• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

मानवीय संवेदना के धरातल पर वेदना को समझा सीएम योगी ने

Writer D by Writer D
19/04/2022
in Main Slider, उत्तर प्रदेश, लखनऊ
0
14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

लखनऊ। पांच दशक पहले किसी तरह जान बचाकर पूर्वी पाकिस्तान (अब बांग्लादेश) से आए इन बंगाली हिन्दू परिवारों को भारत में शरण मिली थी। पर, राजनीतिक हलके में अनदेखी के चलते जीवन की बेहतरी के नाम पर उनकी आंखें शून्य निहारने को ही विवश थीं। इस दरम्यान सरकारों ने उन्हें शरणार्थी या विस्थापित से अधिक कुछ नहीं समझा। बस किसी तरह जिंदगी काटने की मजबूरी ही इनकी नियति बनी हुई थी।

मानवीय संवेदना के धरातल पर इनकी वेदना को समझा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) ने। न केवल समझा बल्कि उनके विस्थापन के दर्द की दवा भी की। कभी शरणार्थी रहे ये बंगाली हिन्दू परिवार अब योगी सरकार की मानवीय संवेदनशीलता से भारत के सबसे प्रमुख राज्य उत्तर प्रदेश में अपनी जमीनों के मालिक बन गए हैं। उनके अपने मकान होंगे। साथ ही ये लोग उन सभी योजनाओं के लाभार्थी भी बनेंगे जो राज्य में योगी सरकार बिना मत, मजहब, धर्म, पंथ के भेदभाव के हर पात्र को उपलब्ध कराती है।

पूर्वी पाकिस्तान में मुक्ति संग्राम से पहले पाकिस्तानी सेना के निशाने पर हिन्दू परिवार ही थे। हिन्दू पहचान के नाम पर हत्या आम हो चली थी। पाक सेना के आतंक के चलते पूर्वी पाकिस्तान से हिन्दू परिवार पलायन को मजबूर होने लगे। 1970 में जो हिन्दू परिवार वहां से विस्थापित होकर आए उनमें से कई को हस्तिनापुर के मदन सूत मिल में पुनर्वासित किया गया ताकि इनका जीवनयापन चल सके। 1984 में यह मिल बंद हो गई तो इनके सामने संकट और गहरा हो गया।

धार्मिक परिसर से बाहर न जाए लाउडस्पीकर की आवाज : सीएम योगी

1970 में विस्थापित होकर आए हिन्दू परिवारों में से करीब साथ परिवारों के व्यवस्थापन की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश के हिस्से थी। पर, इनका दुर्भाग्य रहा कि 2017 के पहले तक किसी भी सरकार ने उनकी सुध लेने की नहीं सोची। पहली बार मुख्यमंत्री बनते ही योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को इनके व्यवस्थापन की कार्ययोजना बनाने का निर्देश दिया। व्यवस्था बनी और मुकम्मल बनी। दूसरी बार मुख्यमंत्री बनते ही इस व्यवस्था को योगी ने मंगलवार को अमलीजामा भी पहना दिया।

* सीएम योगी की पहल पर समाज व विकास की मुख्यधारा से जुड़े विस्थापित बंगाली हिन्दू परिवार*

योगी सरकार ने पूर्वी पाकिस्तान से विस्थापित होकर आए 63 हिन्दू परिवारों को दो एकड़ कृषि भूमि का पट्टा और उनके आवास के लिए दो सौ मीटर 200 मीटर जमीन का पट्टा प्रदान किया है। इससे इन 63 परिवारों के 400 से अधिक लोग लाभान्वित होकर समाज व विकास की मुख्य धारा से जुड़े हैं। यह काम मंगलवार को सीएम योगी ने अपने दोनों डिप्टी सीएम के साथ खुद किया। इसके साथ ही इन परिवारों को मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत आवास दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के MIS पोर्टल की जून में होगी शुरुआत

