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बांग्लादेश की पूर्व PM का निधन, एक दिन पहले ही भरा था नामांकन; PM मोदी ने जताया दुख

Khaleda Zia

Khaleda Zia

बांग्लादेश की पूर्व पीएम और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) की चेयरपर्सन बेगम खालिदा जिया (Khaleda Zia ) का आज मंगलवार सुबह लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। हालांकि एक दिन पहले ही खालिदा ने संसदीय चुनाव के लिए पर्चा भरा था। नामांकन पत्र जमा करने के अंतिम दिन उन्होंने 3 जगहों से पर्चा भरा था। देश में फरवरी में चुनाव कराए जाने हैं। पूर्व पीएम के बड़े बेटे और BNP के एक्टिंग चेयरमैन तारिक रहमान ने भी 2 सीटों पर पर्चा भरा है। भारत के पीएम नरेंद्र मोदी ने जिया खालिदा के निधन पर शोक व्यक्त किया है।

बेगम खालिदा ज़िया (Khaleda Zia ) और पार्टी के एक्टिंग चेयरमैन तारिक रहमान ने देश में 13वें नेशनल पार्लियामेंट्री चुनाव के लिए कुल 5 संसदीय सीटों से अपने पेपर जमा कराए थे।

PM मोदी ने जताया दुख

कल सोमवार को, नामांकन पत्र जमा करने का आखिरी दिन था, और खालिदा (Khaleda Zia ) की तरफ से संबंधित रिटर्निंग ऑफिसर के ऑफिस में उम्मीदवारी को लेकर पेपर कराए गए। तारिक रहमान के लिए 2 सीटों से अपने दावेदारी पेश की है। यहां पर 12 फरवरी को संसदीय चुनाव कराए जाने हैं।

पीएम नरेंद्र मोदी ने एक्स पोस्ट में लिखा, “ढाका में पूर्व प्रधानमंत्री और BNP चेयरपर्सन बेगम खालिदा जिया के निधन के बारे में जानकर बहुत दुख हुआ। उनके परिवार और बांग्लादेश के सभी लोगों के प्रति हमारी गहरी संवेदनाएं। ईश्वर उनके परिवार को इस दुख को सहने की शक्ति दे। बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री के तौर पर, बांग्लादेश के विकास के साथ-साथ भारत-बांग्लादेश संबंधों में उनके महत्वपूर्ण योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा।”

पीएम मोदी ने आगे लिखा, “मुझे 2015 में ढाका में उनसे हुई अपनी गर्मजोशी भरी मुलाकात याद है। हमें उम्मीद है कि उनकी सोच और विरासत हमारी साझेदारी को आगे भी राह दिखाती रहेगी। उनकी आत्मा को शांति मिले।”

बता दें कि बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) की प्रमुख खालिदा जिया 20 दिन से वेंटिलेटर पर थीं। खालिदा पिछले कई साल से सीने में इन्फेक्शन, लिवर, किडनी, डायबिटीज, गठिया और आंखों की परेशानी से जूझ रहीं थीं। उनके परिवार और पार्टी नेताओं ने निधन की पुष्टि की है। खालिदा पहली बार 1991 में बांग्लादेश की प्रधानमंत्री बनीं। देश की वह पहली महिला प्रधानमंत्री रहीं। इसके बाद उन्होंने 1996 और 2001 में बांग्लादेश के प्रधानमंत्री की कुर्सी संभाली।

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