• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

पर्यावरण वैज्ञानिकों ने कहा संगम का जल स्नान योग्य

Writer D by Writer D
21/02/2025
in Mahakumbh 2025, Main Slider, उत्तर प्रदेश, प्रयागराज
0
Environmental scientists said the water of Sangam is suitable for bathing

Environmental scientists said the water of Sangam is suitable for bathing

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

महाकुम्भ नगर। महाकुम्भ (Maha Kumbh) में एक ओर देश-दुनिया के करोड़ों भक्त रोजाना त्रिवेणी संगम (Sangam) के पवित्र जल में स्नान करके खुद को धन्य मान रहे हैं, वहीं हाल ही में आई केंद्रीय प्रदूषण बोर्ड की एक रिपोर्ट ने लोगों के मन में संदेह पैदा कर दिया था। इसी संदेह को देखते हुए देश के प्रख्यात वैज्ञानिक गंगा जल में स्नान को लेकर आई रिपोर्ट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए एक तरफ उसे अपूर्ण बता रहे हैं, वहीं दूसरी ओर रिपोर्ट के अंशों को गलत ढंग के प्रसारित करने का संदेह जता रहे हैं। वैज्ञानिकों ने यह भी कहा कि नाइट्रेट और फॉस्फेट जैसे तत्वों का रिपोर्ट में उल्लेख नहीं है जो इसे अपूर्ण बनाती है। ऐसे में, केवल इस रिपोर्ट के आधार पर गंगा जल की गुणवत्ता पर सवाल उठाना ठीक नहीं रहेगा। वैज्ञानिकों ने संगम के जल को स्नान योग्य बताया है।

शुक्रवार को जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के पर्यावरण विज्ञान स्कूल के सहायक प्रोफेसर डॉ. अमित कुमार मिश्रा, इलाहाबाद विश्वविद्यालय के पर्यावरण विज्ञान केंद्र के प्रोफेसर उमेश कुमार सिंह तथा दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय के एसोसिएट प्रोफेसर आरके रंजन ने एकमत स्वर में कहा कि मौजूदा रिपोर्ट के आधार पर भी गंगा जल क्षारीय है, जो कि स्वस्थ जल निकाय का संकेत है। जल में घुलनशील ऑक्सीजन की मात्रा के आधार पर इसे स्नान योग्य ही माना जाएगा।

कोई नई बात नहीं है कोलीफॉर्म बैक्टीरिया

प्रयागराज के पानी में फेकल बैक्टीरिया के संदूषण की रिपोर्ट पर जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के पर्यावरण विज्ञान स्कूल के सहायक प्रोफेसर डॉ. अमित कुमार मिश्रा ने कहा कि हमें और अधिक डाटा सेट की आवश्यकता है। महाकुम्भ में बहुत बड़ी संख्या में लोग स्नान कर रहे हैं। अगर आप कोलीफॉर्म बैक्टीरिया की बात करें, तो यह कोई नई बात नहीं है। उनके अनुसार, अगर आप अमृत स्नान के चरम के डाटा को देखेंगे, तो आप पाएंगे कि उस समय ई.कोली बैक्टीरिया चरम पर होता है। इसलिए, निष्कर्ष रूप में, मैं कहूंगा कि हमें और अधिक डाटा सेट की आवश्यकता है। हमें और अधिक मापदंडों व अधिक निगरानी स्टेशनों की आवश्यकता है, खासकर धारा के नीचे।

स्नान के उद्देश्य से, 3 माइक्रोग्राम प्रति लीटर सुरक्षित है और हम कह सकते हैं कि पानी नहाने के लिए अच्छा है। लेकिन अगर आप संगम घाट के डाटा में बदलाव देखें, तो आप पाएंगे कि यह 3 के आसपास उतार-चढ़ाव कर रहा है। कभी-कभी, यह 4, 4.5 हो जाता है। इसलिए मैं कहूंगा कि घुलित ऑक्सीजन का स्तर जो हम देखते हैं वह एक बहुत ही स्वस्थ जल निकाय का संकेत है और साथ ही अगर आप पीएच रेंज देखें, तो वे सभी क्षारीय पानी है, जो कि अच्छा माना जाएगा।

