• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

आसान नहीं कल्याण सिंह होना: सीएम योगी

Writer D by Writer D
21/08/2024
in Main Slider, उत्तर प्रदेश, राजनीति, लखनऊ
0
CM Yogi paid tribute to Kalyan Singh

CM Yogi paid tribute to Kalyan Singh

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

लखनऊ । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) बुधवार को स्व. कल्याण सिंह (Kalyan Singh) की तृतीय पुण्यतिथि पर आयोजित ‘हिंदू गौरव दिवस’ के दूसरे संस्करण के कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश की जनता की ओर से बाबूजी को श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम में सीएम योगी ने कल्याण सिंह के संघर्षों और चुनौतियों की यात्रा को शिखर से शून्य की यात्रा करार दिया। उन्होंने कहा कि कोई व्यक्ति कल्याण सिंह अचानक नहीं बन जाता। कल्याण सिंह बनने के लिए संघर्ष, चुनौती, त्याग और बलिदान का मार्ग चुनना पड़ता है।

चुनौती और संघर्ष जब सामने होता है तो त्याग और बलिदान का जज्बा पैदा होता है, तब कोई भी ताकत आपको झुका नहीं सकती, आपका बाल भी बांका नहीं कर सकती है। एक अपार जनआस्था और विश्वास आपके साथ खड़ा होता है। इस अपार जनविश्वास के प्रतीक श्रद्धेय कल्याण सिंह जी बने। उन्होंने उस समय की ताकतों का मुकाबला किया, विपरीत परिस्थितियों में काम किया, लेकिन श्रीरामजन्मभूमि आंदोलन के मार्ग से कतई नहीं हटे। अंततः परिणाम आज हमारे सामने है। आज उसकी सुखद अनुभूति पूरी दुनिया में रहने वाले सनातन धर्मावलंबी कर रहे हैं। इस दौरान मुख्यमंत्री ने अपने उद्बोधन में समाजवादी पार्टी और इसके मुखिया पर भी हमला किया और पीडीए पर गंभीर सवाल उठाए।

जन्म से ही संघर्ष और चुनौतियों से मुकाबला करना सीख लिया

सीएम योगी (CM Yogi) ने बाबू जी (कल्याण सिंह) को उनकी तीसरी पुण्ण तिथि पर कोटि-कोटि नमन करते हुए कहा कि अलीगढ़ के एक सामान्य परिवार में जन्म लेने वाले ‘बाबूजी’ ने शुरुआत से ही संघर्ष और चुनौतियों का मुकाबला करना सीख लिया था। पहले किसान और फिर शिक्षक, आरएसएस के स्वयंसेवी, भाजपा कार्यकर्ता के रूप में अपनी यात्रा प्रारंभ करने वाले बाबू जी की यात्रा शून्य से शिखर तक की यात्रा है। वे विधायक भी थे, सांसद भी थे। वह प्रदेश सरकार में कांग्रेस की दमनकारी नीतियों के खिलाफ और आपातकाल के खिलाफ आंदोलन के दौरान जेल में भी बंद हुए थे। आपातकाल के बाद बनी सरकार में वह स्वास्थ्य मंत्री भी थे। राम जन्मभूमि आंदोलन के बाद उमड़ी हुई आस्था में पहली बार भारतीय जनता पार्टी जब प्रचंड बहुमत के साथ सरकार बनाती है तो वह मुख्यमंत्री भी बने।

1997 में वह दूसरी बार मुख्यमंत्री बने और फिर हिमांचल और राजस्थान के राज्यपाल के रूप में संवैधानिक पद के दायित्व का कुशलतापूर्वक निर्वहन करते हुए उन्होंने अपनी अंतिम यात्रा पूरी की।रामजन्मभूमि आंदोलन में उनकी भूमिका का ही परिणाम आज हम सबके सामने है। दुनिया में कौन सी श्रमिक और वंचित जातियां होंगी, जिन्होंने अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम अपनी आंखों से नहीं देखा। मानवता का जहां दमन हुआ है, श्रीरामजन्मभूमि पर राम मंदिर का निर्माण उनके लिए आशा की एक किरण है। इस आशा की किरण की शुरुआत तब हुई थी जब ‘बाबूजी’ ने कहा था कि सरकार जाए तो जाने दिया जाए, लेकिन रामभक्तों पर गोली नहीं चलाएंगे।