मानवता के प्रति अभूतपूर्व सेवा मानवीय मूल्यों की नई नजीर पेश करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह भी घोषणा की है कि इन परिवारों को शासन की अन्य योजनाओं से भी आच्छादित किया जाएगा। सीएम योगी की मंशा इन बंगाली हिन्दू परिवारों की बस्ती को “मॉडल” के रूप में विकसित करने की है। 52 साल तक मूलभूत सुविधाओं व आत्मनिर्भरता की राह से दूर रहे इन बंगाली हिन्दू परिवारों बस्ती में अस्पताल, स्कूल, पेयजल की सुविधा, सामादुयिक भवन की सुविधा होगी। आत्मनिर्भर बनाने के लिए उन्हें रोजगार के साथ भी जोड़ा जाएगा। सीएम ने इस संबंध में अधिकारियों को दिशानिर्देश दे रखे हैं।

*वंचितों का उत्थान में सीएम योगी की रुचि

2017 से अब तक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कार्यशैली को देखें तो एक बात स्पष्ट हो जाती है कि वंचितों का उत्थान उनकी उच्च प्राथमिकता में है। 1970 में पूर्वी पाकिस्तान से विस्थापित हुए बंगाली हिंदू परिवारों के उत्थान के लिए मंगलवार को किए गए अभूतपूर्व कार्य से पहले भी वह ऐसी पहल करते रहे हैं।

मसलन उत्तर प्रदेश में आजादी के बाद भी पूरी तरह उपेक्षित रहे, वनटांगिया, मुसहर, थारू, कोल, भील समाज को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का श्रेय भी सीएम योगी को ही है। आज इन समाजों के लोग सभी जन कल्याणकारी योजनाओं से आच्छादित हैं। वनटांगिया समाज को तो अपने ही प्रदेश में नागरिक का दर्जा तक नहीं था। योगी सरकार ने वनटांगिया के 38 गांवों को राजस्व गांव के रूप में बदला और इन्हें आजादी के बाद से पहली बार वोट देने का अधिकार मिला।

Tags: cm yogilive hindi newsLucknow NewsNational newsnews hindi todaynews in hindiTodays Newsup news
Previous Post

पीएम का निर्वाचन क्षेत्र वाराणसी आया देशभर में अव्वल

Next Post

एक फैसला जो जनता में सरकार की छवि को और बेहतर बनाएगा

Writer D

Writer D

Related Posts

Cow Protection
उत्तर प्रदेश

राष्ट्रशक्ति और आर्थिक समृद्धि का नया मॉडल बन रहा गो संरक्षण

22/05/2026
CM Dhami
Main Slider

मुख्यमंत्री धामी बोले-देवभूमि में सड़कों पर नमाज़ नहीं होने देंगे, कानून से ऊपर कोई नहीं

22/05/2026
Bhojshala
Main Slider

भोजशाला में 721 वर्ष बाद शुक्रवार को हुई महाआरती, वाग्देवी की प्रतिमा रखकर किया पूजन

22/05/2026
CM Yogi
Main Slider

सबकी समस्या का समाधान सरकार की प्राथमिकता: मुख्यमंत्री

22/05/2026
CM Yogi
Main Slider

बहन-बेटियों के साथ इज्जत से पेश आओ, वरना अगले चौराहे पर यमराज इंतजार करते मिलेंगे : योगी आदित्यनाथ

22/05/2026
Next Post

एक फैसला जो जनता में सरकार की छवि को और बेहतर बनाएगा

यह भी पढ़ें

नीतीश कुमार

राजद के नौकरी देने के झूठे वादे के चक्कर में न पड़ें : नीतीश

23/10/2020
Cut Fruits

कटे हुए फल लंबे समय तक फ्रेश रहेंगे, इस तरह करें स्टोर

09/02/2025
किरण मजूमदार शॉ

बायोकॉन की चेयर पर्सन किरण मजूमदार शॉ कोरोना पॉज़िटिव, खुद ट्वीट कर दी जानकारी

18/08/2020
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version