गया था। कहा गया है कि पूनम पंडित और मंगेतर दीपक गिरी ने शपथपत्र बनवाया था।
बताया जा रहा है कि यूपी के मेरठ में कांग्रेस नेत्री पूनम पंडित (Poonam Pandit) और उनके मंगेतर सपा नेता दीपक गिरी पर धोखाधड़ी, जालसाजी समेत आईटी एक्ट में सिविल लाइन थाना मेरठ में मुकदमा दर्ज कराया गया है। कृषि यूनिवर्सिटी में तैनात प्रोफेसर ने दोनों पर एक स्टांप पेपर का दुरुपयोग करने, परिवार को बदनाम करने और इसे सोशल मीडिया पर वायरल करने का आरोप लगाया है।
पल्लवपुरम निवासी एक महिला पराग डेयरी में अफसर है और उन्होंने सपा नेता दीपक गिरी पर शोषण समेत कई गंभीर आरोप लगाकर तमाम पुलिस अफसरों के पास शिकायत की थी। पूरा मामला दीपक गिरी की बुलंदशहर के स्याना निवासी कांग्रेस नेत्री पूनम पंडित से सगाई के बाद शुरू हुआ।
दीपक के खिलाफ काफी रकम हड़पने का भी आरोप लगाया गया। इस मामले में पूनम पंडित (Poonam Pandit) अपने मंगेतर के पक्ष में आई थी और कुछ साक्ष्य मीडिया के सामने रखे थे। पूनम पंडित और दीपक गिरी ने शिकायत करने वाली महिला अफसर के पति (कृषि यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर) का कथित शपथ पत्र भी मीडिया को दिखाया और सोशल मीडिया पर प्रसारित किया था। इस स्टांप पेपर में लिखा गया था कि पत्नी के दीपक गिरी पर लगाए गए आरोप झूठे हैं और दोनों के बीच लेनदेन का विवाद है।
इसी स्टांप पेपर का हवाला देकर अब प्रोफेसर की ओर से कोर्ट में शिकायत की गई। बताया कि यह शपथ पत्र 20 अक्तूबर 2025 को अधिवक्ता अखिलेश कुमार द्वारा बनाया जाना दर्शाया गया है। प्रोफेसर आरोप लगाया कि इस शपथ पत्र पर न तो उन्होंने हस्ताक्षर किए और न ही कभी शपथ पत्र को बनवाने के लिए पहुंचे थे।









