• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

चार रिश्तेदार एक दिशा में तब ही चलते हैं, जब पांचवा कंधे पर हो- आचार्य चाणक्य

Desk by Desk
22/08/2020
in Main Slider, ख़ास खबर, फैशन/शैली, राष्ट्रीय
0
14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

लाइफ़स्टाइल डेस्क। आचार्य चाणक्य की नीतियां और विचार भले ही आपको थोड़े कठोर लगे लेकिन ये कठोरता ही जीवन की सच्चाई है। हम लोग भागदौड़ भरी जिंदगी में इन विचारों को भरे ही नजरअंदाज कर दें लेकिन ये वचन जीवन की हर कसौटी पर आपकी मदद करेंगे। आचार्य चाणक्य के इन्हीं विचारों में से आज हम एक और विचार का विश्लेषण करेंगे। आज का ये विचार जीवन की सच्चाई और रिश्तेदारों पर आधारित है।

‘चार रिश्तेदार एक दिशा में तब ही चलते हैं, जब पांचवा कंधे पर हो। पूरी जिंदगी हम इसी बात में गुजार देते हैं कि चार लोग क्या कहेंगे और अंत में चार लोग बस यही कहते हैं कि राम नाम सत्य है।’ आचार्य चाणक्य

आचार्य चाणक्य के इस कथन मतलब है जिंदगी भर मनुष्य अपने रिश्तेदारी निभाते हुए ही गुजार देता है। वो सभी रिश्तेदारों को एक ही दिशा में चलाने के बारे में विचार करता रहता है लेकिन ऐसा नहीं हो पाता। लेकिन चार रिश्तेदार तभी एक दिशा में चलते हैं जब पांचवा कंधे पर हो। चार लोग क्या कहेंगे क्या सोचेंगे और यही सोचते-सोचते जीवन बीत जाता है लेकिन आखिर में ये चार रिश्तेदार तभी एक दिशा में चलते हैं जब मनुष्य की अंतिम यात्रा हो।

जन्म लेते ही मनुष्य कई रिश्तों से जुड़ जाता है। माता-पिता और भाई बहन के अलावा कुछ और रिश्ते होते हैं जिनकी डोर बहुत नाजुक होती है। मनुष्य हमेशा किसी भी फैसले को लेने से पहले उन रिश्तेदारों के बारे में जरूर सोचता है। वो ये सोचता है कि लोग क्या कहेंगे, फिर चाहे वो फैसला उसकी खुद की जिंदगी से जुड़ा ही क्यों न हो।

यानी कि वो उस मौके की तलाश में रहते हैं जब आप पर कमेंट करने का मौका ढूंढे। फिर चाहे आपने उनके लिए कुछ भी क्यों न किया हो। इसलिए अच्छा तो यही है कि आप अपने माता-पिता और भाई बहन के अलावा बाकी क्या सोंचेगे और कहेंगे इस पर ध्यान न दें। ऐसा करके आप अपनी उन खुशियों को दांव पर लगा देते हैं जो आपके नसीब में है।

Tags: chanakya niti life lessonschanakya quoteschanakya storiesJeevan Mantrashort note on chanakyaचाणक्य नीतिचाणक्य ने अनमोल विचारजीवन मंत्रसफल जीवन के लिए फॉलो करें चाणक्य के विचार
Previous Post

उत्तर दिशा में काले रंग की कैंडलस लगाने से नहीं रहता कोई भय

Next Post

सात समंदर पार मैं तेरे… गाने सुन व्यक्ति ने ऐसे की नाव की सवारी

Desk

Desk

Related Posts

Eyes
फैशन/शैली

अपनी छोटी आंखों को बनाएं आकर्षक, इन टिप्स को करें फॉलो

17/05/2026
Garden
Main Slider

घर के गार्डन में घास-फूस हटाने के लिए आजमाए ये उपाय

17/05/2026
Love
Main Slider

प्यार के मामले में सबसे आगे होती है ये 4 राशि वाले, जानें कहीं आपकी राशि भी तो नहीं

17/05/2026
Puja Ghar
धर्म

पूजा घर में गलती से भी ना रखें ये चीजें, तरक्की में बन सकती है बाधा

17/05/2026
salt
खाना-खजाना

ज्यादा नमक ने बिगाड़ दिया खाने का जायका, ऐसे दूर करें ये समस्या

17/05/2026
Next Post
boating

सात समंदर पार मैं तेरे... गाने सुन व्यक्ति ने ऐसे की नाव की सवारी

यह भी पढ़ें

CM Yogi

सीएम योगी का बड़ा ऐलान, किसानों को मिलेगी पूरी बिजली

20/08/2022
Shani Amavasya

शनि अमावस्या आज, न्याय के देवता को प्रसन्न करने के लिए करें ये उपाय

29/03/2025
Song of Bhojpuri star Ravi Kishan's film 'Radhe' is shadowed on social media.

भोजपुरी स्टार रवि किशन की फिल्म ‘राधे’ का गाना सोशल मीडिया पर छाया

13/06/2021
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version