• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

केंद्रीय मंत्री खट्टर से मिले शहरी विकास मंत्री डॉ. प्रेमचंद, राज्यहित में रखी मांगें

Writer D by Writer D
15/07/2024
in राजनीति, उत्तराखंड, राष्ट्रीय
0
Dr. Premchand Aggarwal-Manohar Lal Khattar

Dr. Premchand Aggarwal met Manohar Lal Khattar

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

देहरादून। शहरी विकास मंत्री डॉ. प्रेमचंद अग्रवाल (Dr. Premchand Aggarwal) ने सोमवार को केंद्रीय ऊर्जा व शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल खट्टर से मुलाकात की और राज्य हित में विभिन्न परियोजनाओं की स्वीकृति व अनुमोदन के लिए मांग पत्र सौंपा।

देहरादून में हुई मुलाकात के दौरान डॉ. अग्रवाल (Dr. Premchand Aggarwal) ने मांग पत्र के जरिए स्वच्छ भारत मिशन के लगभग 264 करोड़ की लागत के अंतर्गत शीशमबाडा में अवस्थित लिगेसी वेस्ट के निस्तारण के लिए 50 करोड़ की धनराशि, नगर निगम देहरादून, ऋषिकेश तथा काशीपुर में अवस्थित सी एण्ड डी वेस्ट के निस्तारण के लिए 21 करोड़ की धनराशि, जबकि नवगठित 13 नगर निकायों की प्रस्तावित ठोस अपशिष्ट प्रबंधन परियोजनाओं के लिए 193 करोड़ की धनराशि स्वीकृत करने का अनुरोध किया है।

मंत्री प्रेमचंद (Dr. Premchand Aggarwal)  ने मांग पत्र के जरिए कहा कि अमृत योजना लगभग 490.42 करोड़ के अंतर्गत राज्य के सात नगर निकाय जो अन्य योजना से आच्छादित नहीं हो पा रही हैं उन्होंने जल आपूर्ति से पूर्ण आच्छादित करने के लिए 490.42 करोड़ की अतिरिक्त धनराशि निर्गत किये जाने का अनुरोध है। डॉ. अग्रवाल ने बताया कि पूर्व निर्गत 46.35 करोड़ का उपयोगिता प्रमाण पत्र भारत सरकार को प्रेषित किया जा चुका है। उन्होंने द्वितीय किस्त 92.70 करोड़ की धनराशि निर्गत किये जाने का अनुरोध है।

डॉ. अग्रवाल (Dr. Premchand Aggarwal) ने कहा कि राज्य की 16 नगर निकायों में जलापूर्ति की परियोजनाओं को पूर्व में अन्य योजना से आच्छादित किया जाना प्रस्तावित था, परन्तु कतिपय कारणों से आच्छादित नहीं किया जा सका। उन्होंने वर्तमान में उक्त 16 नगर निकायों की परियोजनओं के लिए ईएपी/एडीबी के अंतर्गत 1089 करोड़ की वित्तीय सहायता प्रदान करने का अनुरोध है।

उन्होंने (Dr. Premchand Aggarwal) बताया कि लगभग 480 करोड़ की लागत से प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत स्व स्थाने मलिन बस्ती पुर्नविकास (ISSR) घटक में पीपीपी भागीदारों के लिए परियोजना को लागू करने के लिए मलिन बस्तियों की भूमि वित्तीय रूप से व्यवहार्य नहीं हो पा रही है। ऐसे में प्रति आवास निर्माण के लिए 4.00 लाख बढ़ाये जाने की आवश्यकता है।

डॉ. अग्रवाल (Dr. Premchand Aggarwal) ने बताया कि लाभार्थी आधारित निर्माण घटक में पहाड़ी क्षेत्रों में आवास निर्माण में लाभार्थी अंश (4.00-5.50 लाख रुपये) आता है, कम आय वाले लाभार्थियों (तीन लाख) के लिए आवास निर्माण कठिन हो रहा है जो परियोजना छोड़ने का कारण बन रहा है। भारत सरकार का अंश 1.50 लाख रुपये से बढ़ाकर 4. 00 लाख किये जाने का अनुरोध है, जिससे लाभार्थियों का बोझ कम हो सकता है और परियोजनाओं में तेजी आ सकती है।