बाबू जी ने नहीं किया मूल्यों और आदर्शों के साथ कोई समझौता

सीएम योगी (CM Yogi)  ने कहा कि उनका जीवन भारत की राष्ट्रीयता के प्रति समर्पित था। उन्होंने जातिवाद को प्रश्रय नहीं दिया। समाज का विभाजन करने वाली ताकतों से उन्होंने दूरी बनाए रखी। उन्होंने मूल्यों पर जीवन जिया, राजनीति को आदर्शों को माध्यम बनाया। राजनीति उनके लिए सत्ता और भोग का माध्यम नहीं बनी, राजनीति उनके लिए सौदेबाजी का जरिया नहीं बना, राजनीति उनके लिए अपने स्वार्थों की पूर्ति का माध्यम कभी नहीं बन पाई। वो मुख्यमंत्री, मंत्री, विधायक, सांसद, राज्यपाल किसी भी रूप में रहे हों, लेकिन मूल्यों और आदर्शों के साथ कोई समझौता नहीं किया। आरएसएस की पाठशाला में जो दीक्षा उन्होंने सीखी थी, उसका आजीवन पालन करते रहे। इसलिए वो कल्याण सिंह बन पाए।इसलिए कोटि कोटि कार्यकर्ताओं के विश्वास के प्रतीक बन पाए।

हिंदू समाज को बंटने नहीं देना है

श्रीरामजन्मभूमि आंदोलन में कल्याण सिंह के योगदान को याद करते हुए सीएम योगी ने कहा कि याद करिए 30 अक्तूबर 1990 और 2 नवंबर 1990 में अयोध्या में रामभक्तों पर गोलियां चलाई गई थीं और उस समय की सरकार एक तरफ हिंदू समाज को आपस में बांटने का कार्य कर रही थी तो दूसरी तरफ रामभक्तों पर गोलियां बरसा रही थी। तब अडिग चट्टान बनकर उनके सामने टकराने वाला व्यक्तित्व श्रद्धेय ‘बाबूजी’ कल्याण सिंह थे। तब उन्होंने कहा था कि हम हिंदू समाज को बंटने नहीं देंगे। ये जातीयता का जहर घोलने वाले भारत को तोड़ने का काम कर रहे हैं। 30 अक्तूबर और 2 नवंबर 1990 की तिथियां भारत के इतिहास में काले अध्याय के रूप में लिखी जाएंगी, जब अयोध्या में निर्ममतापूर्वक रामभक्तों का लहू बहाया गया था। तब भी श्रद्धेय बाबू जी ने ही आवाज मुखर की थी। 6 दिसंबर 1992 को जब केंद्र सरकार का दबाव था कि अयोध्या में कारसेवकों पर गोली चलाई जाए तब बाबू जी ने कहा था कि केंद्र चाहे तो हमारी सरकार बर्खास्त कर दे, नहीं तो मैं इस्तीफा देने को तैयार हूं, लेकिन रामभक्तों पर हरगिज गोलियां नहीं चलाई जाएंगी। उन्होंने मुख्यमंत्री पद ठुकरा कर संघर्ष का रास्ता चुना।

हिंदू भारत की सुरक्षा की गारंटी है

सीएम योगी (CM Yogi)  ने कहा कि आज जब हम लोग बाबू जी की तीसरी पुण्यतिथि को ‘हिंदू गौरव दिवस’ के रूप में मना रहे हैं तो हमें हिंदू एकता के महत्व को समझना पड़ेगा। हिंदू कोई जाति, मत और मजहब नहीं है। यह किसी संकीर्ण दायरे का माध्यम नहीं है। यह भारत की सुरक्षा की गारंटी है, ये भारत की एकता और एकाग्रता की गारंटी है। याद रखना जब तक भारत का मूल सनातन हिंदू समाज मजबूत है भारत की एकता और अखंडता को दुनिया की कोई ताकत चुनौती नहीं दे सकती। लेकिन जिस दिन यह एकता खंडित होगी उस दिन भारत को फिरके-फिरके में बांटने की विदेशी साजिशें सफल होती दिखाई देंगी। हमें इन साजिशों को सफल नहीं होने देना है। जो लोग आपको बांटने का काम कर रहे हैं, इनके चेहरे, चाल और चरित्र अलग है। ये बोलेंगे कुछ,दिखाएंगे कुछ और करेंगे कुछ। जब भी इन्हें अवसर मिला, उत्तर प्रदेश को इन्होंने दंगे की आग में झोंका है। जब भी इन्हें अवसर मिला है, इन्होंने हिंदुओं के नायकों को अपमानित किया है।

माफिया की मौत पर सपा के मुखिया मनाते हैं मातम

सीएम योगी (CM Yogi) ने विपक्षी दल समाजवादी पार्टी और उसके मुखिया पर हमला करते हुए कहा कि कौन नहीं जानता है कि श्रद्धेय बाबू जी के दिवंगत होने पर श्रद्धांजलि देने जाने की बात तो दूर समाजवादी पार्टी के मुखिया के मुंह से संवेदना का एक भी शब्द नहीं निकला। वहीं प्रदेश का एक दुर्दांत माफिया मरा था तो फातिया पढ़ने वो उसके गांव तक चले गए थे। क्या यही पीडीए है? सैकड़ों हिंदुओं के खून से जिनके हाथ रंगे हुए थे, ऐसे माफिया के मरने पर ऐसे मातम मना रहे थे, जैसे इनका कोई सगा चला गया हो। यही पीडीए का वास्तविक चरित्र है।