पूरा नहीं है डाटा, नाइट्रेट और फॉस्फेट का उल्लेख नहीं

प्रयागराज के त्रिवेणी संगम (Sangam) में पानी की गुणवत्ता पर इलाहाबाद विश्वविद्यालय के पर्यावरण विज्ञान केंद्र के प्रोफेसर उमेश कुमार सिंह ने बताया कि कुछ दिन पहले, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने एक रिपोर्ट तैयार की, जिसमें पानी में फीकल कोलीफॉर्म (बैक्टीरिया) के बढ़े हुए स्तर की बात कही गई है। मेरा मानना है कि सीपीसीबी को रिपोर्ट पर और काम करने की ज़रूरत है, क्योंकि उनके पास पूरा डाटा नहीं है। उनके अनुसार, रिपोर्ट में नाइट्रेट और फॉस्फेट का स्तर गायब है।

महाकुम्भ में स्वच्छता के गढ़े जा रहे नए प्रतिमान, 14 हजार मीट्रिक टन सॉलिड वेस्ट हुआ निस्तारित

वहीं, रिपोर्ट में दिखाए गए अनुसार पानी में घुली ऑक्सीजन का स्तर अच्छा है। ऐसे में, मौजूदा डाटा के आधार पर, यह कहा जा सकता है कि त्रिवेणी संगम (Sangam) का पानी नहाने के लिए उपयुक्त है।

डाटा में काफी अंतर, ‘नहाने के लिए जल अनुपयुक्त’ कहना है जल्दबाजी

प्रयागराज के गंगाजल में फीकल बैक्टीरिया के संदूषण की रिपोर्ट पर, दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय के एसोसिएट प्रोफेसर आरके रंजन ने कहा कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के डाटा में काफ़ी अंतर है। यह निष्कर्ष निकालना कि पानी नहाने के लिए असुरक्षित है, दरअसल जल्दबाज़ी होगी।

प्रयागराज के पानी में नहाने के लिए सुरक्षित नहीं है, यह निष्कर्ष निकालने के लिए पर्याप्त डाटा नहीं है। ऐसा ही दावा गढ़मुक्तेश्वर, गाजीपुर, बक्सर और पटना को लेकर भी किया गया है। उनके अनुसार, ऐसा होने के कई कारण हो सकते हैं। इसके पीछे एक कारण यह भी है कि बड़ी संख्या में लोग एक ही पानी में नहाते हैं। यह भी मायने रखता है कि जल का नमूना कहां से और कब लिया गया है।

Tags: maha kumbh
Previous Post

नन्ही मुस्कानों के संग मुख्यमंत्री ने मनाया अपना जन्मदिन

Next Post

महाकुम्भ: महाशिवरात्रि के लिए बढ़ाई गई आपातकालीन चिकित्सा सुविधा

Writer D

Writer D

Related Posts

CM Yogi
उत्तर प्रदेश

योगी सरकार में ओबीसी छात्रों को मिला शिक्षा का मजबूत सहारा

16/07/2026
CM Yogi
उत्तर प्रदेश

रोबोटिक्स, AI और डीप टेक का अग्रणी केंद्र बनेगा उत्तर प्रदेश: मुख्यमंत्री योगी

16/07/2026
cm dhami
Main Slider

मुख्यमंत्री धामी ने वृद्ध जागेश्वर में की पूजा-अर्चना, प्रदेश की सुख-समृद्धि और जनकल्याण की कामना

16/07/2026
AK Sharma
उत्तर प्रदेश

आमजन की समस्याओं का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करें सुनिश्चित: एके शर्मा

16/07/2026
Loot
उत्तर प्रदेश

बिजली विभाग के जेई से लूट, कैश और दो मोबाइल लेकर चलते ऑटो से फेंका

16/07/2026
Next Post
Maha Kumbh

महाकुम्भ: महाशिवरात्रि के लिए बढ़ाई गई आपातकालीन चिकित्सा सुविधा

यह भी पढ़ें

MahaKumbh 2025

Mahakumbh 2025: सड़क मार्ग से प्रयागराज तक सुगम यात्रा का सपना होगा साकार

12/10/2024
corona

फिर हुई कोरोना की वापसी, इन शहरों में जारी हुआ रेड अलर्ट

07/03/2022
Chaitra Navratri

चैत्र नवरात्रि पर बन रहे हैं कई दुर्लभ संयोग, इन राशि वालों के खुलेंगे किस्मत के ताले!

23/03/2025
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version