मंत्री डॉ. अग्रवाल ने कहा कि उत्तराखंड की तीन नगर निकायों (गंगोत्री, बद्रीनाथ, केदारनाथ) जो चारधाम के मुख्यधाम है, को 15वें वित्त आयोग से अनुदान से आच्छादित नहीं किया गया है जिस कारण उक्त तीन निकायों के प्रशासन एवं संचालन में कठिनाई आ रही है। उन्होंने निकायों के कार्यालय भवन, कर्मचारियों के आवास एवं मूलभूत सुविधाओं के निर्माण विकास तथा रखरखाव में लिए 50 करोड़ की धनराशि प्रति निकाय को निर्गत किये जाने का अनुरोध है।

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का बड़ा आरोप, कहा- केदारनाथ से 228 किलो सोना गायब

डॉ. अग्रवाल ने बताया कि केन्द्रीय वित्त आयोग से नगर निकायों के अनुदान की गणना वास्तविक जनसंख्या के आधार पर की जाती है। जबकि राज्य में चलायमान जनसंख्या अत्याधिक होने के कारण नगर निकायों को बुनियादी सुविधाओं को देने में कठिनाई होती है। उन्होंने आगामी केन्द्रीय वित्त आयोग से अनुदान की गणना में चलायमान जनसंख्या पर विचार करते हुए अनुदान की गणना किये जाने का अनुरोध है।

मंत्री अग्रवाल ने बताया कि राज्य की कतिपय पर्वतीय निकायों द्वारा 15वें वित्त आयोग की अनुशंसा के अनुरुप सम्पति कर संग्रहण में बढ़ोतरी न होने के कारण आयोग द्वारा वर्ष 2024-25 से अनुदान धनराशि को रोक दिया गया है। उक्त निकायों की जनसंख्या एवं निवासरत परिवार की संख्या कम होने के कारण सम्पति कर के संग्रहण में बढ़ोतरी करने में निकाय सक्षम नहीं है। ऐसे में इन पर्वतीय छोटी निकायों के मूल भूत सुविधाओं के विकास के लिए अनुदान राशि निर्गत किये जाने का अनुरोध है।

Tags: cm dhamidehradun newsDr. Premchand Aggarwalmanohar lal khattarNational newsUttarakhand News
Previous Post

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का बड़ा आरोप, कहा- केदारनाथ से 228 किलो सोना गायब

Next Post

धामी सरकार की पहल, एचआईवी पीड़ितों को अब निकट के अस्पतालों में ही मिलेंगी दवाएं

Writer D

Writer D

Related Posts

Farmers
उत्तर प्रदेश

किसानों को बनाया यूपी की समृद्धि का भागीदार

18/02/2026
Tap Connections
उत्तर प्रदेश

प्यास की राजनीति से उबरा बुंदेलखंडः 98 प्रतिशत से अधिक घरों तक नल से जल

18/02/2026
CM Nayab Singh
राजनीति

डबल गोल्ड जीत देश का नाम रोशन कर लौटे खिलाड़ी, सीएम ने किया सम्मानित

18/02/2026
CM Nayab Singh Saini
राजनीति

सीएम सैनी ने उचाना में पांच परियोजनाओं का किया उद्घाटन और शिलान्यास

18/02/2026
CM Dhami
Main Slider

देर रात दून मेडिकल कॉलेज चिकित्सालय पहुंचे मुख्यमंत्री, व्यवस्थाओं का लिया जायजा

18/02/2026
Next Post
HIV

धामी सरकार की पहल, एचआईवी पीड़ितों को अब निकट के अस्पतालों में ही मिलेंगी दवाएं

यह भी पढ़ें

माताओं, बहनों के आशीर्वाद से मिलती है सकारात्मक प्रेरणा : CM पुष्कर धामी

19/08/2021
arrested

इनामी बदमाश आठ शातिर लुटेरे गिरफ्तार, आभूषण और अवैध हथियार बरामद

22/09/2021

प्रदेश के गांवों में मोबाइल पर अब बजेगी पानी की धुन

03/04/2022
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version