• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

कोरोना के कारण सरकार को बैंकों में नई पूंजी डालने की जरूरत नहीं

Desk by Desk
17/08/2020
in ख़ास खबर, राष्ट्रीय
0
14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

नई दिल्ली| रिजर्व बैंक की ओर से बैंकों को एकबारगी ऋण पुनर्गठन की अनुमति दिए जाने के बाद ऐसा माना जा रहा है कि बैंकों की अतिरिक्त धन की जरूरत कम हुई हैं और ऐसे में चालू वित्त वर्ष के दौरान सरकार को सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (पीएसबी) में नई पूंजी डालने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

गोरखपुर में नाबालिग से गैंगरेप, दरिंदों ने सिगरेट से दागा शरीर, आरोपी गिरफ्तार

उन्होंने कहा कि कर्ज की किस्तें चुकाने से दी गई छह महीने की छूट इस महीने समाप्त हो रही है। हालांकि, इसके बाद भी गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों (एनपीए) में अचानक से इजाफा नहीं होगा, क्योंकि अब इसके बाद ऋण का पुनर्गठन होने वाला है। ऋण पुनर्गठन वाले खातों के लिये अलग से प्रावधान करने की जरूरतें भी काफी कम हैं। हालांकि, अधिकांश सरकारी बैंकों ने चालू वित्त वर्ष में जरूरत के हिसाब से टिअर-1 और टिअर-2 बांड से पूंजी जुटाने की अग्रिम मंजूरियां ले ली हैं।

सूत्रों ने कहा कि इन सब के बाद भी यदि कुछ बैंकों को चालू वित्त वर्ष के अंत तक नियामकीय पूंजी जरूरतें होती हैं, तो सरकार यह वैसे ही मुहैया करायेगी जैसा पहले करा चुकी है। सरकार ने अर्थव्यवस्था को सहारा देने के उद्देश्य से ऋण वितरण में तेजी लाने के लिए 2019-20 में सरकारी बैंकों में 70 हजार करोड़ रुपये डाले थे।

पश्चिम बंगाल : शांतिनिकेतन की विश्वभारती यूनिवर्सिटी में बवाल, तोड़े गए कई ऐतिहासिक ढांचे

ऐसे में बैंक ऋण पुनर्गठन कार्यक्रम के जरिये किस्तें चुकाने की अवधि बढ़ाकर, ब्याज दरें घटाकर अथवा किस्तें चुकाने से राहत की अवधि को विस्तार देकर ऐसे खातों को बचा सकते हैं। अधिकारी ने कहा कि इन सब के बाद भी कुछ ऋण खाते एनपीए हो जायेंगे, खासकर वे खाते जो महामारी से पहले से ही चुनौतियों से जूझ रहे हैं। बैंक इस संकट का सामना करने की तैयारी कर रहे हैं।

Tags: Bank loandebt restructuringNirmala SitharamanNPARBIReserve Bank of Indiashaktikanta dasआरबीआईऋण पुनर्गठनएनपीएनिर्मला सीतारमणबैंक कर्जशक्तिकांत दास
Previous Post

पश्चिम बंगाल : शांतिनिकेतन की विश्वभारती यूनिवर्सिटी में बवाल, तोड़े गए कई ऐतिहासिक ढांचे

Next Post

वाहन उद्योग से लेकर चिकित्सा जगत में रोबोट का होगा व्यापक इस्तेमाल

Desk

Desk

Related Posts

Rabri Devi
बिहार

पटना के 10 सर्कुलर रोड आवास को लेकर बढ़ा विवाद, राबड़ी देवी बोलीं- किसी कीमत पर खाली नहीं करेंगे घर

30/05/2026
Murder
क्राइम

आरटीआई कार्यकर्ता सिमरनजीत सिंह की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या

30/05/2026
Nitin Nabeen
राजनीति

‘विकसित भारत 2047’ हर भारतीय का सपना बने: नितिन नवीन

30/05/2026
Ashish Chauhan
राजनीति

गंगा संरक्षण एवं स्वच्छता कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं: डीएम

30/05/2026
NDA- Passing out Parade
राजनीति

देश को मिलेंगे 355 जांबाज सैन्य अधिकारी, NDA के 150वें बैच की ऐतिहासिक पासिंग आउट परेड

30/05/2026
Next Post
robot

वाहन उद्योग से लेकर चिकित्सा जगत में रोबोट का होगा व्यापक इस्तेमाल

यह भी पढ़ें

hair

बाल रहेंगे सिल्की और शाइनी, आज़माएं ये घरेलू नुस्खे

09/03/2025
CM Yogi hoisted the flag on BJP Foundation Day

सीएम योगी और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने पार्टी स्थापना दिवस पर किया ध्वजारोहण

06/04/2023
CM Bhajanlal Sharma

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने किए मेहंदीपुर बालाजी के दर्शन

31/12/2024
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version