गणेश विसर्जन के दिन भूलकर भी ना करें ये गलतियां,रखें इन बातों का ध्यान

- in धर्म
ganpati visahjan

नई दिल्ली: गणेश उत्सव की भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी से शुरुआत होती है। गणेश चतुर्थी 13 सितम्बर 2018 से अंनत चतुर्दशी मतलब 23 सितंबर 2018 तक इसका उत्सव मनाया जाता है। जिस तरह से गणेश जी की स्थापना करते है ठीक उसी प्रकार काफी अच्छे से गणेश विसर्जन भी करते हैं।

 

ये भी पढ़ें:राशिफल : 22 सितंबर को कैसा रहेगा आपका दिन, इन बातों का रखें ध्यान 

कई लोग 5 दिन ,7 दिन या 9 दिन के लिए ही गणेश जी की स्थापना करते हैं तत्पश्चात उस प्रतिमा का विसर्जन कर देते हैं। विसर्जन के दौरान लोग अपने अंतरात्मा में कई प्रकार की मनोकामनाएं करते और गणेश जी का ध्यान लगाते है।

विसर्जन के लिए पूजा की विधि:

विसर्जन वाले दिन स्थापित गणेश जी की प्रतिमा को एक नई चौकी पर बिठाया जाता है। इसके बाद गणपति की विधिवत जल, सुपारी, पान, जनेऊ, दूर्वा, नारियल, लाल चंदन, धूप और अगरबत्ती से पूजा, अर्चना की जाती है। उसके बाद गणेश जो को मोदक का भोग लगाया जाता है क्यूंकि उन्हें मोदक अत्यंत प्रिय हैं और भजन,कीर्तन करते हुए विसर्जन के लिए प्रस्थान करते हैं।

ध्यान रखें इन बातों का:

गणेश जी के विसर्जन में इन बातों का अवश्य ध्यान रखना चाहिए की कोई भी व्यक्ति अपने शरीर पर काले रंग का वस्त्र धारण ना करें किसी भी प्रकार के नशे का सेवन नही होना चाहिए और यही नही किसी भी गलत शब्द का उच्चारण ना करें अन्यथा अगर इस तरह की किसी भी प्रकार की गतिविधियां होती है तो गजानन जी उस व्यक्ति पर अत्यधिक अप्रसन्न हो जाते हैं।
प्रथम पूज्य श्री गणेश जी विभिन्न नामो से पुकारे जाते है लंबोदर, व्रकतुंड, विघ्नहर्ता, मंगलमूर्ति से यही प्रार्थना करते है। हे गणपति बप्पा हमारे सभी दुखो का विनाश करें और अगले वर्ष आप फिर से जल्दी लौटे और उनसे यह भी प्रार्थना करते है की यदि हमसे कोई भूल हुयी हो तो उसे क्षमा करें ।उनके नाम का गुणगान करते हुए उनकी प्रतिमा का विसर्जन किया जाता है।

loading...
Loading...

You may also like

राशिफल : 24 अक्टूबर को कैसा रहेगा आपका दिन, इन बातों का रखें ध्यान

लखनऊ। 24 अक्टूबर को आपका दिन कैसा रहने वाला है