• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

सरकार वोडाफोन से लड़ाई हारने के बाद कानूनी विकल्पों पर कर रही है विचार

Desk by Desk
04/10/2020
in ख़ास खबर, राष्ट्रीय
0
vodafone

वोडाफ़ोन

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

नई दिल्ली| सरकार वोडाफोन के साथ बहुचर्चित अंतरराष्ट्रीय कर मध्यस्थता (पंचाट) मामले में लड़ाई हारने के बाद अब कानूनी विकल्प़ों पर विचार कर रही है। सिर्फ वोडाफोन ही नहीं, सरकार का केयर्न एनर्जी के साथ भी ऐसा ही मामला चल रहा है। सरकार इस मामले में भी फैसला खिलाफ जाने की स्थिति में विकल्पों पर विचार कर रही है, ताकि नुकसान को कम से कम किया जा सके।

पिछले महीने एक अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता अदालत ने व्यवस्था दी थी कि भारत सरकार द्वारा पुराने कर कानूनों के जरिये दूरसंचार क्षेत्र की दिग्गज कंपनी वोडाफोन से 22,100 करोड़ रुपये के कर के भुगतान की मांग करना ‘उचित और समान व्यवहार की गारंटी का उल्लंघन है। भारत और नीदरलैंड के बीच द्विपक्षीय निवेश संरक्षण करार के तहत यह गारंटी दी गई है।

कैटरीना कैफ से मिलने उनके घर पहुंचे विक्की कौशल

वित्त मंत्रालय के सूत्रों ने कहा कि सरकार सिंगापुर में एक अदालत के समक्ष इस फैसले को चुनौती देने पर विचार कर रही है। इसके बारे में सरकार कानूनी राय लेकर फैसला करेगी।  इस मामले में लागत काफी सीमित है। सरकार को वोडाफोन को कानूनी लागत के रूप में सिर्फ 85 करोड़ रुपये देने होंगे। हालांकि, सरकार ब्रिटेन की केयर्न एनर्जी पीएलसी से संबंधित एक अलग मध्यस्थता मामले को लेकर भी विचार कर रही है।

यदि कोई अलग मध्यस्थता पैनल पुराने कानूनों के जरिये 10,247 करोड़ रुपये की मांग को गैरकानूनी ठहराता है, तो सरकार को केयर्न को डेढ़ अरब डॉलर या 11,000 करोड़ रुपये देने होंगे। यह राशि केयर्न के उन शेयरों के मूल्य के बराबर होगी, जो सरकार ने कर वसूली के लिए बेचे थे। इसमें लाभांश और जब्त कर रिफंड भी शामिल है।

Tags: arbitrationCairn Energyinternational arbitration courtinternational tax arbitrationModi governmentVodafoneअंतरराष्ट्रीय कर मध्यस्थताअंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता अदालतइनकम टैक्सकेयर्न एनर्जीपंचाटमोदी सरकाररेट्रोस्पेक्टिव टैक्स का केसवोडाफ़ोन
Previous Post

कैटरीना कैफ से मिलने उनके घर पहुंचे विक्की कौशल

Next Post

कोरोना के कारण दिल्ली में 31 अक्टूबर तक बंद रहेंगे स्कूल

Desk

Desk

Related Posts

Niti Extreme Ultra Run
Main Slider

नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन : फिट इंडिया और सीमांत पर्यटन को नई उड़ान देने की पहल

31/05/2026
Main Slider

मुख्यमंत्री ने बालिकाओं के साथ प्रधानमंत्री के मन की बात के 134 वें संस्करण को सुना

31/05/2026
Main Slider

विकसित भारत 2047 के निर्माण में उच्च शिक्षा की अहम भूमिका : पुष्कर सिंह धामी

31/05/2026
Rabri Devi
बिहार

पटना के 10 सर्कुलर रोड आवास को लेकर बढ़ा विवाद, राबड़ी देवी बोलीं- किसी कीमत पर खाली नहीं करेंगे घर

30/05/2026
Murder
क्राइम

आरटीआई कार्यकर्ता सिमरनजीत सिंह की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या

30/05/2026
Next Post

कोरोना के कारण दिल्ली में 31 अक्टूबर तक बंद रहेंगे स्कूल

यह भी पढ़ें

Corona

इस देश में कोरोना की पांचवी लहर की शुरुआत, स्वास्थ्य मंत्री ने बताया पहले से खतरनाक

11/11/2021
Budh Dev

ग्रहों के राजकुमार होने जा रहे है मार्गी, इन राशि वालों की होगी बल्ले-बल्ले

08/08/2025
nakul dubey

‘हाथी’ से उतर कर नकुल दुबे ने पकड़ा ‘हाथ’, बीएसपी से हुए थे निष्कासित

26/05/2022
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version