अयोध्या में एक निषाद बालिका के साथ, कन्नौज में और लखनऊ में जो घटनाएं घटित हुईं, यही इनका चेहरा हैं। जब तक इनका एकजुट होकर मुकाबला नहीं करेंगे, ये लोग प्रदेश की जनता को ऐसे ही बेवकूफ बनाते रहेंगे। छलते रहेंगे। आज ये परेशान हैं, क्योंकि उनकी गुंडागर्दी, अराजकता की दुकानें डबल इंजन की सरकार ने बंद कर दी हैं। उनके एक-एक षड़यंत्र को हर एक पग पर रोक दिया गया है। प्रदेश की जनता को चिंतित होने की आवश्यकता नहीं, क्योंकि प्रदेश में जीरो टॉलरेंस की जिस नीति को 1991 में श्रद्धेय बाबू जी ने लागू किया था, वो आज भी लागू है। डबल इंजन की ये सरकार प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में अपराध और अपराधियों, भ्रष्टाचार और भ्रष्टाचारियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति के साथ काम करेगी, चाहे इसके लिए कोई भी कीमत चुकानी पड़े।

कीर्ति चक्र विजेता शहीद कैप्टन अंशुमान सिंह की मूर्ति का सीएम योगी ने किया अनावरण

प्रदेश की जनता जनार्दन का बाल भी बांका नहीं होने दिया जाएगा। हमें श्रद्धेय बाबू जी की इस तीसरी पुण्य तिथि पर यह संकल्प लेना ही होगा कि आजीवन जिन मूल्यों और आदर्शों के लिए श्रद्धेय बाबू जी का जीवन समर्पित था, उसके लिए हम कार्य करें। जो सपना बाबू जी का था उसे भाजपा और उनकी विरासत मजबूती से आगे बढ़ाने का कार्य कर रही है। उनके मूल्यों और आदर्शों से विचलित हुए बगैर निरंतर आगे बढ़ने की तैयारी करनी चाहिए।

इस अवसर पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, ब्रजेश पाठक, केंद्रीय मंत्री बीएल वर्मा, पूर्व केंद्रीय मंत्री और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ महेंद्र नाथ पांडे, पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्य सभा सांसद डॉ दिनेश शर्मा, उन्नाव के सांसद स्वामी साक्षी महाराज, प्रदेश सरकार के मंत्री और भाजपा के पूर्व अध्यक्ष सूर्य प्रताप शाही, स्वतंत्र देव सिंह, कार्यक्रम के आयोजक पूर्व सांसद राजवीर सिंह (राजू भइया), प्रदेश सरकार में मंत्री संदीप सिंह एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

Tags: cm yogikalyan singh 3rd death anniversaryLucknow News
Previous Post

कीर्ति चक्र विजेता शहीद कैप्टन अंशुमान सिंह की मूर्ति का सीएम योगी ने किया अनावरण

Next Post

बागी हुए चंपाई सोरेन ने नई पार्टी बनाने का किया ऐलान, गठबंधन को लेकर कही ये बड़ी बात

Writer D

Writer D

Related Posts

summer
Main Slider

गर्मी में स्किन को रखें फ्रेश और हेल्दी, जानें आसान स्किन केयर टिप्स

16/05/2026
Hair Oil
Main Slider

सफेद बाल हो जाएंगे काला, इस्तेमाल करें ये हेयर ऑयल

16/05/2026
Krishi Sakhi
Main Slider

गो संरक्षण के साथ-साथ बड़ी संख्या में रोजगार का मास्टर प्लान तैयार

15/05/2026
CM Yogi
उत्तर प्रदेश

महराजगंज में मुख्यमंत्री ने बांटे स्वीकृति पत्र, चेक और टूलकिट

15/05/2026
CM Yogi
उत्तर प्रदेश

योगी सरकार में पिछड़ा वर्ग के लोगों को शीघ्र मिल रहा न्याय, आयोग ने 87% से अधिक शिकायतों का निस्तारण किया

15/05/2026
Next Post

बागी हुए चंपाई सोरेन ने नई पार्टी बनाने का किया ऐलान, गठबंधन को लेकर कही ये बड़ी बात

यह भी पढ़ें

corona in lucknow

लखनऊ में कोरोना का आतंक, फैमली बाजार के 13 कर्मचारी संक्रमित, नगर निगम ने किया सील

11/04/2021
Vinesh Phogat

चुनावी अखाड़े में विनेश ने मारी बाजी, भाजपा के प्रत्याशी को किया चारों खाने चित

08/10/2024
UPSC CDS I

UPSC CDS II का रिजल्ट हुआ जारी, इस वेबसाइट पर करें चेक

01/10/2021
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version