उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को कहा कि माघ मेला और संत समागम जैसे महत्वपूर्ण आयोजनों से पहले प्रयागराज में गंगा तथा वृन्दावन, मथुरा में यमुना की निर्मलता एवं अविरलता सुनिश्चित की जाए।
श्री योगी ने अपने सरकारी आवास पर वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रयागराज के माघ मेले तथा वृन्दावन, मथुरा में 16 फरवरी से प्रस्तावित संत समागम की सभी तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि यह आयोजन महत्वपूर्ण हैं। इन्हें प्रयागराज कुम्भ-2019 की भांति स्वच्छता, सुरक्षा एवं सुव्यवस्था के उच्च मापदण्डों के आधार पर आयोजित किया जाए। कोविड प्रोटोकाॅल का पालन हर हाल में सुनिश्चित हो।
श्रद्धालुओं को बिना कोरोना जांच रिपोर्ट के आने वाले कल्पवासी को शिविर में स्थान नहीं
उन्होने कहा कि प्रयागराज में गंगा तथा वृन्दावन, मथुरा में यमुना की निर्मलता व अविरलता सुनिश्चित की जाए। इन दोनों आयोजनों के सम्बन्ध में सभी सम्बन्धित विभाग अपने स्तर पर निरन्तर समीक्षाएं सुनिश्चित करें। उन्होंने मुख्य सचिव स्तर पर साप्ताहिक/पाक्षिक समीक्षा करते हुए आयोजनों की तैयारियों और प्रगति से मुख्यमंत्री कार्यालय को अवगत कराने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि माघ मेले तथा संत समागम में आने वाले श्रद्धालुओं विशेषकर कल्पवासियों व साधु-संतों के लिए उच्च स्तर की व्यवस्था करते हुए सभी सुविधाएं उपलब्ध करायी जाएं। साथ ही, सुरक्षा के सभी प्रबन्ध किए जाएं। उन्होंने कहा कि मेला क्षेत्र में सुविधाएं मुहैया कराए जाने तथा सुरक्षा के सम्बन्ध में कोई समझौता न किया जाए। माघ मेले तथा संत समागम में आने वाले सभी श्रद्धालुओं के लिए स्वच्छता, सैनेटाइजेशन का पूर्ण प्रबन्ध हो।
उन्होने कहा कि कोविड-19 संक्रमण से बचाव के लिए माघ मेले तथा संत समागम में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए क्षेत्र में प्रवेश से पहले कोविड-19 संक्रमण से बचाव के लिए आरटीपीसीआर पद्धति से कोविड टेस्ट आवश्यक रूप से हो। इसकी निगेटिव रिपोर्ट होने से क्षेत्र में प्रवेश में आसानी होगी। यह रिपोर्ट पुरानी न हो। इसके बाद मेला क्षेत्र में रैपिड एन्टीजन टेस्ट के माध्यम से श्रद्धालुओं की जांच की जाए।