• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

बुलंदशहर : कटीले तार लगाकर अगड़ी-पिछली जातियों में बांट दिया श्मशान घाट, जांच के आदेश

Writer D by Writer D
19/02/2021
in Main Slider, उत्तर प्रदेश, क्राइम, ख़ास खबर, बुलंदशहर
0
Cremation ghat divided into two parts

Cremation ghat divided into two parts

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

बुलंदशहर । उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर के पहासू ब्लॉक के बनैल गांव  से सामने आया है। यहां श्मशान घाट को जाति के आधार पर बांट दिया गया है. जानकारी के अनुसार गांव में श्मशान घाट का निर्माण 2017 में किया गया था। पता चला कि कुछ समय बाद ही इसको दो हिस्सों में बांट दिया गया। बता दें ये गांव राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर संघचालक रहे राजेन्द्र सिंह उर्फ रज्जू भैया का पैतृक गांव होने के कारण चर्चित है।

पहासू के बनैल गांव के शमशान में इस तरह तारबंदी की गई है, जैसे ये दो देशों की सीमा हो। इस तारबंदी के एक तरफ अगड़ी जातियों के लोगों के शव जलाए जाते हैं, वहीं तार का दूसरा हिस्सा दलितों के लिए है। यानि बनैल गांव में बने इस शमशान में मुर्दे की जाति देखकर उसका अंतिम संस्कार किया जाता है।

बाबा रामदेव ने लॉंच की कोरोना की नई दवा, हर्षवर्धन-नितिन गडकरी भी मौजूद

ग्रामीण सचिन राघव, गौरव चौहान कहते हैं कि जातीय भेदभाव के चलते इस तरह तारबंदी किया जाना ग़लत है। मगर जब यहां तारबंदी की गई होगी उस वक्त किसी की ओर से इसका मुखर विरोध नहीं किया गया होगा। अगर किया गया होता तो बुलंदशहर के इस गांव से शायद ऐसी तस्वीर सामने नहीं आती।

उधर, संबंधित अधिकारी मामले में जांच कराने की बात कह रहे हैं। ग्राम प्रधान पति हरिओम राघव ने बताया कि सरकार ने शमशान स्थल सभी के लिए बनाए हैं। मामला मेरे कार्यकाल समाप्त होने के बाद का है। तारबंदी किसने कराई है। यह मुझे मालूम नहीं है।

उन्नाव केस: मृत मिली दोनों लड़कियों का अंतिम संस्कार आज, गांव में भरी सुरक्षाबल तैनात

इन्होंने कहा.

24 लाख की लागत से बने श्मशान स्थल पर किसी विशेष पक्ष का अधिकार नहीं है। यह सबके लिए है। इस मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को दे दी गयी है।

– कुलदीप, सेक्रेटरी ग्राम पंचायत बनैल

—- मामला अभी संज्ञान में आया है। इसकी जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।

–डा. घनश्याम, बीडीओ पहासू।

लेकिन सवाल ये है कि श्मशान की तारबंदी को तो प्रशासन ख़त्म करा सकता है, मगर समाज के कथित ठेकेदारों मस्तिष्क में घुला जातीय भेदभाव को सरकार और प्रशासनिक अधिकारी कैसे खत्म करा पाएंगे?

Tags: bulandshehr newscremation ghatcrime newsup news
Previous Post

बाबा रामदेव ने लॉंच की कोरोना की नई दवा, हर्षवर्धन-नितिन गडकरी भी मौजूद

Next Post

चीन ने पहली बार कबूला, गलवान की खूनी झड़प में उसके पांच सैनिकों की मौत

Writer D

Writer D

Related Posts

Jamun will give you glowing skin
Main Slider

स्किन की कई परेशानियों का इलाज है जामुन, ऐसे करें इस्तेमाल

15/05/2026
Vat Savitri Vrat
Main Slider

वट सावित्री व्रत में प्रेग्नेंट महिलाएं इन बातों का रखें ध्यान, वरना हो सकता है नुकसान

15/05/2026
Nautapa
धर्म

नौतपा में करें सूर्यदेव के इन मंत्रों का जाप, बनेंगे तरक्की और धन लाभ के योग

15/05/2026
Food
Main Slider

भोजन से जुड़ी ये घटनाएं देती हैं शुभ-अशुभ संकेत, जानें इनके बारे में

15/05/2026
vitamin-b12
Main Slider

गेहूं के आटे में मिलाएं ये एक चीज, दूर होगी Vitamin-B12 की कमी

15/05/2026
Next Post

चीन ने पहली बार कबूला, गलवान की खूनी झड़प में उसके पांच सैनिकों की मौत

यह भी पढ़ें

Shivaji Statue

शिवाजी की प्रतिमा बनाने वाला यूपी से गिरफ्तार

18/10/2024
IPL 2020

IPL 2020 : दिल्ली को हरा कर मुंबई छठी बार फाइनल में, 10 नवंबर में बनाएगी रिकॉर्ड

05/11/2020
Skanda Shashthi

स्कंद षष्ठी पर इन चीजों का लगाएं भोग, भगवान कार्तिकेय हर इच्छा करेंगे पूरी

03/02/2025
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version