लाइफ़स्टाइल डेस्क। पर्सनल हाइजीन हम सभी लोगों के लिए बेहद जरुरी है। बढ़ते संक्रमण को देखते हुए इस हाइजीन का ध्यान रखना और भी जरुरी हो गया है। आपको बता दें कि शोधकर्ताओं से पता चला है कि जिन लोगों की नाक गन्दी रहती है वे अन्य लोगों की तुलना में कोरोना का संक्रमण तेजी से फैलाते हैं। अमेरिका स्थित सेंटर फ्लोरिडा यूनिवर्सिटी में कोरोना पर की जा रही रिसर्च में यह बात सामने आई कि जिन लोगों के दांत, नाक और मुंह में लार बनती है उन्हें कोरोना का खतरा ज्यादा रहता है।
शोधकर्ताओं का कहना है कि जो लोग अपनी पर्सनल हाइजीन का ध्यान नहीं देते है तो ऐसे लोग सुपर स्प्रेडर की तरह कोरोना का वायरस स्वस्थ लोगों तक पहुंचाते है। वैज्ञानिक का कहना है कि जो अपनी नाक नहीं साफ रखते है छींक आने के दौरान नाक से निकले ड्रॉफलेट्स उनके मुंह और नाक के दबाव से दूर तक जाते हैं। जबकि जिन लोगों की नाक है उनके ड्रॉफलेट्स ज्यादा दूर तक नहीं जाते है।
इस शोध में सामने आया है कि कोरोना का संक्रमण फैलाने से जितनी भूमिका उन लोगों की होती है जिन लोगों की नाक गन्दी रहती है उसके साथ उतनी भूमिका उन लोगों की भी मानी गई है जिनके मुंह में लार ज्यादा बनती है। इसके साथ जिन लोगों के दांत काफी पतले होते हैं। कोरोना का खतरा इन लोगों में इसलिए ज्यादा होता है क्योकि छींकते समय मुंह की लार भी ड्रॉफलेट्स की तरह बाहर जाती है। आपको बता दें कि जिन लोगों में लार सामान्य मात्रा में बनती है उनके मुंह से निकले ड्रॉफलेट्स ज्यादा दूर तक नहीं जाते हैं।